मनोरंजन जगत की चकाचौंध में कलाकारों और उनके प्रबंधकों का नाता आमतौर पर केवल पेशेवर जिम्मेदारियों और शेड्यूल तक ही सीमित रहता है, लेकिन जब वही प्रबंधक पर्दे पर स्टार के साथ नजर आए, तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं लगता। अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा की फिल्मी यात्रा इस बात का सबसे जीवंत उदाहरण है, जिनकी किस्मत ने एक बिल्कुल अलग ही मोड़ लिया था।
लंदन की पढ़ाई और बैंकर बनने का सपना
जीवन में योजनाएं चाहे जो भी बनाई जाएं, आखिरकार वही होता है जो भाग्य में तय होता है। परिणीति चोपड़ा कभी भी अभिनय की दुनिया में कदम रखने का इरादा नहीं रखती थीं। इसी वजह से उन्होंने मैनचेस्टर बिजनेस स्कूल से बिजनेस, फाइनेंस और इकोनॉमिक्स में ट्रिपल ऑनर्स की डिग्री हासिल की थी। उनका मुख्य लक्ष्य ब्रिटेन में एक स्थापित इन्वेस्टमेंट बैंकर के रूप में अपना करियर बनाना था, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों ने करवट ली और उन्हें अपने देश वापस लौटना पड़ गया।
मंदी के बाद भारत वापसी और यशराज फिल्म्स में एंट्री
बाइस अक्टूबर को जन्मी परिणीति चोपड़ा सत्रह साल की उम्र में इंग्लैंड चली गई थीं और अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद बैंक में निवेश सलाहकार बनने की इच्छा रखती थीं, किंतु आर्थिक मंदी के चलते उन्हें भारत लौटना पड़ा। स्वदेश लौटने के बाद उन्होंने अपनी बहन प्रियंका चोपड़ा के माध्यम से यशराज फिल्म्स के पब्लिक रिलेशंस और मार्केटिंग विभाग में काम करना शुरू कर दिया। फिल्म ‘बैंड बाजा बारात’ के प्रचार-प्रसार के दौरान वह अनुष्का शर्मा और रणवीर सिंह जैसे नामी कलाकारों के साक्षात्कार और प्रमोशन की जिम्मेदारी संभालती थीं। इसी दौरान उन्हें समझ आया कि अभिनय का क्षेत्र कितना रचनात्मक है।
एक डमी ऑडिशन जिसने बदल दी तकदीर
संस्थान के कहने पर उन्होंने महज मजाक-मजाक में एक डमी ऑडिशन दिया था, जिसमें उन्होंने लोकप्रिय फिल्म ‘जब वी मेट’ के पात्र ‘गीत’ के संवाद बोले थे। जब यह ऑडिशन टेप निर्माता आदित्य चोपड़ा के पास पहुंचा, तो वे परिणीति के काम से इतने अधिक प्रभावित हुए कि उन्होंने बिना देर किए अभिनेत्री को ‘लेडीज वर्सेस रिकी बहल’ (2011), ‘इश्कजादे’ (2012) और ‘शुद्ध देसी रोमांस’ (2013) जैसी तीन बड़ी फिल्मों का एक साथ अनुबंध दे दिया।
मार्केटिंग और पीआर का काम संभालने के महज तीन महीने के भीतर ही परिणीति ने फिल्म ‘लेडीज वर्सेस रिकी बहल’ (2011) से बतौर मुख्य अभिनेत्री अपनी फिल्मी पारी की शुरुआत की, जिसमें अनुष्का शर्मा और रणवीर सिंह उनके सह-कलाकार थे। हालांकि इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर बहुत बड़ा व्यावसायिक प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन परिणीति चोपड़ा की अदाकारी की समीक्षकों और दर्शकों ने भरपूर सराहना की।
सोशल मीडिया पर साझा किया था दिलचस्प किस्सा
अभिनेत्री ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से इस अनोखे सफर का खुलासा किया था। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर अपने प्रशंसकों के साथ बातचीत के दौरान इस घटना का जिक्र किया था। जब एक यूजर ने उनसे उनकी पसंदीदा कलाकार अनुष्का शर्मा के बारे में पूछा, तो उन्होंने दोनों के बीच की खास ट्यूनिंग के बारे में बताया। परिणीति ने स्पष्ट किया कि जिस प्रोडक्शन हाउस ने अनुष्का शर्मा को सिनेमा जगत में लॉन्च किया था, वह उसी की मार्केटिंग टीम का हिस्सा थीं।
अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए परिणीति ने बताया था कि वह ‘बैंड बाजा बारात’ के समय अनुष्का के मीडिया इंटरव्यू प्रबंधित करती थीं और फिर मात्र तीन महीनों के अंतराल के बाद वे दोनों एक ही फिल्म में सह-कलाकार बन गईं। यह अनोखा संयोग उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।






















