बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय के परिवार से एक नई प्रतिभा अभिनय की दुनिया में कदम रखने जा रही है। विवेक ओबेरॉय और उनकी पत्नी प्रियंका अल्वा तीन बच्चों के माता-पिता हैं, जिनमें प्रियंका द्वारा जन्म दिए गए दो बच्चों के अलावा एक गोद ली हुई बेटी सहारा शाह भी शामिल हैं। अब 22 वर्ष की हो चुकीं सहारा शाह ने अपने करियर की पहली फीचर फिल्म साइन कर ली है। अपने पिता और दादा के नक्शेकदम पर चलते हुए उन्होंने सिनेमा को अपना पेशा चुनने का फैसला किया है, जिसके चलते वह इस समय चर्चा के केंद्र में हैं।
कैंसर से लंबी जंग और जीवन में नई शुरुआत
सहारा शाह की यह उपलब्धि केवल एक फिल्मी शुरुआत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बेहद साहसी व्यक्तिगत संघर्ष छिपा है। उन्होंने बचपन में ही कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का सामना किया था। गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से वर्षों तक जूझने और बीमारी को पूरी तरह परास्त करने के बाद उन्होंने अपने पेशेवर जीवन को नई दिशा दी है। सहारा बचपन से ही अपने पिता की तरह एक मंझी हुई अदाकारा बनना चाहती थीं और अब पहली फिल्म का अनुबंध मिलने के बाद उनका यह सपना साकार होने जा रहा है।
मुंबई के कार्यक्रम में पिता-पुत्री का भावुक क्षण
मंगलवार को मुंबई में आयोजित सीपीआरए कैंसर रोज डे कार्यक्रम में विवेक ओबेरॉय अपनी बेटी सहारा शाह के साथ पहुंचे। इस खास मौके पर जब सहारा ने अपनी पहली फिल्म का उल्लेख किया, तब विवेक ओबेरॉय काफी भावुक नजर आए। सहारा शाह ने इस दौरान कहा कि वह हमेशा से अपने पिता के दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ना चाहती थीं। उन्होंने बताया कि पिता ने हर सुख-दुख में उनका साथ निभाया है और चाहे नृत्य सीखना हो या अभिनय के गुर तराशना, विवेक ओबेरॉय हमेशा एक मजबूत मार्गदर्शक बनकर उनके साथ खड़े रहे हैं।
नेपाली सिनेमा से अभिनय के सफर का आगाज
सहारा शाह अपनी शुरुआत किसी पारंपरिक बॉलीवुड प्रोजेक्ट के बजाय नेपाली फिल्म उद्योग से करने जा रही हैं। उन्होंने आधिकारिक तौर पर इस नेपाली फिल्म को साइन कर लिया है और इसी के जरिए वह अभिनय के क्षेत्र में औपचारिक प्रवेश करेंगी। कला के प्रति अपने समर्पण को साबित करते हुए वह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से परे एक अलग मंच पर अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।
ढाई साल की उम्र में मिला नया जीवन
सहारा शाह की कहानी तब शुरू हुई जब वह महज ढाई साल की नन्ही बच्ची थीं और उसी समय कैंसर से पीड़ित पाई गई थीं। उस बेहद कठिन दौर में विवेक ओबेरॉय ने उन्हें गोद लिया और इलाज के लिए गैर-सरकारी संगठन कैंसर पेशेंट्स एड एसोसिएशन लेकर पहुंचे। तब से लेकर आज तक विवेक ओबेरॉय ने ही सहारा के पालन-पोषण, बुनियादी व उच्च शिक्षा और संपूर्ण चिकित्सा उपचार का पूरा जिम्मा उठाया। आज सहारा पूरी तरह कैंसर मुक्त हो चुकी हैं।
एविएशन ट्रेनिंग और पायलट बनने का लक्ष्य
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ते हुए भी सहारा शाह ने कभी अपनी पढ़ाई से समझौता नहीं किया। उन्होंने लगातार शिक्षा हासिल की और हाल ही में अपनी एविएशन ट्रेनिंग भी पूरी कर ली है। अभिनय के साथ-साथ वह जल्द ही एक कमर्शियल पायलट के तौर पर भी अपनी पहचान बनाएंगी। इसके अलावा, विवेक ओबेरॉय केवल सहारा ही नहीं, बल्कि कैंसर से पीड़ित कई अन्य बच्चों को भी गोद लेकर उनके इलाज और शिक्षा की पूरी व्यवस्था संभालते हैं। करीब 1200 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति वाले सफल व्यवसायी और अभिनेता विवेक ओबेरॉय जल्द ही रणबीर कपूर की बहुचर्चित फिल्म रामायण में भी स्क्रीन साझा करते नजर आएंगे।


















