टीवी जगत के जाने-माने कलाकार गौरव खन्ना आज अपने करियर के उस मुकाम पर हैं जहां दर्शक उनकी अदायगी के मुरीद हैं। छोटे पर्दे के सबसे लोकप्रिय चेहरों में गिने जाने वाले गौरव ने अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। हालांकि, सफलता की इस सीढ़ी तक पहुंचना उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। एक वक्त ऐसा भी था जब उनके हाथ से काम छिनने लगे थे और उन्हें इंडस्ट्री में तरह-तरह के तानों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने अपने इस मुश्किल दौर से जुड़ा दर्द रियलिटी शो खतरों के खिलाड़ी 15 के मंच पर साझा किया।
कठिन दौर और पनौती होने की अफवाहें
गौरव खन्ना ने अपने जीवन के उस दौर का जिक्र किया जब उनके लगातार कुछ शोज ज्यादा लंबे समय तक नहीं टिक पाए। शुरुआत में यह बातें दबी जुबान में होती थीं, लेकिन धीरे-धीरे यह एक बड़ी अफवाह का रूप ले गईं। लोगों ने उन्हें मनहूस और पनौती तक करार देना शुरू कर दिया था। अभिनेता के लिए यह सबसे ज्यादा तकलीफदेह था क्योंकि इन baseless बातों का सीधा असर उनके पेशेवर जीवन पर पड़ने लगा था। कई निर्माताओं और निर्देशकों ने उन्हें अपने प्रोजेक्ट्स में कास्ट करना बंद कर दिया, जिससे उनके पास नए काम का टोटा हो गया।
रोहित शेट्टी के शो में खुला राज
यह पूरा वाकया स्टंट आधारित रियलिटी शो खतरों के खिलाड़ी 15 के दौरान सामने आया। शो के एक आने वाले एपिसोड में होस्ट रोहित शेट्टी ने सभी कंटेस्टेंट्स के लिए एक अनूठा ट्विस्ट रखा। उन्होंने सभी प्रतियोगियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए और उनके निजी संदेशों को सबके सामने पढ़ा। इसी दौरान गौरव खन्ना से जुड़ा एक गोपनीय मैसेज सामने आया, जिसके बाद अभिनेता ने अपनी जिंदगी के उस काले अध्याय पर खुलकर बात की जिसे वह लंबे समय तक पीछे छोड़ चुके थे।
एक कलाकार पर ठीकरा फोड़ना गलत
गौरव ने बताया कि वह दौर उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद तनावपूर्ण था। उनका मानना है कि किसी भी टीवी सीरियल के हिट या फ्लॉप होने के लिए सिर्फ एक अकेला कलाकार जिम्मेदार नहीं होता है। किसी भी शो को सफल बनाने में कहानी लिखने वाले लेखक, निर्देशन करने वाले निर्देशक, निर्माण से जुड़े निर्माता, तकनीकी टीम और सभी कलाकारों का संयुक्त प्रयास शामिल होता है। ऐसे में किसी एक अभिनेता को असफलता का पूरा जिम्मेदार ठहरा देना और उसे पनौती कहना पूरी तरह से अनुचित है।
खुद पर शक और भीतर का संघर्ष
उस दौर के बारे में बात करते हुए अभिनेता ने साझा किया कि एक समय ऐसा भी आया था जब वह खुद पर ही सवाल उठाने लगे थे। उन्हें ऐसा लगने लगा था कि शायद कहीं न कहीं उन्हीं की अभिनय कला में कोई कमी रह गई है। लेकिन उन्होंने हर बार खुद को मानसिक रूप से संभाला और अपनी मेहनत पर भरोसा बनाए रखा। उनका कहना था कि यदि वह उस कठिन समय में हिम्मत हार जाते, तो आज इस मुकाम तक कभी नहीं पहुंच पाते। उनके अनुसार कड़ा वक्त ही इंसान की असली क्षमता की परीक्षा लेता है और उसे अंदर से अधिक मजबूत बनाता है।
फरहाना भट्ट ने साझा किए दक्षिण अफ्रीका के अनुभव
उसी शो के दौरान एक अन्य कंटेस्टेंट और अभिनेत्री फरहाना भट्ट ने भी अपने सफर से जुड़ी बातें साझा कीं। दक्षिण अफ्रीका के खूबसूरत शहर केपटाउन में शूटिंग का कड़ा शेड्यूल पूरा करके भारत लौटीं फरहाना ने बताया कि इस साहसिक रियलिटी शो में केवल शारीरिक ताकत के बूते जीत हासिल नहीं की जा सकती। इसके लिए मैदान पर पूरी ईमानदारी, अदम्य साहस और सौ प्रतिशत समर्पण की आवश्यकता होती है।
जीत के लिए चाहिए अटूट लगन
फरहाना का यह भी कहना था कि जो प्रतियोगी हर खतरनाक स्टंट में बिना डरे अपना सौ प्रतिशत योगदान देता है, वही अंत में आगे बढ़ता है। दर्शकों को भी वही खिलाड़ी सबसे ज्यादा पसंद आते हैं जो हर कठिन चुनौती का सामना पूरे आत्मविश्वास के साथ करते हैं। अंत में उन्होंने यही कहा कि असली विजेता कौन बनेगा, इसका अंतिम फैसला हमेशा दर्शकों के हाथों में ही होता है जो शो को प्यार देते हैं।



















