हिंदी सिनेमा जगत में खौफ और ठहाकों का मिश्रण हमेशा से ही सिनेप्रेमियों को आकर्षित करता आया है, लेकिन मैडॉक फिल्म्स ने इस जॉनर को एक बिल्कुल ही अलग मुकाम पर ला खड़ा किया है। निर्माता दिनेश विजान के मार्गदर्शन में तैयार हुआ यह खास सिनेमाई ब्रह्मांड अब बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बना चुका है और देश की सबसे बड़ी कामयाब फ्रेंचाइजी में शुमार होता है। यदि आपको रोमांच, भरपूर मनोरंजन और हैरान करने वाले मोड़ों से भरा सिनेमा पसंद है, तो इस सीरीज की पांच चुनिंदा प्रस्तुतियां आपकी अगली फिल्म सूची का हिस्सा जरूर बननी चाहिए। इनमें से एक मूवी तो कमाई के तमाम रिकॉर्ड तोड़ते हुए इतिहास रच चुकी है।
स्त्री (2018)
अमर कौशिक के निर्देशन में साल 2018 के दौरान परदे पर उतरी इस फ्रेंचाइजी की पहली कड़ी ने इस सफर का आगाज किया था। चंदेरी के इलाके की एक पुरानी लोककथा पर आधारित इस कहानी में डर और हास्य का ऐसा संतुलन देखने को मिला जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर अभिनीत इस प्रोजेक्ट में पंकज त्रिपाठी, अपारशक्ति खुराना और अभिषेक बनर्जी की कॉमिक टाइमिंग ने जान फूंक दी। इस पेशकश ने न केवल टिकट खिड़की पर बंपर कमाई की, बल्कि इस विधा के लिए एक नया पैमाना भी तय किया। यह रचना दर्शकों को शुरुआती मिनटों से ही बांध लेती है और इसका रहस्यमयी अंत सोचने पर मजबूर कर देता है।
भेड़िया (2022)
इस रोमांचक श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए 25 नवंबर 2022 को यह अगली कड़ी सिल्वर स्क्रीन पर उतारी गई। निर्देशक अमर कौशिक की इस पेशकश में वरुण धवन और कृति सनोन मुख्य भूमिकाओं में नजर आए। अरुणाचल प्रदेश के घने और रहस्य से भरे वनों के परिवेश पर रची गई यह पटकथा एक ऐसे किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है जिसे एक जंगली जीव काट लेता है और उसके भीतर बदलाव आने लगते हैं। इस कलाकृति का दृश्य प्रभाव, छायांकन और पृष्ठभूमि का संगीत बेहद उम्दा बन पड़ा है। मुख्य कलाकार का कायापलट और उनके साथियों के साथ कॉमिक दृश्य दर्शकों को अंत तक अपनी सीटों पर टिकाए रखते हैं। इस प्रयास ने आगे चलकर अन्य पात्रों के साथ मेल की शुरुआत की, जिससे लोगों का कौतूहल और अधिक बढ़ गया।
मुंज्या (2024)
आदित्य सरपोतदार के निर्देशन में बनी यह हॉरर-कॉमेडी 7 जून 2024 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई और सभी को अवाक कर दिया। कोंकण क्षेत्र की संस्कृति और पारंपरिक कथाओं से प्रेरित यह फिल्म पूरी तरह कंप्यूटर जनित एक काल्पनिक पात्र के इर्द-गिर्द घूमती है। इसकी कथा एक युवक की अधूरी चाहत और उसके साये में तब्दील होने की दास्तान है, जो अपनी प्रिय मुन्नी की तलाश में किसी भी हद तक जाने को तैयार रहता है। अभय वर्मा और शरवरी वाघ ने इसमें मुख्य किरदार निभाए हैं। खौफ, बच्चों जैसी जिद और विनोद का यह अनूठा संगम लोगों को बेहद भाया। किसी भी बड़े स्थापित सितारे के बिना भी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया।
स्त्री 2 (2024)
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त 2024 को रिलीज हुई यह कड़ी इस पूरे सफर की सबसे बड़ी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई। निर्देशक अमर कौशिक के हाथ बनी इस प्रस्तुति ने भारतीय फिल्मी इतिहास के कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। इस मर्तबा चंदेरी की इस बस्ती में सरकाटे नाम के एक खूंखार खलनायक का आतंक है, जिससे निपटने के लिए मुख्य किरदार और उसके साथियों को खुद उस आत्मा की मदद लेनी पड़ती है। इस बार खौफ का स्तर पहले से कहीं ज्यादा था और ठहाके लगाने के मौके भी उतने ही दमदार रहे। अक्षय कुमार और वरुण धवन की इस सफर में संक्षिप्त मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खूब खींचा। शानदार पटकथा और अप्रत्याशित मोड़ों से सजी यह फिल्म ప్రేక్షకు को एक पल के लिए भी नजरें हटाने नहीं देती।
थम्मा (2025)
आगामी क्रम में 21 अक्टूबर 2025 को प्रदर्शित होने वाली यह कड़ी इस खौफनाक और हास्य से भरे संसार को वैम्पायर यानी पिसशाच की दुनिया से परिचित कराती है। आदित्य सरपोतदार के निर्देशन और दिनेश विजान तथा अमर कौशिक के निर्माण में बनी इस फिल्म ने एक बिल्कुल नया फलक तैयार किया है। प्राचीन भारतीय मान्यताओं और क्षेत्रीय विश्वासों को आधुनिक तकनीक के साथ पिरोते हुए इस रचना ने आते ही दर्शकों को अपनी ओर खींच लिया। पुरानी कड़ियों से इसके जुड़ाव और नई ताकतों की झलक इसे एक ऐसी विधा बनाती है जिसे देखना जरूरी हो जाता है, जहां वक्त गुजरने का अहसास ही नहीं होता।


















