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नेपाल त्रासदी पर छलका मनीषा कोइराला का दर्द, वैश्विक मंच से की पर्यटकों के लिए खास अपीलमनोरंजन
30 अग॰ 2026, 8:04 pm (58 दिन पहले)· 3

नेपाल त्रासदी पर छलका मनीषा कोइराला का दर्द, वैश्विक मंच से की पर्यटकों के लिए खास अपील

अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने ईशा फाउंडेशन के कार्यक्रम में नेपाल आपदा के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय से देश में पर्यटन को बढ़ावा देने और मदद जारी रखने की भावुक अपील की।

हाल ही में नेपाल में आई भयंकर प्राकृतिक आपदा ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस चुनौतीपूर्ण समय में जहां एक तरफ राहत और पुनर्वास के तमाम कार्य तेजी से चल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जानी-मानी अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने एक वैश्विक मंच से बहुत ही भावुक अपील की है। ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु की ओर से आयोजित इन सॉलिडेरिटी विद नेपाल कार्यक्रम में शामिल होते समय अभिनेत्री का दर्द खुलकर सामने आ गया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से यह आग्रह किया कि वे नेपाल को केवल त्रासदियों और आपदाओं से घिरे देश के रूप में याद न रखें, बल्कि इसकी अद्भुत संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य को बचाने में अपना बहुमूल्य सहयोग दें।

सांस्कृतिक विरासत और खूबसूरती की पहचान

अपनी मातृभूमि नेपाल से बेहद गहरा लगाव रखने वाली मनीषा कोइराला ने इस विशेष आयोजन के दौरान कहा कि नेपाल की वास्तविक पहचान उसकी प्राचीन संस्कृति और अद्वितीय सुंदरता में निहित है। उन्होंने संकट के हर दौर में नेपाल का साथ देने के लिए वैश्विक समुदाय का आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि यह स्नेह भविष्य में भी बना रहेगा। उन्होंने कहा कि आज एक राष्ट्र के रूप में उन्हें अंतरराष्ट्रीय समर्थन की और अधिक आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे चाहते हैं कि लोग उनके देश में आएं, वहां की स्थानीय मेहमाननवाजी का अनुभव करें और दुनिया उन्हें केवल एक आपदाग्रस्त देश के रूप में न देखे जो लगातार मुश्किलों से जूझ रहा हो।

पर्यटन उद्योग है देश की असली जीवन रेखा

मनीषा ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि नेपाल की आजीविका और अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत स्तंभ पर्यटन ही है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण वहां के पर्यटन क्षेत्र को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, जिससे उबरने के लिए वैश्विक सहयोग की अत्यधिक आवश्यकता है। उन्होंने इस मुश्किल घड़ी में भारत की तरफ से शुरू किए गए राहत और पुनर्वास कार्यों की भी खुलकर प्रशंसा की। अभिनेत्री का मानना है कि इस कठिन दौर से पार पाने के लिए केवल सांत्वना नहीं, बल्कि पर्यटकों की सक्रिय आवाजाही की जरूरत है जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर ला सके।

हिमालय की वादियों और मेहमाननवाजी का आह्वान

अपने संबोधन के दौरान अभिनेत्री काफी भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि वे चाहती हैं कि दुनिया नेपाल को उसके सुहाना मौसम, ऊंचे-ऊंचे हिमालयी शिखरों, स्नेही लोगों, समृद्ध प्रकृति और अनोखी परंपराओं के लिए याद रखे। उन्होंने स्वीकार किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में एक बड़ी त्रासदी जरूर आई है, लेकिन पर्यटन ही उनकी मुख्य जीवन रेखा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने हाथ जोड़कर अनुरोध किया कि वे एक बार फिर नेपाल की यात्रा पर आएं और वहां के प्राकृतिक वैभव का खुद अनुभव करें। इस दौरान उन्होंने संकट की इस घड़ी में नेपाल के साथ एकजुटता दिखाने और दुनिया का ध्यान इस तरफ आकर्षित करने के लिए सद्गुरु का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।

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सवाल-जवाब

मनीषा कोइराला ने किस कार्यक्रम में नेपाल के लिए अपील की?
उन्होंने सद्गुरु द्वारा आयोजित 'इन सॉलिडेरिटी विद नेपाल' कार्यक्रम में यह अपील की।
मनीषा कोइराला ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मुख्य रूप से क्या आग्रह किया?
उन्होंने आग्रह किया कि नेपाल को केवल आपदाओं के देश के रूप में न देखा जाए और वहां पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए।
नेपाल की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा आधार क्या है?
पर्यटन नेपाल की अर्थव्यवस्था और वहां के लोगों की आजीविका का सबसे बड़ा आधार है।
किस देश के राहत कार्यों की अभिनेत्री ने सराहना की?
मनीषा कोइराला ने आपदा के वक्त भारत द्वारा शुरू किए गए राहत और पुनर्वास कार्यों की जमकर तारीफ की।
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