जापान के नागोया शहर में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में भारतीय एथलीटों ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है। प्रतियोगिता के दौरान महिलाओं की 1500 मीटर टी12-टी13 स्पर्धा में भारत की सौम्या ने बेहतरीन दौड़ लगाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनके साथ ही हमवतन राधा वेंकटेश ने भी इस स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक पर कब्जा जमाया। इस तरह भारत की झोली में एक ही स्पर्धा से दो बड़े पदक आ गए, जिससे पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई है।
शानदार टाइमिंग और कड़ा मुकाबला
ट्रैक पर अपनी फिटनेस और गति का बेहतरीन परिचय देते हुए सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड का समय लिया और पहले स्थान पर रहीं। वहीं दूसरी ओर, राधा वेंकटेश ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड में अपनी दौड़ पूरी कर रजत पदक हासिल किया। इन दोनों भारतीय खिलाड़ियों के अलावा जापान की माना सासाकी ने इस स्पर्धा में तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के दौरान दोनों भारतीय एथलीटों का तालमेल और उनकी दौड़ने की क्षमता देखने लायक थी।
गाइड्स की अहम भूमिका और स्पर्धा का स्वरूप
दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए आयोजित इस प्रतिष्ठित स्पर्धा में सौम्या के साथ कुमार भरत ने गाइड की भूमिका निभाई, जबकि राधा वेंकटेश के साथ गोविंद सोलंकी ने उनका मार्गदर्शन किया। खेलों के नियमों के अनुसार टी11 से टी13 तक की श्रेणियां दृष्टिबाधित एथलीटों के लिए निर्धारित होती हैं। टी11 वर्ग में वे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जिन्हें बिल्कुल दिखाई नहीं देता या जो पूरी तरह दृष्टिहीन होते हैं। इसके विपरीत, टी13 वर्ग में गंभीर दृष्टिबाधिता वाले खिलाड़ी भाग लेते हैं, जबकि टी12 वर्ग इन दोनों श्रेणियों के बीच की स्थिति को दर्शाता है।
पदकों की झड़ी और अन्य मुकाबले
इस प्रतिष्ठित महाकुंभ में भारतीय पैरा एथलीटों ने पहले ही दिन से बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए हैं। जैवलिन थ्रो और लॉन्ग जंप जैसी स्पर्धाओं में भी देश के खिलाड़ियों ने शानदार सफलता हासिल की है। रिंकू और अजीत ने जैवलिन थ्रो में देश को पदक दिलाए, जबकि निषाद कुमार ने लॉन्ग जंप में स्वर्णिम सफलता हासिल की। नागोया में हो रहे इन खेलों में भारतीय दल की यह शुरुआत बेहद उत्साहजनक मानी जा रही है।



















