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मानसून में अनाज खराब होने से रोकने के लिए घर पर आजमाएं दादी-नानी के ये नुस्खेDIY
4 जुल॰ 2026, 5:24 am (45 दिन पहले)· 2

मानसून में अनाज खराब होने से रोकने के लिए घर पर आजमाएं दादी-नानी के ये नुस्खे

बारिश के मौसम में हवा की नमी से घर में रखा गेहूं सीलन, घुन और फफूंदी की चपेट में आ सकता है, लेकिन नीम की पत्तियां, तेजपत्ता, कपूर जैसे पुराने देसी नुस्खे और थोड़ी सी सतर्कता अपनाकर इसे महीनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

बरसात का मौसम आते ही घरों में सालभर के लिए स्टोर करके रखा गेहूं मुसीबत खड़ी करने लगता है। हवा में नमी बढ़ने और लगातार बारिश की वजह से अनाज में सीलन आने लगती है, और अगर वक्त रहते ध्यान न दिया जाए तो घुन, फफूंदी और तरह-तरह के कीड़े पूरे गेहूं को बर्बाद कर सकते हैं। ऐसे में कुछ पुराने, आजमाए हुए देसी तरीके अपनाकर न सिर्फ अनाज को महीनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि जेब पर पड़ने वाली भारी चोट से भी बचा जा सकता है।

बारिश में गेहूं में सीलन क्यों आती है

मानसून के दिनों में वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है। यही नमी धीरे-धीरे स्टोर किए गए गेहूं के अंदर तक पहुंच जाती है और उसे सीला बना देती है। एक बार अनाज में सीलन आ जाए तो उसमें फफूंदी लगने, घुन पड़ने और अजीब बदबू आने का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। कई बार शुरुआत में यह नुकसान इतना मामूली दिखता है कि लोग ध्यान ही नहीं देते, और जब तक पता चलता है, तब तक काफी मात्रा में अनाज खराब हो चुका होता है। यही वजह है कि हर घर में सालभर के लिए जमा किया गया गेहूं इस मौसम में खास देखभाल मांगता है।

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नीम के पत्ते, तेजपत्ता और कपूर से मिलेगा फायदा

गेहूं को कीड़ों और घुन से बचाने के लिए घर-घर में बरसों से इस्तेमाल होने वाला एक आसान तरीका है, सूखी नीम की पत्तियों को अनाज के बीच-बीच में मिला देना। नीम की पत्तियां कीड़ों को दूर रखती हैं और इससे गेहूं महीनों तक ठीक बना रहता है। इसी तरह तेजपत्ता, सूखी लाल मिर्च या कपूर की कुछ गोलियां किसी पतले कपड़े में बांधकर गेहूं के डिब्बे या ड्रम में रख देने से भी कीड़े पास नहीं फटकते। सबसे बड़ी बात यह है कि इन देसी तरीकों में किसी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए न तो गेहूं का स्वाद बिगड़ता है और न ही परिवार की सेहत पर कोई बुरा असर पड़ता है। यही वजह है कि आज भी शहरों और गांवों में यह तरीके पहली पसंद बने हुए हैं।

जहां गेहूं रखा है, उस जगह की सफाई भी उतनी ही जरूरी

सिर्फ अनाज पर ध्यान देना काफी नहीं है, जिस कमरे या गोदाम में गेहूं रखा गया है, उसकी हालत पर भी लगातार नजर रखनी होगी। स्टोर रूम में कहीं से पानी न टपके, दीवारों या फर्श पर सीलन न हो और आसपास गंदगी बिल्कुल न रहे, यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। अगर कमरे में नमी ज्यादा महसूस हो तो समय-समय पर खिड़की दरवाजे खोलकर हवा का आना-जाना बनाए रखना चाहिए। साथ ही गेहूं के ड्रम को सीधे फर्श पर रखने की बजाय लकड़ी के तख्ते या किसी स्टैंड पर रखा जाए, ताकि फर्श की नमी अनाज तक न पहुंचे और वह लंबे समय तक खराब होने से बचा रहे।

महीने में एक बार जांच करना न भूलें

मानसून के पूरे सीजन में कम से कम एक बार गेहूं की जांच जरूर करनी चाहिए। जरा सी भी सीलन, अजीब बदबू, घुन या फफूंदी का निशान दिखते ही गेहूं को तुरंत निकालकर तेज धूप में अच्छी तरह सुखाना चाहिए। इसके बाद उसे साफ और पूरी तरह सूखे बर्तन में भरकर दोबारा सुरक्षित जगह पर रख देना चाहिए। कई घरों में एक बार गेहूं भरने के बाद पूरे मौसम उसकी सुध ही नहीं ली जाती, जिससे नुकसान और बढ़ जाता है। समय-समय पर की गई यह छोटी सी जांच शुरुआत में ही गड़बड़ी पकड़ लेती है और पूरा अनाज बर्बाद होने से बच जाता है।

थोड़ी सतर्कता से बचेगा पैसा और मेहनत दोनों

बारिश के मौसम में थोड़ी सी सावधानी और यह पुराने जमाने के देसी नुस्खे अपनाकर घर में रखा गेहूं आसानी से महीनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है। इससे अनाज की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है और परिवार को पूरे साल साफ, ताजा गेहूं मिलता रहता है। साथ ही बार-बार नया गेहूं खरीदने की नौबत नहीं आती, जिससे घर के बजट पर भी अच्छा असर पड़ता है। इसलिए मानसून में गेहूं के भंडारण को हल्के में न लें, ताकि मेहनत और पैसों से खरीदा गया अनाज सुरक्षित रहे और किसी तरह का नुकसान न झेलना पड़े।

सवाल-जवाब

बारिश के मौसम में गेहूं में सीलन क्यों आ जाती है?
मानसून में हवा में नमी बढ़ने से स्टोर किए गए गेहूं में धीरे-धीरे नमी घुस जाती है, जिससे सीलन, घुन और फफूंदी लगने का खतरा बढ़ जाता है।
गेहूं को कीड़ों से बचाने के लिए कौन से देसी उपाय अपनाए जा सकते हैं?
सूखी नीम की पत्तियां अनाज में मिलाना, और तेजपत्ता, सूखी लाल मिर्च या कपूर की गोलियां कपड़े में बांधकर रखना, ये सब कीड़ों और घुन को दूर रखते हैं।
गेहूं के ड्रम को कहां रखना सही रहता है?
गेहूं के ड्रम को सीधे फर्श पर रखने की बजाय लकड़ी के तख्ते या स्टैंड पर रखना चाहिए ताकि फर्श से आने वाली नमी अनाज तक न पहुंचे।
गेहूं की जांच कितनी बार करनी चाहिए?
मानसून के पूरे मौसम में कम से कम महीने में एक बार गेहूं की जांच जरूर करनी चाहिए।
अगर गेहूं में सीलन या फफूंदी दिख जाए तो क्या करना चाहिए?
गेहूं को तुरंत निकालकर तेज धूप में अच्छी तरह सुखाएं और फिर उसे साफ, पूरी तरह सूखे बर्तन में भरकर सुरक्षित जगह रखें।
क्या इन देसी उपायों में कोई केमिकल इस्तेमाल होता है?
नहीं, नीम, तेजपत्ता और कपूर जैसे यह उपाय पूरी तरह प्राकृतिक हैं और इनसे गेहूं के स्वाद या परिवार की सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता।
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