मध्य प्रदेश के दमोह जिले की देहात पुलिस ने शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले एक संगठित अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को दबोचा है। हाल ही में सामने आए इस मामले में एक महिला शादी के महज दो दिन के भीतर ही घर में रखे आभूषण और नकदी समेटकर चंपारण हो गई थी। इस तरह की वारदातों का दायरा लगातार फैलता जा रहा है, जैसा कि सीहोर में लुटेरी दुल्हन से जुड़े पूर्व के प्रकरण में भी देखने को मिला था जहां पीड़ित परिवार ने पुलिस के दरवाजे पर पहुंचकर गुहार लगाई थी।
कैसे बुना गया धोखे का जाल
बांसा गांव निवासी राम कौशल विश्वकर्मा ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि स्थानीय बिचौलिये नर्मदा पटेल ने 20 अप्रैल को रंगीर मंदिर में उनका विवाह खुशबू राजपूत के साथ तय कराया था। इस युवती का परिचय रांची जबलपुर की रहने वाली के रूप में कराया गया था। इस सौदेबाजी के एवज में उन्होंने खुशबू को 1.7 लाख रुपये नकद और लगभग 2.4 लाख रुपये मूल्य के आभूषण सौंपे थे। विवाह के ठीक दो दिन बाद वह अपनी बड़ी बहन से मिलने के बहाने गहने लेकर वहां से निकली और फिर कभी लौटकर नहीं आई। जब परिवार ने युवती और बिचौलियों से संपर्क करने के तमाम प्रयास विफल होते देखे, तब उन्होंने थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
मुख्य आरोपी महिला और साथियों की गिरफ्तारी
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सागर जिले के कनेरा गांव की रहने वाली नर्मदा पटेल और मालती पटेल को धर दबोचा। इस पूरे षड्यंत्र का तीसरा किरदार नीरज पटेल पहले से ही पन्ना जिला जेल में बंद है जो इसी आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है। छानबीन के दौरान अधिकारियों ने मालती पटेल के मोबाइल फोन से कई युवतियों के फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं, जिससे साफ होता है कि यह गिरोह अलग-अलग पहचान पत्र तैयार कर लगातार इस तरह के फ्रॉड को अंजाम देता था। शुरुआती तफ्तीश से संकेत मिले हैं कि राजस्थान के कोटा शहर में भी इसी तर्ज पर एक वारदात को अंजाम दिया गया था और जांच का दायरा बढ़ने पर कई अन्य पीड़ितों के सामने आने की संभावना है।
अपराध का तरीका और बरामद सामान
पुलिस के अनुसार इस गिरोह का कारिंदा बनने वाले लोग पैसों के लेन-देन के बाद मंदिरों में या बिना किसी औपचारिकता के जल्दबाजी में शादियां संपन्न कराते थे। इसके बाद नई नवेली दुल्हन को कीमती सामान और नकदी लेकर वहां से चंपारण होने का निर्देश दिया जाता था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 77,000 रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। विभिन्न जिलों की साइबर और मैदानी टीमें इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस रैकेट की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसके तार कहां-कहां जुड़े हुए हैं। इस तरह की घटनाएं इस क्षेत्र में सक्रिय उस संगठित अपराध को उजागर करती हैं जहां बिचौलियों की मिलीभगत और फर्जी दस्तावेजों के सहारे निर्दोष लोगों को ठगा जाता है। ऐसी ही एक अन्य घटना ग्वालियर में लुटेरी दुल्हन द्वारा अंजाम दी गई थी, जहां शादी के अगले ही दिन दुल्हन आभूषण लेकर फरार हो गई थी।




















