दर्शकों को हमेशा से ऐसी कहानियों की तलाश रहती है जो लीक से हटकर हों और जिनका क्लाइमैक्स दिमाग की नसें हिला दे। जब किसी क्राइम थ्रिलर में चौंकाने वाले टर्न आते हैं, तो दर्शकों को अपने समय और पैसे की पूरी कीमत वसूल होती महसूस होती है। आज हम आपके लिए ऐसी ही 7 जबरदस्त फिल्मों और सीरीज की फेहरिस्त लेकर आए हैं, जिनमें लूटपाट, गहरे धोखे और खतरनाक साजिशों का ताना-बाना बुना गया है। इन फिल्मों में एक से बढ़कर एक दमदार कहानी के साथ ऐसे पेचीदा मोड़ आते हैं जो आपको पलक झपकने का मौका नहीं देते। तो आइए, भारतीय सिनेमा की उन चुनिंदा कहानियों पर एक नजर डालते हैं जिन्होंने अपराध की दुनिया के खेल और शातिर दिमागों को बड़े पर्दे पर बखूबी उतारा है।
डॉन की दोहरी दुनिया और पहचान का संकट
अंडरवर्ल्ड के बेताज बादशाह और विजय नाम के एक आम आदमी की शक्ल एक जैसी होती है, जिसके बाद पुलिस इस परिस्थिति का फायदा उठाकर क्राइम सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने की योजना बनाती है। फिल्म ‘डॉन’ में विजय अपनी असली पहचान को पूरी तरह छिपाकर दोहरी जिंदगी के बेहद खतरनाक खेल का हिस्सा बनता है। इस कहानी में हर कदम पर धोखा, चौंकाने वाले ट्विस्ट और दिल की धड़कनें बढ़ा देने वाले सस्पेंस भरे पल दर्शकों को हैरान करते हैं। शाहरुख खान, प्रियंका चोपड़ा जोनस, अर्जुन रामपाल, करीना कपूर खान और बोमन ईरानी जैसे दिग्गज कलाकारों से सजी यह फिल्म आखिरी पल तक दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर रखती है कि आखिर इस पूरे खेल की असली कमान किसके हाथों में है और कौन किसे मात दे रहा है।
धूम की रफ्तार और चोरों की शातिर चालें
‘धूम’ फ्रेंचाइजी की पहचान तेज रफ्तार सुपरबाइक्स, हैरान कर देने वाली बड़ी चोरियां और एक ऐसे जिद्दी पुलिस वाले से है जो अपने से हमेशा एक कदम आगे रहने वाले शातिर चोर को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहता है। इसमें कोई दोराय नहीं है कि इस सीरीज के आने के बाद भारतीय सिनेमा में क्राइम और एक्शन जॉनर को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल गया। फिल्म में एक के बाद एक सनसनीखेज वारदातों को जॉन अब्राहम का निभाया कबीर का किरदार अंजाम देता है, जबकि उसे रोकने के लिए अभिषेक बच्चन और उदय चोपड़ा पुलिस अधिकारी जय दीक्षित और अली के रूप में मोर्चा संभालते हैं। इस सीरीज की हर फिल्म में कभी न भूलने वाली लूट, स्टाइलिश चोर और सड़कों पर फर्राटा भरती गाड़ियां दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करती हैं।
चार यार में दोस्तों की उलझी हुई दास्तान
प्राइम वीडियो पर आने वाली हिंदी ओरिजिनल सीरीज ‘चार यार’ हीस्ट, कॉन और हाई-स्टेक्स क्राइम कहानियों की इस रोमांचक फेहरिस्त में अपना नाम जोड़ने जा रही है। इस सीरीज में चार दोस्तों द्वारा उठाया गया एक गलत कदम उन्हें ऐसी अनजानी राह पर लाकर छोड़ देता है जिसके बारे में उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था। साल 2000 के दशक की शुरुआत के मुंबई शहर के बैकड्रॉप पर रची गई यह कहानी जय, टोनी, साहिल और समीर नाम के चार जिगरी दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है। ये चारों मिडिल-क्लास युवा हैं जिनका एक फैसला इनकी किस्मत बदल देता है और इन्हें अपराध की काली दुनिया में खींच लाता है, जहां ये गैंगस्टर्स और पुलिस दोनों के बीच बुरी तरह फंस जाते हैं।
बंटी और बबली की अनोखी ठगी और महत्वाकांक्षा
