तमिल सिनेमा के दिग्गज निर्देशक और पटकथा लेखक कृष्णस्वामी भाग्यराज का शनिवार को दिल का दौरा पड़ने के कारण निधन हो गया। सिनेमा जगत और दर्शकों के बीच वह के. भाग्यराज के नाम से बेहद लोकप्रिय थे। उनके असामयिक निधन पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गहरा दुख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत निर्देशक के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके अंतिम संस्कार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न कराने की आधिकारिक घोषणा की है। थलापति विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर श्रद्धांजलि दी और बताया कि के. भाग्यराज ने न केवल निर्देशन बल्कि एक बेहतरीन अभिनेता, पटकथा लेखक, संवाद लेखक और संगीत निर्देशक के रूप में भी फिल्म जगत में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।
तमिल सिनेमा में के. भाग्यराज का अनोखा योगदान
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपने पोस्ट में लिखा कि के. भाग्यराज ने अपनी बेहतरीन और अनोखी कहानियों, शानदार कॉमिक टाइमिंग वाले अभिनय और ग्रामीण जीवन शैली के साथ-साथ पारिवारिक संबंधों की गहरी भावनाओं को बड़े पर्दे पर बखूबी उतारा था। अपनी इन्हीं फिल्मों के दम पर उन्होंने तमिल दर्शकों के दिलों में हमेशा-हमेशा के लिए एक अमिट जगह बना ली थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, तमिल फिल्म जगत के विकास और उसकी पहचान को समृद्ध करने में भाग्यराज का योगदान हमेशा अतुलनीय रहेगा।
सिनेमा जगत के लिए एक ऐसी क्षति जिसकी भरपाई नामुमकिन है
मुख्यमंत्री विजय ने जोर देकर कहा कि के. भाग्यराज की हर एक रचना हमेशा यादगार रहेगी। यह काम न केवल आने वाली पीढ़ियों का मनोरंजन करता रहेगा बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक मूल्यों को भी मजबूती से समाज के सामने पेश करेगा। उन्होंने शोक संदेश में कहा कि उनका निधन तमिल सिनेमा के लिए एक ऐसी क्षति है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने उनके शोक संतप्त परिवार, करीबियों, दोस्तों, प्रशंसकों और पूरे फिल्म उद्योग के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को ईश्वर के चरणों में शांति मिले। अपने लंबे और सफल फिल्मी सफर में के. भाग्यराज ने अमिताभ बच्चन और कमल हासन जैसी भारतीय सिनेमा की महान हस्तियों के साथ भी काम किया था।
सुबह की सैर के बाद बिगड़ी थी तबीयत
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने स्पष्ट किया कि फिल्म इंडस्ट्री में थिरु के. भाग्यराज के बेमिसाल योगदान को देखते हुए उनके सम्मान में उनकी अंतिम यात्रा पूरे राजकीय सम्मान के साथ निकाली जाएगी। उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के घटनाक्रम पर गौर करें तो सुबह की सैर से वापस आने के बाद भाग्यराज ने अपने सीने में तेज दर्द की शिकायत की थी। इसके तुरंत बाद उनके परिजन उन्हें इलाज के लिए पास के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके अचानक चले जाने की खबर फैलते ही पूरे तमिल फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।













