तेलुगु सिनेमा के प्रमुख अभिनेता नानी की बहुप्रतीक्षित एक्शन थ्रिलर फिल्म 'द पैराडाइज' 24 सितंबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। सामान्य तौर पर किसी बड़े बजट की फिल्म की रिलीज से पहले उसका ट्रेलर दर्शकों में उत्साह जगाने का सबसे बड़ा जरिया माना जाता है, लेकिन इस मेगा बजट प्रोजेक्ट के निर्माताओं ने एक अप्रत्याशित रणनीति अपनाते हुए इसका कोई भी आधिकारिक ट्रेलर जारी नहीं करने का निर्णय लिया है। कुछ समय पहले फिल्म का केवल एक टीजर सामने आया था, और इसके बाद दर्शकों को सीधे सिनेमाघरों में आमंत्रित किया जा रहा है। इस अनोखे फैसले के बावजूद फिल्म की अग्रिम टिकट बिक्री को बेहद मजबूत प्रतिक्रिया मिल रही है, जो अभिनेता की स्टार पावर और उनके सिनेमाई चयन पर दर्शकों के अटूट भरोसे को दर्शाती है।
200 करोड़ की लागत और बॉक्स ऑफिस की मौजूदा स्थिति
नानी की यह एक्शन ड्रामा फिल्म लगभग 200 करोड़ रुपये के विशाल बजट में तैयार की गई है। इस बड़े पैमाने की रिलीज का समय बेहद दिलचस्प मोड़ पर आया है, क्योंकि टिकट खिड़की पर इन दिनों महज 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में बनी 'हनुमान अंश' का दबदबा देखने को मिल रहा है। 'हनुमान अंश' पिछले डेढ़ महीनों से बॉक्स ऑफिस पर लगातार टिकी हुई है और दर्शकों को आकर्षित कर रही है। ऐसे माहौल में 200 करोड़ रुपये की विशाल पूंजी से सजी 'द पैराडाइज' का मैदान में उतरना सिनेमा जगत में चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि अग्रिम बुकिंग के शानदार आंकड़े फिल्म के लिए पहले ही दिन एक मजबूत और ऐतिहासिक शुरुआत की नींव रख चुके हैं।
आदिवासी समुदाय के संघर्ष और एक्शन से भरपूर कहानी
'द पैराडाइज' की पटकथा एक आदिवासी जाति और उसके समुदाय के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां मुख्य किरदार अपने हक और अपने लोगों की रक्षा के लिए उठ खड़ा होता है और उनका नायक बन जाता है। इस कथावस्तु में गहन सामाजिक संघर्ष के साथ-साथ जबरदस्त मारधाड़, मसाला और बेबाक भाषा शैली को पिरोया गया है। फिल्म में नानी एक बिल्कुल अनदेखे और उग्र अवतार में नजर आएंगे, जिसमें वे हाई ऑक्टेन एक्शन करते दिखाई देंगे। इसके अलावा, लोकप्रिय डांसर और अभिनेता राघव जुयाल इस फिल्म के जरिए पहली बार दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी नई पारी की शुरुआत कर रहे हैं, जो दर्शकों के बीच आकर्षण का एक और बड़ा कारण बना हुआ है।
सेंसर बोर्ड से मिला 'ए' सर्टिफिकेट और नानी का बयान
फिल्म में दिखाए गए हिंसक दृश्यों, इंटेंस ड्रामा और बोल्ड संवादों के चलते केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने इसे केवल वयस्कों के लिए उपयुक्त मानते हुए 'ए' (A) सर्टिफिकेट दिया है। अभिनेता नानी ने भी खुलकर इस बात को स्वीकार किया है कि यह पारंपरिक पारिवारिक दर्शकों के साथ बैठकर देखने वाली फिल्म नहीं है। एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने साझा किया कि उनका अपना बेटा भी इस फिल्म को देखने की जिद कर रहा था, लेकिन फिल्म की सामग्री और हिंसा को देखते हुए उन्होंने उसे सिनेमाघर में यह फिल्म देखने की अनुमति नहीं दी।
8 भाषाओं में रिलीज, फिर भी पैन इंडिया टैग से दूरी
यह मेगा बजट फिल्म व्यापक स्तर पर कुल 8 भाषाओं में दर्शकों के सामने पेश की जा रही है। इसे तेलुगु, तमिल, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, बंगाली, अंग्रेजी और स्पैनिश में प्रदर्शित किया जाएगा। इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय और बहुभाषी पहुंच के बावजूद नानी अपनी फिल्म पर 'पैन इंडिया' का औपचारिक लेबल लगाने के पक्ष में नहीं हैं। अभिनेता का दृढ़ विश्वास है कि यदि कहानी सशक्त और भावनात्मक रूप से सच्ची हो, तो फिल्म किसी कृत्रिम टैग के बिना भी सीमाएं लांघकर पूरे देश और दुनिया के दर्शकों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ सकती है।


















