फर्रुखाबाद के इस प्राचीन शिव मंदिर में एक साथ होते हैं बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, महाभारत काल से जुड़ा है गहरा इतिहासआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टॉक्स में गिरावट और एंथ्रोपिक के आईपीओ से बिटकॉइन पर गहराया दबावपुणे प्लांट में बनने लगी लैंड रोवर डिफेंडर, कीमतों में 34 लाख रुपये तक की भारी कटौतीसावन में बेलपत्र चढ़ाने का सही नियम क्या है, एक गलती से बेकार हो सकती है पूजाबायोलॉजी में क्रांतिकारी बदलाव के दावों पर एन्थ्रोपिक की नई रिपोर्टरिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड 3 प्रतिशत कर सकता है ब्याज दर, मुद्रास्फीति और वैश्विक दबावों के बीच नीतिगत समीक्षा पर टिकी नज़रेंक्विंस की मेरिनो वूल टी-शर्ट बाजार में क्यों मचा रही है धूमवियतनाम में आर्थिक रफ्तार 2027 तक रहेगी तेज, 11 फीसदी तक पहुंच सकती है विकास दरब्रिटेन के गृह मंत्रालय पर ओपनएआई टूल्स के इस्तेमाल को लेकर मंडराया जांच का खतराअमेरिकी डॉलर के मुकाबले थाई बात तीन महीने के निचले स्तर पर फिसला, बैंक ऑफ थाईलैंड की बैठक पर टिकी नजरें
ग्राफिक डिजाइनिंग से निर्देशन तक, रजनीकांत की बेटी सौंदर्या ने कैमरे के पीछे बनाई खास पहचानमनोरंजन
20 सित॰ 2026, 4:05 am (38 दिन पहले)· 1

ग्राफिक डिजाइनिंग से निर्देशन तक, रजनीकांत की बेटी सौंदर्या ने कैमरे के पीछे बनाई खास पहचान

साउथ सुपरस्टार रजनीकांत की बेटी सौंदर्या रजनीकांत ने अभिनय के बजाय कैमरे के पीछे काम करना चुना और बतौर ग्राफिक डिजाइनर, निर्माता और निर्देशक सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।

सिनेमाई दुनिया के सबसे बड़े परिवारों में पली-बढ़ी सौंदर्या रजनीकांत ने अपने लिए अभिनय की पारंपरिक राह चुनने के बजाय तकनीकी और रचनात्मक निर्देशन का मार्ग चुना। 20 सितंबर 1984 को चेन्नई में जन्मी सौंदर्या के पिता रजनीकांत भारतीय सिनेमा के दिग्गज सुपरस्टार हैं, जिन्हें प्रशंसक आदर और स्नेह से 'थलाइवा' पुकारते हैं। उनकी मां लता रजनीकांत हैं, जबकि उनकी बड़ी बहन ऐश्वर्या रजनीकांत भी फिल्म उद्योग में सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। एक ऐसे माहौल में जहां स्टार संतानों से अमूमन पर्दे के सामने आने की उम्मीद की जाती है, सौंदर्या ने कैमरे के पीछे रहकर अपनी प्रतिभा साबित करने का फैसला किया।

ग्राफिक डिजाइनिंग से फिल्म निर्माण की शुरुआत

सौंदर्या ने अपने पेशेवर जीवन का आगाज अभिनय के बजाय ग्राफिक डिजाइनिंग के क्षेत्र से किया। इस विधा में अपनी विशेषज्ञता के जरिए उन्होंने अपने पिता रजनीकांत की फिल्मों के लिए आकर्षक टाइटल सीक्वेंस डिजाइन करने का काम संभाला। धीरे-धीरे विजुअल आर्ट्स में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए उन्होंने फिल्म निर्माण में कदम रखा। अपनी महत्वाकांक्षाओं को संस्थागत रूप देने के लिए उन्होंने 'ओचर पिक्चर प्रोडक्शंस' नामक प्रोडक्शन हाउस की नींव रखी और उसके बैनर तले काम शुरू किया। एक निर्माता के तौर पर उनका सफर आधिकारिक रूप से साल 2010 में रिलीज हुई फिल्म 'गोवा' के साथ शुरू हुआ।

ये भी पढ़ें

निर्देशन में रचा इतिहास और बड़े प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व

फिल्म निर्माण में सफलता के बाद सौंदर्या ने निर्देशन की बागडोर थामी और तकनीकी प्रयोगों के साथ भारतीय सिनेमा में एक नया अध्याय जोड़ा। उन्होंने अपने पिता रजनीकांत को मुख्य भूमिका में लेकर मोशन-कैप्चर एनिमेटेड फिल्म 'कोचाडाइयां' का निर्देशन किया। यह देश की पहली मोशन-कैप्चर 3D फिल्मों में शुमार हुई, जिसमें पारंपरिक कथावाचन को आधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़ा गया था। इसके बाद उन्होंने एक्शन-कॉमेडी ड्रामा 'वेलैइल्ला पट्टाधारी 2' यानी 'VIP 2' का निर्देशन किया। तमिल और तेलुगु भाषाओं में बनी इस चर्चित फिल्म में धनुष और काजोल ने मुख्य किरदार निभाए थे।

