त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने टाउन बरदौली विधानसभा क्षेत्र के मेधावी छात्रों को सम्मानित करते हुए कहा कि किसी भी छात्र के लिए सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनना जरूरी है, उसके बाद ही पढ़ाई में मिली सफलता असली मायने रखती है।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा
समारोह में मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि सिर्फ अच्छे नंबर लाना काफी नहीं है, छात्रों में सही मूल्यों और संस्कारों का होना उतना ही जरूरी है। उन्होंने छात्रों से कहा कि शिक्षा का असली मकसद सिर्फ डिग्री या रैंक हासिल करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनना है।
टाउन बरदौली में सम्मान समारोह
यह कार्यक्रम त्रिपुरा के टाउन बरदौली विधानसभा क्षेत्र में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री साहा ने क्षेत्र के मेधावी छात्रों को प्रमाण पत्र देकर उनकी मेहनत की सराहना की। उन्होंने छात्रों को आगे भी पढ़ाई और अच्छे आचरण दोनों पर बराबर ध्यान देने की सलाह दी।
देशभर में शिक्षा को लेकर बहस
मुख्यमंत्री साहा का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश के कई शिक्षाविद इसी तरह के विचार सामने रख रहे हैं। अपीजय एजुकेशन की चेयरमैन सुषमा पॉल बर्लिया ने भी कहा है कि स्कूलों का मकसद सिर्फ टॉपर बनाना नहीं बल्कि अच्छे इंसान तैयार करना होना चाहिए। एक अन्य टिप्पणी में भी अच्छे इंसान गढ़ने को शिक्षा की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया गया, जबकि अकादमिक उपलब्धि को इसका उप-परिणाम भर माना गया। मुंधे ने भी हाल में कहा कि छात्रों की असली प्रतिस्पर्धा दूसरों से नहीं बल्कि खुद से होनी चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में यह बहस भी तेज हुई है कि छात्रों को किन कौशलों की जरूरत है ताकि वे मशीनों से अलग बने रहें, और कई विशेषज्ञों का मानना है कि इंसानी सोच-समझ अब भी एआई पर भारी पड़ती है।




















