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अनुपमा का 5 लाख का सपना डूबा, बिल्डर के फ्रॉड पर वसुंधरा ने मारे ताने तो दिग्विजय बना ढालमनोरंजन
13 सित॰ 2026, 8:58 am (45 दिन पहले)· 1

अनुपमा का 5 लाख का सपना डूबा, बिल्डर के फ्रॉड पर वसुंधरा ने मारे ताने तो दिग्विजय बना ढाल

लोकप्रिय टीवी धारावाहिक अनुपमा के आगामी घटनाक्रम में एक बड़ा वित्तीय संकट सामने आया है, जहां बिल्डर के पैसे लेकर भागने से मुख्य पात्र का आशियाना खरीदने का सपना टूट जाता है। इस कठिन परिस्थिति में जहाँ कुछ लोग ताने कसते हैं, वहीं दिग्विजय और राही उसके समर्थन में आगे आते हैं।

लोकप्रिय टेलीविज़न धारावाहिक अनुपमा के हालिया एपिसोड में भावनाओं का एक बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां पूरा शाह परिवार अनुज को याद करते हुए केक काटता है और खुशी के माहौल में थिरकता है, वहीं दूसरी तरफ यह उल्लास जल्द ही एक गहरी मुसीबत में बदल जाता है। पारितोष द्वारा दिखाई गई एक खबर के अनुसार, मथेला बिल्डर्स ग्राहकों द्वारा जमा किए गए डाउन पेमेंट के पैसों के साथ फरार हो गया है। इस चौंकाने वाली जानकारी ने सभी को सन्न कर दिया है और कहानी में एक नया मोड़ ला दिया है.

यह खबर सामने आते ही मुख्य पात्र अनुपमा के पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि उसने अपने खुद के घर के निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की बड़ी रकम जमा की थी। अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई और सपनों के आशियाने को लुटता देख वह खुद पर काबू नहीं रख पाई और बुरी तरह फफक कर रो पड़ी। उसने तुरंत अपनी रसीदें और अन्य कागजात खंगाले, जिससे यह साफ हुआ कि उसके पास उस समय एग्रीमेंट के पक्के पेपर्स नहीं थे। खुद को कोसते हुए उसने स्वीकार किया कि बिना पूरी तरह जांच-पड़ताल किए दस्तावेजों पर भरोसा करना उसकी एक बड़ी भूल थी, जो केवल पैसों का नुकसान नहीं बल्कि किसी आम इंसान के अरमानों का कत्ल है। हसमुख सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे ढांढस बंधाया और न्याय की इस लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिलाया.

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मुसीबत के इस दौर में भी तानों और अपनों के तीखे तेवर कम नहीं हुए। जब गौतम से इस बारे में पूछताछ की गई, तो उसने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि वह उस बिल्डर को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता था बल्कि सिर्फ पहचानता था। इस बीच वसुंधरा ने स्थिति का फायदा उठाते हुए अनुपमा को अनपढ़ होने का ताना मारा और इस पूरे वित्तीय नुकसान के लिए उसे ही जिम्मेदार ठहरा दिया। हालांकि, ऐसे समय में राही खुलकर अपनी मां के समर्थन में उतरी और वसुंधरा को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि डिग्रियां न होने के बावजूद अनुपमा के पास दुनियादारी का अनुभव है। इसके अलावा अनिल भी मजबूती से अनुपमा के हक में खड़ा नजर आया.

अपने साथ हुए इस बड़े धोखे और टूटते सपनों के बोझ तले दबी अनुपमा भगवान के दर पर जाकर पूरी तरह टूट गई। उसने अपने आंसुओं के बीच ईश्वर से सवाल किया कि आखिर बार-बार उसी की परीक्षा क्यों ली जाती है और वह अपने दिवंगत पति अनुज को याद कर फफक पड़ी। उसने भगवान से अपनी इस हालत की शिकायत करते हुए कहा कि अब वह रोते-रोते पूरी तरह थक चुकी है. इस कठिन परिस्थिति से पार पाने के लिए कहानी एक प्रेरक रुख ले रही है, जहां आने वाले एपिसोड्स के प्रोमो संकेत दे रहे हैं कि बिल्डर की धोखाधड़ी से तंग आकर एक पीड़ित ने आत्महत्या का प्रयास किया जिसे अनुपमा ने सूझबूझ से बचा लिया। अब वह चुप बैठने के बजाय आम जनता को गोलबंद कर इस बड़े बिल्डर के खिलाफ एक निर्णायक जंग का बिगुल फूंकने की तैयारी कर रही है.

सवाल-जवाब

अनुपमा के कितने पैसे डूबे हैं?
अनुपमा ने अपने सपनों के घर के लिए 5 लाख रुपये जमा किए थे जो बिल्डर के भागने से डूब गए हैं।
बिल्डर का क्या नाम है जो पैसे लेकर भागा है?
मथेला बिल्डर्स ग्राहकों के पैसे लेकर भागा है।
इस मुश्किल समय में अनुपमा का साथ कौन देता है?
राही और अनिल अनुपमा के समर्थन में खड़े होते हैं और वसुंधरा के तानों का जवाब देते हैं।
आगे की कहानी में अनुपमा क्या कदम उठाने जा रही है?
अनुपमा आम जनता को एकजुट करके उस धोखेबाज बिल्डर के खिलाफ एक बड़ी जंग लड़ने की तैयारी कर रही है।
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