व्यक्तिगत जीवन का सफर और उतार-चढ़ाव

पेशेवर उपलब्धियों के साथ-साथ सौंदर्या का निजी जीवन भी कई बार चर्चा के केंद्र में रहा। उन्होंने 3 सितंबर 2010 को बिजनेसमैन अश्विन रामकुमार से शादी की थी, जिनसे उनका एक बेटा है जिसका नाम वेद है। हालांकि, यह रिश्ता लंबे समय तक नहीं चल सका और साल 2017 में दोनों ने कानूनी तौर पर तलाक ले लिया। इसके बाद सौंदर्या ने अपने जीवन की नई शुरुआत की और 11 फरवरी 2019 को बिजनेसमैन विषगन वनंगमुड़ी के साथ विवाह बंधन में बंधीं। सितंबर 2022 में दोनों एक और बेटे के माता-पिता बने। अभिनय के चकाचौंध भरे रास्ते को छोड़कर पर्दे के पीछे खुद को स्थापित करने का उनका यह सफर फिल्म जगत में एक प्रेरणादायक उदाहरण बना हुआ है।

सवाल-जवाब

सौंदर्या रजनीकांत का जन्म कब और कहां हुआ था?
उनका जन्म 20 सितंबर 1984 को चेन्नई में हुआ था।
सौंदर्या रजनीकांत ने अपने करियर की शुरुआत किस काम से की थी?
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राफिक डिजाइनिंग से की थी और अपने पिता की फिल्मों के लिए टाइटल सीक्वेंस डिजाइन किए थे।
सौंदर्या की फिल्म प्रोडक्शन कंपनी का क्या नाम है?
उनकी फिल्म प्रोडक्शन कंपनी का नाम 'ओचर पिक्चर प्रोडक्शंस' है।
बतौर निर्माता सौंदर्या की पहली फिल्म कौन सी थी?
बतौर निर्माता उन्होंने साल 2010 में आई फिल्म 'गोवा' से अपने सफर की शुरुआत की थी।
सौंदर्या रजनीकांत ने किन प्रमुख फिल्मों का निर्देशन किया है?
उन्होंने अपने पिता रजनीकांत के साथ मोशन-कैप्चर एनिमेटेड फिल्म 'कोचाडाइयां' और धनुष व काजोल स्टारर 'VIP 2' का निर्देशन किया है।
सौंदर्या रजनीकांत के बच्चों के नाम क्या हैं?
उनकी पहली शादी से एक बेटा है जिसका नाम वेद है, और दूसरी शादी से सितंबर 2022 में जन्मे एक और बेटे की वह मां बनीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·37 दिन पहले

सौंदर्या रजनीकांत का यह सफर इस बात का प्रमाण है कि स्टार संताने भी पारंपरिक अभिनय की चकाचौंध से दूर तकनीकी और रचनात्मक स्वावलंबन चुन सकती हैं। 'कोचाडाइयां' जैसी मोशन-कैप्चर 3D तकनीक के जरिए उन्होंने यह साबित किया कि भारतीय सिनेमा में विजुअल आर्ट्स और निर्देशन का दायरा सिर्फ पर्दे के आगे तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल युग में पर्दे के पीछे का तकनीकी ढांचा भी उतना ही प्रभावशाली हो सकता है। यह दृष्टिकोण फिल्म उद्योग में नए कलाकारों को अपनी मौलिक पहचान बनाने की प्रेरणा देता है।

Divya Reddy@divya-reddy·37 दिन पहले

यह लेख इस बात पर रोशनी डालता है कि कैसे डिजिटल मीडिया और एनिमेशन जैसे तकनीकी कौशल पारंपरिक सिनेमाई ढांचे से आगे बढ़कर एक मजबूत करियर विकल्प बन रहे हैं। शैक्षणिक और व्यावसायिक रूप से, जब छात्र ग्राफिक डिजाइनिंग और मोशन-कैप्चर जैसी आधुनिक विधाओं को अपनाते हैं, तो यह फिल्म निर्माण के तकनीकी पक्ष को मजबूत करता है। आने वाले समय में दृश्य कला और डिजिटल निर्देशन में औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए फिल्म उद्योग में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·37 दिन पहले

सौंदर्या रजनीकांत का सफर यह साबित करता है कि स्टार संतानों के लिए सिनेमा में पहचान का मतलब सिर्फ अभिनय नहीं है। 'कोचाडाइयां' जैसी मोशन-कैप्चर 3D तकनीक और 'VIP 2' के जरिए उन्होंने वीएफएक्स और तकनीकी निर्देशन में जो जोखिम उठाया, वह भारतीय सिनेमा में डिजिटल प्रयोगों के लिहाज से मील का पत्थर है। भविष्य में इस तरह की तकनीकी और रचनात्मक भूमिकाएं स्टार किड्स के लिए नए रास्ते खोलेंगी।

Tanvi Desai@tanvi-desai·37 दिन पहले

सौंदर्या रजनीकांत का सफर यह साबित करता है कि फिल्म परिवारों की संतानों के लिए केवल स्टारडम ही एकमात्र रास्ता नहीं है। 'कोचाडाइयां' के जरिए मोशन-कैप्चर तकनीक को भारतीय सिनेमा में लाना और 'वीआईपी 2' जैसी कमर्शियल फिल्मों का निर्देशन करना यह दिखाता है कि डिजिटल युग में तकनीकी महारत और रचनात्मक स्वतंत्रता ही पर्दे के पीछे स्थायी पहचान बनाते हैं।

Aisha Khan@aisha-khan·37 दिन पहले

सौंदर्या रजनीकांत का यह कदम इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि स्टार संताने अब पारंपरिक अभिनय से आगे बढ़कर तकनीकी दक्षता और एनिमेशन जैसे नए आयामों में अपनी मजबूत पकड़ बना रही हैं। 'कोचाडाइयां' जैसी अत्याधुनिक मोशन-कैप्चर फिल्म का निर्देशन कर उन्होंने साबित कर दिया कि भारतीय सिनेमा में विजुअल इफेक्ट्स और तकनीक आधारित निर्देशन का भविष्य बहुत उज्ज्वल है और यह बदलाव आने वाली पीढ़ियों के लिए नए रास्ते खोलेगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp