मां बनने के बाद महिलाओं की जिंदगी में बड़े बदलाव आते हैं। अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने हाल ही में अपने जीवन के इस नए दौर और कामकाजी सफर से जुड़ी चुनौतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने उस पल को याद किया जब उन्हें बच्चे के जन्म के काफी समय बाद पहली बार घर से बाहर कदम रखना पड़ा था।
पहली वर्क ट्रिप का दर्द
एक साक्षात्कार के दौरान परिणीति चोपड़ा ने साझा किया कि जब उन्हें अपने बच्चे से पहली बार दूर जाना पड़ा, तो वह इस स्थिति के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थीं। उन्होंने बताया कि उस पहले सफर के दौरान वह खुद को संभाल नहीं पाईं और पूरे रास्ते रोती रहीं। उनके अनुसार इस स्थिति को केवल मां के मन में होने वाला गिल्ट बता देना सही नहीं होगा, क्योंकि वह दर्द उससे कहीं ज्यादा गहरा था।
फ्लाइट और सफर की कोई सुध नहीं
अपनी उस पहली यात्रा को याद करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि उनका ध्यान पूरी तरह से घर पर छूटे अपने बच्चे पर था। उन्हें इस बात की कोई सुध नहीं थी कि वह घर से निकलकर एयरपोर्ट कैसे पहुंचीं या विमान में उन्होंने किस तरह सफर तय किया। मुंबई पहुंचने तक उनका पूरा मन यही सोच रहा था कि वह अपने बच्चे के बिना काम कैसे संभालेंगी।
करियर और मातृत्व के बीच संतुलन
अभिनेत्री ने आगे बताया कि वह जानती थीं कि उनका बच्चा घर पर पूरी तरह सुरक्षित है, फिर भी उससे दूरी का अहसास उन्हें अंदर तक झकझोर रहा था। उस वक्त उनके मन में यह विचार भी आया था कि शायद अब वह कभी काम नहीं कर पाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने समाज की उस सोच पर भी सवाल उठाया, जिसमें मां बनने वाली महिलाओं से यह उम्मीद की जाती है कि वे अपने पेशेवर जीवन को हमेशा के लिए छोड़ दें।


















