हिंदी सिनेमा में लंबे समय तक अलौकिक या डरावनी कहानियों में महिलाओं को केवल चीखने-चिल्लाने वाली आत्मा, चुड़ैल या डराने के साधन के रूप में दिखाया जाता रहा। पारंपरिक फिल्मों में ऐसी भूमिकाओं का दायरा सिर्फ दर्शकों के मन में दहशत पैदा करने तक ही सीमित था। हालांकि आधुनिक बॉलीवुड में इस घिसे-पिटे खांचे को तोड़ते हुए महिला केंद्रित सुपरनैचुरल कहानियों को नई गहराई दी गई है। अब इन किरदारों का अपना बीता हुआ कल, भावनाएं, व्यक्तिगत संघर्ष और अलौकिक शक्तियों के पीछे एक ठोस वजह भी दिखाई जाती है। इसी कड़ी में यामी गौतम की आने वाली फिल्म 'नई नवेली' भी काफी चर्चा बटोर रही है।
यामी गौतम की 'नई नवेली' की अनोखी कहानी
आगामी फिल्म 'नई नवेली' का ताना-बाना उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के एक सामान्य घरेलू माहौल में बुना गया है। कहानी में यामी गौतम एक नई बहू के रूप में शादी करके इस परिवार में कदम रखती हैं। ससुराल में आने के बाद धीरे-धीरे उनके भीतर छिपी रहस्यमयी और अलौकिक शक्तियां सबके सामने उजागर होने लगती हैं। यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 16 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। अगर आप 'नई नवेली' का इंतजार कर रहे हैं, तो उससे पहले बॉलीवुड की उन पांच चुनिंदा हॉरर-थ्रिलर फिल्मों को देख सकते हैं, जिन्होंने महिला भूत की छवि को पूरी तरह बदल दिया।
श्रद्धा कपूर की 'स्त्री' और चंदेरी की दहशत
राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर अभिनीत फिल्म 'स्त्री' ने भारतीय दर्शकों के सामने हॉरर-कॉमेडी शैली को नए आयाम दिए। मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और काल्पनिक गांव चंदेरी की पृष्ठभूमि पर बनी यह कहानी एक रहस्यमयी आत्मा पर केंद्रित है। यह आत्मा हर साल एक खास वार्षिक उत्सव के दौरान आती है और गांव के केवल पुरुषों को गायब कर देती है। शुरुआत में पूरा इलाका स्त्री के खौफ से कांपता है, लेकिन जैसे-जैसे रहस्य की परतें खुलती हैं, उसके दर्द और गरिमा की तलाश सामने आती है। श्रद्धा कपूर का किरदार अंततः गांव के पुरुषों को बचाने वाली सबसे अहम नायक बनकर उभरता है।
अनुष्का शर्मा का खौफनाक और गंभीर अंदाज: 'परी'
पारंपरिक डरावने दृश्यों से हटकर एक गंभीर और डार्क हॉरर पेश करने का काम अनुष्का शर्मा की फिल्म 'परी' ने किया था। इस फिल्म में अनुष्का ने रुखसाना नाम की एक अत्यंत रहस्यमयी लड़की की भूमिका निभाई थी, जिसका ताल्लुक पौराणिक कथाओं में दर्ज इफरीत की दुनिया से दिखाया गया था। शुरुआती दृश्यों में रुखसाना का रूप बेहद डरावना और बेचैन करने वाला लगता है, लेकिन कहानी आगे बढ़ने पर उसकी जिंदगी की असहनीय पीड़ा और शोषण की दास्तान सामने आती है। इस फिल्म में अनुष्का का अब तक का सबसे खौफनाक और जटिल अभिनय देखने को मिला था।
तृप्ति डिमरी की 'बुलबुल' और लोककथा का आधुनिक रूप
साल 2020 में डिजिटल प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई फिल्म 'बुलबुल' को अनुष्का शर्मा के प्रोडक्शन हाउस क्लीन स्लेट्स ने तैयार किया था। इस पीरियड ड्रामा में तृप्ति डिमरी ने शीर्षक किरदार बुलबुल की भूमिका निभाई थी। बंगाल की सामंती पृष्ठभूमि पर आधारित यह कहानी बाल विवाह, हवेली के षड्यंत्र और बुलबुल के जीवन में हुए दर्दनाक हादसों को दर्शाती है। समय बीतने के साथ वह एक ऐसी अलौकिक शक्ति में बदल जाती है, जो महिलाओं पर जुल्म ढाने वाले पुरुषों को चुन-चुनकर सजा देती है। यहां चुड़ैल का रूप केवल भय पैदा करने के बजाय सामाजिक अन्याय से लड़ने और अपनी शक्ति वापस छीनने का जरिया बन जाता है।
जाह्नवी कपूर की 'रूही' में लोककथा और हास्य का तड़का
जाह्नवी कपूर अभिनीत फिल्म 'रूही' ने भी हॉरर और कॉमेडी के अनोखे संगम को पर्दे पर उतारा। इस फिल्म में जाह्नवी का किरदार 'मुड़ियापैरी' नाम की एक लोककथा आधारित आत्मा के प्रभाव में आ जाता है। उत्तर भारतीय लोककथाओं में मुड़ियापैरी की पहचान उसके पीछे की ओर मुड़े हुए पैरों से की जाती है। फिल्म में जाह्नवी के दोहरे व्यक्तित्व और अलौकिक घटनाक्रमों ने दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ डराया भी।
'स्त्री 2' ने आगे बढ़ाई अलौकिक यूनिवर्स की रफ्तार
साल 2024 में रिलीज हुई 'स्त्री 2' मूल फिल्म की सीधी सीक्वल थी, जिसने चंदेरी की रहस्यमयी दुनिया को और आगे बढ़ाया। राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर की इस ब्लॉकबस्टर फिल्म में एक बार फिर श्रद्धा कपूर ने लीड रोल निभाते हुए गांव को एक नए अलौकिक खतरे से बचाने में केंद्रीय भूमिका निभाई और फ्रेंचाइजी को एक नया मुकाम दिया।



















