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फिल्म का नाम बदलने पर मनोज बाजपेयी ने तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों चुना गया था विवादित शीर्षकमनोरंजन
25 अक्तू॰ 2026, 9:25 am (3 दिन पहले)· 3

फिल्म का नाम बदलने पर मनोज बाजपेयी ने तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों चुना गया था विवादित शीर्षक

नीरज पांडे की फिल्म 'गजब रात' नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी है, जिसके पुराने शीर्षक पर हुए भारी विवाद को लेकर मनोज बाजपेयी ने अब अपनी बात रखी है।

फिल्म जगत में कहानियों और शीर्षकों को लेकर विवाद खड़ा होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन कभी-कभी विरोध इतना तीखा हो जाता है कि निर्माताओं को अपनी पूरी योजना बदलनी पड़ती है। निर्देशक नीरज पांडे और जाने-माने अभिनेता मनोज बाजपेयी की हालिया परियोजना के साथ भी ठीक ऐसा ही हुआ। इस साल की शुरुआत में जब उनकी आगामी फिल्म के पहले शीर्षक की घोषणा की गई थी, तब इंटरनेट से लेकर जमीनी स्तर तक तीखा विरोध देखने को मिला था। उस समय फिल्म का नाम 'घूसखोर पंडत' रखा गया था, जिसके सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं और बात कानूनी अड़चनों तक जा पहुंची। अब भारी विवाद और कानूनी कार्यवाहियों के बाद इस फिल्म का नाम बदलकर 'गजब रात' कर दिया गया है और यह ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर दर्शकों के लिए उपलब्ध हो चुकी है। इस पूरे घटनाक्रम और विवाद पर अब अभिनेता मनोज बाजपेयी ने खुलकर अपनी बात रखी है।

शीर्षक के चयन और विवाद पर अभिनेता का पक्ष

मनोज बाजपेयी ने परियोजना के नामकरण से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को साझा करते हुए स्पष्ट किया कि टीम की मंशा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की बिल्कुल नहीं थी। उन्होंने बताया कि जब फिल्म पर काम चल रहा था, तब कहानी के अनुरूप कई संभावित शीर्षकों पर विचार किया गया था। टीम के पास पांच से छह अन्य विकल्प भी मौजूद थे जो विषय के अनुसार काफी दिलचस्प थे। हालांकि, पूरी टीम की सामूहिक चर्चा के बाद 'घूसखोर पंडत' नाम को सबसे ज्यादा समर्थन मिला और उसी पर अंतिम सहमति बनी। अभिनेता ने यह भी स्वीकार किया कि टीम ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि इतने सारे लोग इस शीर्षक को इस तरह के अलग नजरिए से देखेंगे। जब शीर्षक को लेकर विरोध बढ़ा और अभिनेता के परिवार को भी नफरत और आलोचना का सामना करना पड़ा, तो उन्हें गहरा दुख हुआ। उन्होंने कहा कि इस अप्रत्याशित विवाद ने उन्हें कुछ देर रुककर पूरे मामले पर गंभीरता से सोचने के लिए विवश कर दिया।

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विरोध की वजह और एफडब्ल्यूआईसीई की आपत्ति

फिल्म का पहला टीजर और नाम सामने आते ही विवाद तेजी से भड़क गया था। कई सामाजिक और राजनीतिक हलकों में इसका जमकर विरोध हुआ, जिसके चलते फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठने लगी और अलग-अलग जगहों पर पुलिस में शिकायतें और एफआईआर तक दर्ज कराई गईं। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि निर्माताओं को मजबूरन प्लेटफॉर्म से फिल्म का शुरुआती प्रचार सामग्री और टीजर हटाना पड़ा। इस विरोध प्रदर्शन में सिने जगत की प्रमुख संस्था फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज यानी एफडब्ल्यूआईसीई ने भी आधिकारिक तौर पर कड़ा एतराज दर्ज कराया था। संगठन का स्पष्ट कहना था कि 'पंडत' शब्द सीधे तौर पर एक विशिष्ट समुदाय और उसकी पारंपरिक धार्मिक व सामाजिक भूमिका से जुड़ा हुआ है। ऐसे में उसके साथ 'घूसखोर' जैसे नकारात्मक और भ्रष्ट आचरण को दर्शाने वाले शब्द को जोड़ना न केवल अनुचित है, बल्कि समाज के एक हिस्से के लिए अपमानजनक भी है।

