दिल्ली के नजफगढ़ स्थित ओल्ड रोशनपुरा इलाके में हुई खूनी झड़प का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। यहाँ 15 अक्टूबर की रात हुई चाकूबाजी की घटना में गंभीर रूप से घायल हुईं सीमा ऋषि ने 17 अक्टूबर को अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हिंसक झड़प में उनके पति कमल ऋषि भी जख्मी हो गए थे, जिनका अस्पताल में उपचार कराया गया।
घटना की शुरुआत और पुलिस कार्रवाई
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 15 अक्टूबर की रात करीब 11:49 बजे ओल्ड रोशनपुरा में मकान नंबर 121 के नजदीक चाकू से हमले की एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और हालात का जायजा लिया। इसके बाद कमल ऋषि की औपचारिक शिकायत के आधार पर थाना नजफगढ़ में एफआईआर नंबर 476/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सतीश लांबा को अगले ही दिन यानी 16 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया।
दूसरे पक्ष के आरोप और काउंटर केस
जांच के दौरान पुलिस के सामने यह तथ्य आया कि इस आपसी झगड़े में दूसरे पक्ष का सतीश लांबा भी घायल हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसे पहले आरटीआरएम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल और फिर सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
सतीश लांबा ने पुलिस को दिए अपने बयान में आरोप लगाया कि 15 अक्टूबर की रात लगभग 11:15 बजे वह अपने कुछ दोस्तों के साथ ओल्ड रोशनपुरा के मुख्य चौक पर खड़ा था। उसी दौरान कमल ऋषि का बेटा ध्रुव ऋषि अपने साथियों अफजल और देव बख्शी के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहाँ पहुँचा। सतीश का दावा है कि किसी बात को लेकर हुई कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और ध्रुव ऋषि ने उस पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी जांघ पर गंभीर चोट आई। सतीश की इस शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने ध्रुव ऋषि और उसके दोनों दोस्तों के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।
राजधानी में बढ़ते हिंसक अपराध
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आए दिन चाकूबाजी और हत्या की वारदातें सामने आ रही हैं, जिससे कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। नजफगढ़ की इस घटना से ठीक पहले कालकाजी इलाके में एक प्रॉपर्टी डीलर बंटी घड़ियाल की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया था। उस घटना में मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि बंटी की निर्ममता से पिटाई कर जान ली गई है।
इससे भी कुछ समय पहले पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में एक सनसनीखेज वारदात हुई थी, जहाँ 10 सितंबर की रात सरेआम चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर एक युवक की हत्या कर दी गई थी। मृत युवक की पहचान वंश के रूप में हुई थी। उस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया था। दिल्ली में लगातार बढ़ रहे इन आपराधिक मामलों और हिंसक वारदातों के कारण स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।






















