फिल्म उद्योग में कलाकारों के भारी भरकम खर्चों और विशेष मांगों को लेकर निर्माताओं की चिंताएं अक्सर चर्चा का विषय बनती रही हैं। कई फिल्म निर्देशकों का स्पष्ट मानना रहा है कि इन गैर जरूरी नखरों के चलते फिल्मों की निर्माण लागत लगातार आसमान छू रही है। अब लोकप्रिय टीवी धारावाहिक सीआईडी में दया की भूमिका निभाने वाले अभिनेता दयानंद शेट्टी ने एक हालिया बातचीत में फिल्म सेट के माहौल और बड़े कलाकारों की जीवनशैली को लेकर अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि सेट पर सिर्फ कलाकार ही नहीं, बल्कि कई बार उनके पालतू कुत्ते भी उसी तरह की विशेष सुविधाओं और तवज्जो के केंद्र में रहते हैं।
स्टार्स का रवैया और दिखावे की मानसिकता
सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत के दौरान दयानंद शेट्टी से यह सवाल पूछा गया था कि सेट पर प्रमुख फिल्मी सितारों का बर्ताव कैसा रहता है। इस पर अपने विचार रखते हुए अभिनेता ने कहा कि बड़े कलाकारों को इस बात का पूरा एहसास रहता है कि उनका नाम बहुत बड़ा है। उनका मानना था कि शायद ऐसे कलाकारों की परवरिश या माहौल ही कुछ ऐसा होता है, जिसके चलते उन्हें लगता है कि यदि वे दिखावा नहीं करेंगे तो लोग उन्हें गंभीरता से नहीं लेंगे। इसी सोच के कारण वे अपने रुतबे को प्रदर्शित करने के लिए अलग अलग तरह के तौर तरीके अपनाते हैं।
पालतू जानवरों के लिए नैनी और खास स्टाइल
दयानंद शेट्टी ने बताया कि कई सितारे शूटिंग के दौरान अपने कुत्तों को भी सेट पर साथ लेकर आते हैं। शॉट्स के बीच मिलने वाले खाली समय में ये कलाकार अपने पालतू जानवरों के साथ वक्त बिताना पसंद करते हैं। इतना ही नहीं, उन कुत्तों की पूरी जिम्मेदारी संभालने के लिए सेट पर विशेष रूप से नैनी तैनात रहती हैं। जैसे ही कैमरे का शॉट पूरा होता है, नैनी उन कुत्तों को सीधे अभिनेताओं के पास ले आती हैं। दयानंद शेट्टी के अनुसार, नैनी इन कुत्तों को खूबसूरत कपड़े पहनाती हैं और कई मौकों पर उन्हें मेकअप लगाने के साथ सनग्लासेस पहनाकर घुमाने ले जाती हैं।
इन बातों पर ज्यादा ध्यान न देने का नजरिया
सेट पर मौजूद इन अजीबोगरीब हरकतों को देखने के बाद किसी को कैसा महसूस करना चाहिए, इस पर भी दयानंद शेट्टी ने अपनी सोच रखी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इन बातों को बहुत गहराई से सोचेगा तो उसे यह सब देखकर काफी अजीब या बुरा लग सकता है। वहीं अगर कोई इन बातों पर ज्यादा गौर न करे, तो इससे किसी को कोई खास फर्क नहीं पड़ता। उनका कहना था कि अगर कोई इन दृश्यों को बहुत ध्यान से देखेगा तो उसे सिर्फ यही लगेगा कि वह पालतू कुत्ता सचमुच बहुत भाग्यशाली है जिसे इतनी सुख सुविधाएं मिल रही हैं।
फिल्ममेकर्स पहले भी उठा चुके हैं बजट पर सवाल
गौरतलब है कि अनुराग कश्यप और शूजित सरकार जैसे जाने माने फिल्ममेकर्स पहले ही कलाकारों के बढ़ते चोचलों और अनावश्यक मांगों पर खुलकर ऐतराज जता चुके हैं। इन निर्देशकों का कहना रहा है कि सितारों के अत्यधिक नखरों की वजह से पूरी फिल्म का बजट बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, क्योंकि इन सभी अतिरिक्त व्यवस्थाओं का वित्तीय बोझ सीधे तौर पर फिल्म निर्माताओं को ही वहन करना पड़ता है। वहीं कृति सेनन और वरुण धवन जैसे मुख्यधारा के कलाकारों ने भी इस बात का समर्थन किया है कि शूटिंग के दौरान अभिनेताओं को असल में इतनी विशाल निजी टीम की कोई वास्तविक आवश्यकता नहीं होती है।


















