हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना गया है और यह शिव भक्तों के लिए बेहद खास होता है। इस पवित्र महीने में महादेव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है और उन्हें कई तरह की चीजें अर्पित की जाती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन चीजों को अर्पित करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इससे घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है और जीवन की तमाम परेशानियां दूर हो जाती हैं।
बेलपत्र का विशेष महत्व और मान्यताएं
शास्त्रों के अनुसार, सावन के इस पावन महीने में और विशेष रूप से सोमवार के दिन यदि एक भी साफ और पवित्र बेलपत्र सच्चे मन से शिवलिंग पर चढ़ा दिया जाए, तो इंसान के जीवन के सभी रोग, दोष, कष्ट और दुख समाप्त हो जाते हैं। हालांकि, भगवान शिव को अतिप्रिय बेलपत्र को अर्पित करने के भी कुछ सख्त नियम तय किए गए हैं। इन नियमों के बारे में जानकारी देते हुए देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने विस्तार से बताया है कि किस तरह से पूजा करने से पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।
देवघर के ज्योतिषाचार्य की सलाह
देवघर के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल का कहना है कि सावन का महीना शुरू हो चुका है और इस दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। इस पूरे महीने में शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के साथ-साथ भांग, धतूरा, फूल, बेलपत्र, दूध और दही जैसी चीजें अर्पित की जाती हैं। लेकिन बहुत से लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि बेलपत्र चढ़ाने के भी कुछ जरूरी नियम होते हैं। यदि इन नियमों की अनदेखी की जाए, तो व्यक्ति द्वारा की गई पूजा व्यर्थ भी हो सकती है और उसका उचित फल नहीं मिलता है।
बेलपत्र चुनने और अर्पित करने के नियम
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र हमेशा साफ-सुथरा होना चाहिए। कभी भी कटा-फटा, दागदार या मुरझाया हुआ बेलपत्र शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए। इसके अलावा, शिवलिंग पर हमेशा तीन दलों वाला बेलपत्र ही अर्पित करना चाहिए, क्योंकि तीन दल ब्रह्मा, विष्णु और महेश यानी त्रिदेव के प्रतीक माने जाते हैं। यदि किसी को पांच दलों वाला बेलपत्र मिल जाए, तो उसे बेहद शुभ माना जाता है.
सही दिशा और राम नाम का महत्व
कई बार लोग जानकारी के अभाव में शिवलिंग पर बेलपत्र किसी भी तरह से रख देते हैं, जिससे पूजा का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। शिवलिंग पर हमेशा नियम के अनुसार ही बेलपत्र रखना चाहिए, जिसमें बेलपत्र की डंडी हमेशा जलहरी की तरफ होनी चाहिए और उसका चिकना भाग शिवलिंग के मस्तक पर स्पर्श करना चाहिए। इसके साथ ही, भगवान भोलेनाथ को राम नाम का स्मरण बेहद प्रिय है। यदि आप बेलपत्र पर चंदन या किसी अन्य माध्यम से राम नाम लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं, तो इसका दोगुना फल प्राप्त होता है और भक्त की सभी मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं। इन सभी छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर ही शिव आराधना करनी चाहिए।


















