मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बना चुका सीकर शहर अब डॉक्टरी की उच्च शिक्षा के लिए भी युवाओं का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। राजस्थान नीट-यूजी काउंसलिंग के प्रथम राउंड का प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट जारी होने के बाद सामने आए आंकड़ों से यह स्पष्ट हुआ है कि राज्य के भावी डॉक्टर अब सीकर में रहकर ही अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। शहर का अनुकूल शैक्षणिक वातावरण, उच्चस्तरीय कोचिंग संस्थानों की उपस्थिति और लगातार सुधरती चिकित्सा सुविधाओं के चलते राज्यभर से अभ्यर्थी सीकर का रुख कर रहे हैं।
पुराने राजकीय कॉलेजों को पछाड़कर सीकर मेडिकल कॉलेज ने बनाई बढ़त
काउंसलिंग के रुझानों में जयपुर स्थित एसएमएस मेडिकल कॉलेज राज्य के अभ्यर्थियों की पहली पसंद बना हुआ है। वहीं सीकर मेडिकल कॉलेज अपनी श्रेणी में दूसरे स्थान पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने में सफल रहा है। अलॉटमेंट प्रक्रिया के दौरान सीकर मेडिकल कॉलेज ने राजमेस के कई पुराने मेडिकल संस्थानों को कटऑफ और प्राथमिकता के मामले में पीछे छोड़ दिया। इसके विपरीत जैसलमेर, बांसवाड़ा और बारां में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज विद्यार्थियों की पसंद तालिका में अपेक्षाकृत निचले पायदानों पर रहे। सीकर की जयपुर से नजदीकी और देश के विभिन्न हिस्सों से बेहतर यातायात संपर्क व्यवस्था भी यहां के मेडिकल कॉलेजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।
सीट आवंटन का गणित और 85 प्रतिशत स्टेट कोटा का ब्योरा
विशेषज्ञ विनोद वर्मा के अनुसार राजस्थान नीट-यूजी एडमिशन काउंसलिंग बोर्ड ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध 85 प्रतिशत स्टेट कोटा सीटों और निजी मेडिकल कॉलेजों की 100 प्रतिशत सीटों के लिए प्रोविजनल अलॉटमेंट परिणाम जारी किए हैं। प्रथम चरण की इस अलॉटमेंट प्रक्रिया में विभिन्न आरक्षित एवं अनारक्षित श्रेणियों के तहत विद्यार्थियों को सीटें आवंटित की गई हैं। काउंसलिंग के इन नतीजों ने साबित कर दिया है कि सीकर अब केवल कोचिंग तक सीमित न रहकर मेडिकल डिग्री हासिल करने का भी एक मजबूत विकल्प बन गया है।
निजी क्षेत्र के प्रिंस मेडिकल कॉलेज में दिखा अभ्यर्थियों का भारी रुझान
सीकर के प्रथम निजी मेडिकल कॉलेज प्रिंस मेडिकल कॉलेज को लेकर भी अभ्यर्थियों में भारी उत्साह देखा गया। विशेषज्ञ आंकलन के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर 520 अंक और 65,657 रैंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों ने भी प्रिंस मेडिकल कॉलेज को अपनी प्राथमिकता सूची में शामिल किया। संस्थान के चेयरमैन डॉ. पीयूष सुण्डा ने बताया कि कॉलेज की ओपन श्रेणी समेत सभी संकायों की सीटों को विद्यार्थियों ने अपनी शीर्ष च्वाइस के रूप में भरा है, जो इस नए संस्थान की साख को दर्शाता है।
शुल्क जमा कराने की अंतिम तिथि और अनिवार्य दस्तावेज सत्यापन
राजस्थान नीट-यूजी काउंसलिंग के तहत जिन अभ्यर्थियों को सीटें आवंटित हुई हैं, उन्हें तय समय सीमा में अपनी प्रवेश प्रक्रिया संपन्न करनी होगी। अलॉटमेंट प्राप्त अभ्यर्थियों को 5 सितंबर तक प्रथम वर्ष की निर्धारित ट्यूशन फीस जमा करानी होगी। फीस जमा करने के पश्चात विद्यार्थियों को एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर के एकेडमिक ब्लॉक में उपस्थित होकर अपने मूल शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत दस्तावेजों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही ऑल इंडिया कोटा की ऑनलाइन और फिजिकल रिपोर्टिंग का भी आज अंतिम अवसर उपलब्ध कराया गया है।
कल्याण अस्पताल का क्लीनिकल एक्सपोजर और शहरों से कनेक्टिविटी
सीकर में मेडिकल शिक्षा के बढ़ते ग्राफ के पीछे कल्याण अस्पताल की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। सीकर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध यह अस्पताल पूरे शेखावाटी क्षेत्र का सबसे बड़ा और प्रमुख चिकित्सा केंद्र है। अस्पताल में रोजाना आने वाले मरीजों की भारी संख्या और विविध चिकित्सा सेवाओं के कारण एमबीबीएस छात्रों को बेहतरीन क्लीनिकल एक्सपोजर प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त जयपुर, दिल्ली और अन्य महानगरों से सीधी कनेक्टिविटी होने के कारण छात्र सीकर को अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक मान रहे हैं।



