नए नाम के साथ नेटफ्लिक्स पर दस्तक

व्यापक असंतोष और कानूनी पचड़ों को देखते हुए फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे और निर्माण टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए फिल्म का नाम बदलने का फैसला किया। फिल्म को 'गजब रात' नया नाम देकर नेटफ्लिक्स पर रिलीज किया गया है। इस फिल्म में मनोज बाजपेयी के साथ नुसरत भरूचा, दिव्या दत्ता, अक्षय ओबेरॉय, साकिब सलीम और कीकू शारदा जैसे कई लोकप्रिय कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। नए शीर्षक के साथ रिलीज होने के बाद अब यह फिल्म विवादों से निकलकर दर्शकों के बीच अपनी कहानी के आधार पर चर्चा बटोर रही है।

सवाल-जवाब

मनोज बाजपेयी की फिल्म का नाम 'घूसखोर पंडत' से बदलकर क्या रखा गया है?
इस फिल्म का नाम बदलकर 'गजब रात' रखा गया है।
फिल्म 'गजब रात' किस प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई है?
यह फिल्म ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी है।
फिल्म के निर्देशक कौन हैं?
इस फिल्म का निर्देशन नीरज पांडे ने किया है।
मूल शीर्षक पर एफडब्ल्यूआईसीई ने क्या आपत्ति जताई थी?
संगठन का कहना था कि 'पंडत' शब्द एक विशिष्ट समुदाय और पेशे से जुड़ा है, इसलिए इसे 'घूसखोर' के साथ जोड़ना आपत्तिजनक और अपमानजनक है।
फिल्म 'गजब रात' में मनोज बाजपेयी के अलावा कौन-कौन से कलाकार हैं?
फिल्म में नुसरत भरूचा, दिव्या दत्ता, अक्षय ओबेरॉय, साकिब सलीम और कीकू शारदा मुख्य भूमिकाओं में हैं।
मनोज बाजपेयी ने नाम चयन को लेकर क्या खुलासा किया?
उन्होंने बताया कि उनके पास पांच से छह अन्य दिलचस्प शीर्षक थे, लेकिन पूरी टीम की सहमति पहले वाले नाम पर बनी थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·2 दिन पहले

परिवार को बीच में घसीटना बिल्कुल गलत है, फिल्मों के विरोध में लोग अपनी हदें भूल जाते हैं।

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·2 दिन पहले

मुझे सच में इस बात पर यकीन नहीं होता कि पूरी टीम को पहले से अंदाज़ा नहीं था कि ऐसा नाम विवाद पैदा करेगा। आजकल इंटरनेट का माहौल देखकर तो हर कोई समझ सकता है कि क्या भड़क सकता है। खैर, फिल्म नेटफ्लिक्स पर आ चुकी है, तो वीकेंड पर देखकर ही पता चलेगा कि नाम बदलने के बाद भी मज़ा आया या नहीं।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·2 दिन पहले

स्नेह, मैं आपकी बात से सहमत हूँ। जब मैं एक बार बेरूत में ऐसे ही एक स्थानीय नाम पर हुए विवाद को कवर कर रहा था, तब मुझे भी अहसास हुआ था कि लोग कितनी जल्दी भड़क जाते हैं।

Aisha Khan@aisha-khan·2 दिन पहले

मुझे याद है जब मेरी पहली शॉर्ट फिल्म का नाम बदलने पर सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताई थी, तब पूरी टीम महीनों तक तनाव में रही थी। मनोज बाजपेयी बिल्कुल सही कह रहे हैं, कभी-कभी हम सिर्फ कहानी सोचते हैं और यह अंदाज़ा ही नहीं लगा पाते कि बाहर लोग उसे किस नजरिए से देख लेंगे।

Tanvi Desai@tanvi-desai·2 दिन पहले

आयशा जी, आपकी बात तो बिल्कुल सही है। पर क्या नीरज पांडे की टीम के पास वाकई पाँच-छह और अच्छे विकल्प थे, तो फिर उन्होंने विवादित नाम ही क्यों चुना?

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