यह साबित करने के लिए कि हर बड़ी चोरी में हथियारों और गैंगस्टर्स का होना जरूरी नहीं है, अभिषेक बच्चन और रानी मुखर्जी की फिल्म ‘बंटी और बबली’ एक बेहतरीन उदाहरण है। फिल्म में राकेश और विम्मी भले ही एक छोटे से शहर से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन उनके दिल में आसमान छूने वाले सपने पलते हैं। अपने इन्हीं सपनों को सच करने के लिए वे जुर्म और ठगी का रास्ता चुनते हैं और देश की सबसे चतुर और आकर्षक ठग जोड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाते हैं। ताजमहल बेचने से लेकर रईस लोगों को बेवकूफ बनाने तक, यह जोड़ी हर तरफ छा जाती है, लेकिन इनकी मुश्किलें तब बढ़ती हैं जब अमिताभ बच्चन द्वारा अभिनीत एक बेहद सख्त और जिद्दी पुलिस अधिकारी उनके पीछे पड़ जाता है। यह फिल्म छोटे शहरों की महत्वाकांक्षा और जुगाड़ की संस्कृति को पर्दे पर उतारती है।
फर्जी का नकली नोटों से जुड़ा खतरनाक कारोबार
कहानी की शुरुआत सनी के दादाजी के एक साधारण प्रिंटिंग प्रेस को डूबने से बचाने की जद्दोजहद से होती है, जो देखते ही देखते देशव्यापी और बड़े पैमाने पर चलने वाले क्रिमिनल ऑपरेशन में बदल जाती है। शाहिद कपूर द्वारा निभाया गया सनी का किरदार एक बेहद हुनरमंद आर्टिस्ट का है, जिसे यह एहसास होता है कि वह अपनी कला का इस्तेमाल कर जाली नोट छाप सकता है और रातों-रात अपनी माली हालत सुधार सकता है। जैसे-जैसे इस अवैध खेल के दांव बड़े होते जाते हैं, वैसे-वैसे इसमें जान का जोखिम भी बढ़ता चला जाता है। सनी खुद को माइकल यानी विजय सेतुपति के साथ एक खतरनाक चूहे-बिल्ली के खेल में उलझा हुआ पाता है, जो एक टास्क फोर्स का कड़क अधिकारी है। राज एंड डीके द्वारा क्रिएट की गई इस सीरीज में अपराध के रास्ते पर सफलता जितनी तेजी से मिलती है, उसके नतीजे उतने ही भयानक साबित होते हैं।
क्रू में एयर होस्टेस की मजबूरी और तस्करी का जाल
अपराध की दुनिया हमेशा बड़े मास्टरमाइंड प्लान से शुरू हो, यह जरूरी नहीं है। फिल्म ‘क्रू’ में एक एयरलाइन की बेहद खराब आर्थिक स्थिति के चलते तीन फ्लाइट अटेंडेंट खुद को अनजाने में एक बड़े गोल्ड स्मगलिंग रैकेट में फंसा हुआ पाती हैं। इस फिल्म में करीना कपूर खान, तब्बू और कृति सेनन ने गीता, जैस्मिन और दिव्या नाम की एयर होस्टेस के किरदार निभाए हैं। ये तीनों महिलाएं अपनी जिंदगी की बदहाल और तंग हालात से निकलने का रास्ता तलाशते हुए एक ऐसी परिस्थिति में पहुंच जाती हैं, जहां उन्हें कई तरह के कड़वे अनुभवों और जोखिम भरे सफर का सामना करना पड़ता है।
स्पेशल 26 का असली दिखने वाला नकली खेल
फिल्म ‘स्पेशल 26’ की पूरी पटकथा एक बहुत ही सीधी लेकिन असरदार चाल पर टिकी हुई है, जिसमें नकली छापों को पूरी तरह असली दिखाया जाता है। असल जिंदगी की सच्ची घटनाओं से प्रेरित यह कहानी शातिर ठगों के एक ऐसे गिरोह के इर्द-गिर्द घूमती है जो खुद को सीबीआई और इनकम टैक्स के बड़े अधिकारी बताकर अमीर कारोबारियों और नेताओं को अपना निशाना बनाते हैं। अक्षय कुमार की अगुवाई में अजय सिंह के किरदार के साथ-साथ अनुपम खेर, मनोज बाजपेयी और जिमी शेरगिल जैसे कलाकार इस खेल को अंजाम देते हैं। इस फिल्म का हर एक सीन दर्शकों की सांसें थाम लेता है, क्योंकि इस शातिर गैंग द्वारा बड़ी बारीकी से चलाए जा रहे ऑपरेशनों पर कानून के रखवालों की सख्त नजरें गड़ जाती हैं और पर्दाफाश होने का खतरा लगातार मंडराता रहता है।


















