तुला राशि राशिफल 28 अक्टूबर: शनि की दृष्टि से पूरे होंगे पेंडिंग काम, जानिए क्या कहती है आपकी चंद्र राशिसिग्मा रिव्यू (2026): नेटफ्लिक्स पर आ रही है थलापति विजय के बेटे जेसन संजय की डेब्यू फिल्ममानसा में युवक की संदिग्ध मौत पर कोहराम, शव धरने पर ले जाने को लेकर पुलिस से भिड़े ग्रामीणदिल्ली के भरत नगर मर्डर केस में बड़ा मोड़, सीसीटीवी में कैद हुए एक लड़का और तीन लड़कियांब्रिटेन के ऑटम बजट और ब्याज दरों के फैसलों से पहले यूरो के मुकाबले मजबूत हुआ ब्रिटिश पाउंडसऊदी अरब की रास तनुरा तेल रिफाइनरी पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का हूती विद्रोहियों ने किया दावाफेडरल रिजर्व की सख्ती और पश्चिम एशिया में खिंचाव के बीच अमेरिकी डॉलर दो हफ्ते के शीर्ष पर, वैश्विक बाजारों में हलचलकरवाचौथ पर जीवनसंगिनी को दें ये खास तोहफे, चेहरे पर आ जाएगी प्यारी मुस्कानइथेरियम ईटीएफ से भारी निकासी के बीच $2,310 के अहम स्तर पर टिकी ईटीएच की कीमतजब नाथन एस्टल ने पानी पूरी बेचने वाले को थमा दिया मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड और 1000 पाउंड का इनाम
राजेंद्र कुमार और वैजयंतीमाला की फिल्म सूरज का वह सदाबहार गाना, जिसे मोहम्मद रफी ने बनाया अमरमनोरंजन
7 सित॰ 2026, 11:31 pm (50 दिन पहले)· 3

राजेंद्र कुमार और वैजयंतीमाला की फिल्म सूरज का वह सदाबहार गाना, जिसे मोहम्मद रफी ने बनाया अमर

साल 1966 में रिलीज हुई फिल्म सूरज का गाना बहारों फूल बरसाओ आज भी संगीत प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। हसरत जयपुरी के लिखे और मोहम्मद रफी की आवाज में सजा यह गीत आज भी शादियों की शान बना हुआ है।

वर्ष 1966 में बड़े पर्दे पर अभिनेता राजेंद्र कुमार और अभिनेत्री वैजयंतीमाला की फिल्म ‘सूरज’ ने दस्तक दी थी। इसी फिल्म का एक गीत ‘बहारों फूल बरसाओ’ हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक कालजयी और सदाबहार रचना साबित हुआ। प्रेमिका के स्वागत की मनोभावना और कुदरत से फूल बरसाने की अनोखी गुजारिश पर आधारित यह गाना करीब छह दशकों का लंबा समय बीत जाने के बाद भी आज के दौर में भी देश के सबसे लोकप्रिय और सुने जाने वाले गीतों में मजबूती से शुमार है। जब सिल्वर स्क्रीन पर राजेंद्र कुमार ने वैजयंतीमाला के सामने इस गीत को गाया था, तो उनकी ऑन स्क्रीन केमिस्ट्री ने सिनेमाघरों में बैठे दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया था। प्रकृति की सुंदरता और प्रेम के मिलन का यह मेल आज भी भारत भर में होने वाली शादियों और जश्न के मौकों पर लोगों की पहली और सबसे बड़ी पसंद बना हुआ है।

शास्त्रीय संगीत और जादुई धुन का मेल

यह खूबसूरत गाना भारतीय शास्त्रीय संगीत के लोकप्रिय राग शिवरंजनी की सुरीली धुन पर आधारित है। इसे संगीतकार जोड़ी शंकर-जयकिशन ने बेहद सादगी और करीने से सजाया था कि इसकी एक-एक पंक्ति सुनने वाले के सीधे दिलों में उतर जाती है। गीतकार हसरत जयपुरी द्वारा लिखे गए इन बोलों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह प्रेम को केवल दो इंसानों तक सीमित एक निजी अहसास नहीं मानते हैं, बल्कि इसे पूरी प्रकृति और कायनात के एक भव्य उत्सव के रूप में प्रस्तुत करते हैं। दिग्गज गायक मोहम्मद रफी की जादुई और रसीली आवाज की मिठास कान में पड़ते ही एक बेहद सुरमई और रूमानी माहौल का निर्माण कर देती है, जो श्रोताओं को एक अलग ही दुनिया में ले जाता है।

ये भी पढ़ें

फिल्म के कलाकार और निर्देशन का कमाल

दिग्गज निर्देशक टी. प्रकाश राव के कुशल और संजीदा निर्देशन में तैयार की गई फिल्म ‘सूरज’ में मुख्य अभिनेता राजेंद्र कुमार ने सूरज सिंह की भूमिका निभाई थी, जबकि अभिनेत्री वैजयंतीमाला ने अनुराधा सिंह का किरदार पर्दे पर जीवंत किया था। राजसी ठाटबाट, भव्य सेट और एक दिल को छू लेने वाली प्रेम कहानी पर आधारित इस बहुचर्चित फिल्म में अजीत, मुमताज, हास्य अभिनेता जॉनी वॉकर और चरित्र अभिनेत्री ललिता पवार जैसे उस दौर के तमाम दिग्गज और मंजे हुए कलाकारों ने भी अपनी बेहतरीन अदाकारी से फिल्म में जान फूंक दी थी। इस पूरी फिल्म की शानदार सफलता और लोकप्रियता में मोहम्मद रफी की रूहानी आवाज से सजे इस विशेष गाने का भी बहुत बड़ा योगदान और श्रेय जाता है, जिसने इसे अमर बना दिया।

बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सफलता

यह बात भी बेहद गौर करने वाली है कि राजेंद्र कुमार और वैजयंतीमाला की यह फिल्म केवल अपने बेहतरीन और अमर संगीत के दम पर ही चर्चा में नहीं आई थी, बल्कि इसने बॉक्स ऑफिस पर भी अपनी जबरदस्त पकड़ बनाते हुए ऐतिहासिक सफलता हासिल की थी। उस दौर में लगभग पांच करोड़ रुपये का शानदार कारोबार करके यह फिल्म वर्ष 1966 के दौरान देश की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मूवी बनी थी और इसे बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट का आधिकारिक दर्जा भी मिला था। गानों की मिठास, कर्णकटुता से दूर सुरीला संगीत और एक मजबूत पटकथा के दम पर यह फिल्म आज भी भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम और सुनहरे दौर की एक नायाब मिसाल मानी जाती है, जिसके गीत आज भी लोगों के जेहन में जिंदा हैं।

सवाल-जवाब

फिल्म सूरज किस वर्ष रिलीज हुई थी?
फिल्म सूरज वर्ष 1966 में रिलीज हुई थी।
फिल्म सूरज के प्रसिद्ध गाने बहारों फूल बरसाओ को किसने गाया था?
इस प्रसिद्ध गाने को दिग्गज गायक मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज दी थी।
बहारों फूल बरसाओ गीत के बोल किसने लिखे थे?
इस गीत के बोल हसरत जयपुरी ने लिखे थे।
फिल्म सूरज में मुख्य भूमिकाओं में कौन-कौन नजर आया था?
इस फिल्म में राजेंद्र कुमार और वैजयंतीमाला ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp