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नागौर के जारोड़ा में प्रिंसिपल का ट्रांसफर रद्द करने की मांग तेज, 3 महीने की मोहलत भी ठुकराकर ग्रामीणों और छात्रों ने स्कूल पर ताला जड़ाशिक्षा
20 अग॰ 2026, 2:25 pm (68 दिन पहले)· 2

नागौर के जारोड़ा में प्रिंसिपल का ट्रांसफर रद्द करने की मांग तेज, 3 महीने की मोहलत भी ठुकराकर ग्रामीणों और छात्रों ने स्कूल पर ताला जड़ा

प्रधानाचार्य मोहम्मद अख्तर नदीम के तबादले के विरोध में ग्रामीणों और छात्रों ने जारोड़ा पीएम श्री स्कूल के मुख्य द्वार पर लगातार दूसरे दिन ताला जड़ा और परीक्षाओं का बहिष्कार किया। प्रशासन के तीन महीने रिलीव न करने के आश्वासन को खारिज कर प्रदर्शनकारी पूर्ण निरस्तीकरण की मांग पर अड़े हैं।

नागौर जिले के मेड़ता उपखंड क्षेत्र में स्थित जारोड़ा गांव के पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहम्मद अख्तर नदीम के स्थानांतरण आदेश को रद्द कराने की मांग को लेकर विद्यार्थियों और ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। दूसरे दिन भी आक्रोशित लोगों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और विरोध जताया। शिक्षा विभाग और राज्य सरकार के रुख से नाराज ग्रामीणों के कड़े रुख के कारण यह प्रदर्शन अब अनिश्चितकालीन आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।

परीक्षाओं का पूर्ण बहिष्कार और प्रशासनिक संकट

स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़े होने के कारण शैक्षणिक कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। सबसे बड़ा असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है क्योंकि विद्यार्थियों ने जारी द्वितीय परख परीक्षा का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया है। परीक्षा प्रक्रिया रुकने से शिक्षा विभाग के सामने एक बड़ा प्रशासनिक संकट खड़ा हो गया है। प्रदेश के चुनिंदा 10 पीएम श्री विद्यालयों में शामिल जारोड़ा के इस स्कूल में लगातार दूसरी बार तालाबंदी की घटना हुई है, जिससे यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम और विवाद से स्थानीय मेड़ता विधायक ने पूरी तरह दूरी बना रखी है।

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प्रशासन की समझाइश और तीन महीने का आश्वासन खारिज

स्थिति गंभीर होते देख प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। बुधवार दोपहर को उपखंड अधिकारी सुनील चौधरी और पुलिस उपाधीक्षक रामकरण मलिंडा जारोड़ा गांव स्थित स्कूल परिसर में पहुंचे। अधिकारियों ने जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों से वार्ता करने के बाद प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने ग्रामीणों और विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि प्रधानाचार्य मोहम्मद अख्तर नदीम को अगले तीन महीने तक इस विद्यालय से रिलीव नहीं किया जाएगा। हालांकि, आंदोलनकारी इस अस्थाई राहत से संतुष्ट नहीं हुए और स्थानांतरण आदेश को स्थायी रूप से रद्द करने की मांग पर अड़े रहे। इसके चलते प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई।

अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान और बीच के रास्ते की तलाश

आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी तरह के अस्थाई समझौते को स्वीकार नहीं करेंगे। ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं का कहना है कि जब तक राजस्थान राज्य सरकार और शिक्षा विभाग प्रधानाचार्य का तबादला आदेश पूरी तरह वापस नहीं लेता, तब तक स्कूल का ताला नहीं खोला जाएगा। उनका धरना और विरोध प्रदर्शन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। वार्ता विफल होने के बाद अब स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी पूरे मामले की रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजने की तैयारी कर रहे हैं ताकि शासन स्तर से इस समस्या का कोई सर्वमान्य समाधान निकाला जा सके।

सवाल-जवाब

नागौर के जारोड़ा में ग्रामीण और छात्र विरोध प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
जारोड़ा स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहम्मद अख्तर नदीम का स्थानांतरण आदेश रद्द करने की मांग को लेकर ग्रामीण और छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
स्कूल में विरोध प्रदर्शन के कारण किस परीक्षा पर असर पड़ा है?
विद्यार्थियों द्वारा स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगाए जाने के कारण जारी द्वितीय परख (सेकंड टेस्ट) परीक्षा का पूरी तरह से बहिष्कार हो गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को क्या आश्वासन दिया था?
एसडीएम सुनील चौधरी और डीएसपी रामकरण मलिंडा ने वार्ता के दौरान आश्वासन दिया कि प्रधानाचार्य को अगले 3 महीने तक रिलीव नहीं किया जाएगा।
क्या ग्रामीणों ने प्रशासन का 3 महीने का आश्वासन स्वीकार किया?
नहीं, ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने 3 महीने के अस्थाई आश्वासन को खारिज कर दिया और केवल तबादला आदेश पूरी तरह रद्द करने की मांग पर अड़े रहे।
वार्ता विफल होने के बाद ग्रामीणों ने क्या फैसला लिया है?
वार्ता बेनतीजा रहने के बाद ग्रामीणों और छात्रों ने घोषणा की है कि मांग पूरी होने तक स्कूल में ताला लगा रहेगा और अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
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