वैश्विक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में ब्रिटेन के ऑटम बजट और केंद्रीय बैंकों के महत्वपूर्ण फैसलों से पहले व्यापक हलचल देखने को मिल रही है। प्रमुख मुद्रा जोड़ों में उतार-चढ़ाव के बीच ब्रिटिश पाउंड ने यूरो के मुकाबले अपनी मजबूती दर्ज कराई है, जिससे EUR/GBP में गिरावट का रुख बना हुआ है। यूरोप और ब्रिटेन दोनों ही क्षेत्रों में आने वाली बड़ी आर्थिक घटनाओं से पहले कारोबारी सतर्कता बरत रहे हैं और अपनी रणनीतियों को नए सिरे से तैयार कर रहे हैं।
ब्रिटेन का ऑटम बजट और केंद्रीय बैंकों की नीतियां
ब्रिटेन के आगामी ऑटम बजट में सरकार की कराधान और खर्च योजनाओं पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। यह वित्तीय खाका गुरुवार को आने वाले यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के ब्याज दर फैसले से ठीक पहले सामने आ रहा है। इसके साथ ही, फ्रांस में उभरती वित्तीय चिंताओं ने यूरो को बैकफुट पर धकेल दिया है, जिससे ब्रिटिश पाउंड को यूरो की तुलना में स्पष्ट समर्थन मिल रहा है। प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की दैनिक गतिविधियों के आधार पर ब्रिटिश पाउंड ने यूरो के सामने सबसे मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है।
ब्रिटेन के भीतर नीतिगत मोर्चे पर बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) 5 नवंबर को अपनी ब्याज दरों की घोषणा करने जा रहा है। विदेशी मुद्रा बाजार के कारोबारी इस बैठक में 25 बेसिस प्वाइंट्स (bps) की ब्याज दर वृद्धि की पूरी संभावना मानकर चल रहे हैं। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने इस वर्ष अब तक अपनी नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था, क्योंकि नीति निर्धारकों का मानना था कि ऊर्जा लागत में हुई वृद्धि का असर व्यापक कीमतों और मजदूरी पर सीमित रूप से ही पड़ा है। हालांकि, हालिया महंगाई आंकड़ों में तेजी के साथ-साथ स्थिर श्रम बाजार और विकास के मजबूत आंकड़ों ने दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को काफी मजबूत कर दिया है।
बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली ने इस नीतिगत दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा कि उच्च ऊर्जा कीमतों के लंबे समय तक बने रहने से मुद्रास्फीति से जुड़े जोखिम बढ़ते हैं। एंड्रयू बेली ने यह भी जोड़ा कि मौद्रिक नीति के तहत मुद्रास्फीति को तय लक्ष्य पर वापस लाने के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता की आवश्यकता है।
विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख मुद्राओं की चाल
वैश्विक मुद्रा बाजार के अन्य हिस्सों में भी महत्वपूर्ण तकनीकी और नीतिगत बदलाव दर्ज किए गए हैं। AUD/USD में मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान सकारात्मक गति लौटी और यह चढ़कर 0.7030 के स्तर पर पहुंच गया। इसने पिछले सत्र की गिरावट को पलट दिया, जिसे रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की आक्रामक दर नीति की उम्मीदों से समर्थन मिला। हालांकि, अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच यह जोड़ी 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर से नीचे बनी हुई है, क्योंकि कारोबारी फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले बुधवार को आने वाले ऑस्ट्रेलिया के सितंबर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
वहीं USD/JPY में लगातार तीसरे दिन लिवाली का रुझान देखा गया, जिससे यह एक महीने के निचले स्तर से उबरने में सफल रहा। यह तेजी बुधवार के फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के निर्णय और शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान (BoJ) की नीति समीक्षा से पहले दर्ज की गई। बाजार में यह धारणा बनी हुई है कि बैंक ऑफ जापान शायद आक्रामक दर वृद्धि से बचे, जिससे जापानी येन पर दबाव बढ़ गया और अमेरिकी डॉलर लगभग दो सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का परिदृश्य
कमोडिटी बाजार में सोना मंगलवार की सामान्य बढ़त को 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक ऊपर स्थिर रखने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के मिले-जुले रुझान और बुधवार की FOMC बैठक को लेकर बनी सतर्कता के बावजूद बहुमूल्य धातु में सोमवार के उछाल के बाद बढ़त का सिलसिला जारी रहा।
डिजिटल एसेट बाजार की बात करें तो पाई नेटवर्क (PI) मंगलवार को 0.0760 डॉलर के स्तर से ऊपर स्थिर बना रहा। पिछले दिन की करीब 2% की तेजी के बाद इसकी गति धीमी पड़ गई। व्यापक बाजार की कमजोर धारणा और घटते ट्रेडिंग वॉल्यूम ने पाई टोकन पर दबाव बनाया हुआ है। तकनीकी दृष्टिकोण से यह मंदी का संकेत दे रहा है, जहां कीमतें कमजोर मोमेंटम और एक दीर्घकालिक रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन के नीचे सीमित बनी हुई हैं।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव और यूरो-डॉलर का तकनीकी ढांचा
अमेरिकी डॉलर के लिए 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले का समय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वित्तीय बाजार जहां दिसंबर में फेड की ओर से ब्याज दरों में एक और वृद्धि की संभावना देख रहे हैं, वहीं कांग्रेस के नियंत्रण को लेकर जारी मुकाबला वित्तीय नीति की उम्मीदों को बदल सकता है और परोक्ष रूप से 2027 में अमेरिकी मौद्रिक नीति के रास्ते को भी प्रभावित कर सकता है।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, EUR/USD की ताजा कीमत 1.11 पर दर्ज की गई है, जो पिछले बंद स्तर 1.12 की तुलना में 0.76% की गिरावट दर्शाती है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 1.11 से 1.20 के बीच रहा है और ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना पर है। तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो 14-दिवसीय RSI 27 पर है, जो ओवरसोल्ड स्थिति को दिखाता है। MACD -0.01 पर है जबकि सिग्नल लाइन -0.01 (हिस्टोग्राम 0.00, बुलिश) पर है। मूविंग एवरेज में 20-दिवसीय EMA 1.12, 50-दिवसीय EMA 1.14 और 200-दिवसीय EMA 1.15 पर स्थित हैं, जबकि 50-दिवसीय SMA 1.14 और 200-दिवसीय SMA 1.16 पर हैं। 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से नीचे जाना डेथ क्रॉस दर्शाता है और कीमत दीर्घकालिक डाउनट्रेंड में है। बोलिंगर बैंड (20,2) 1.11 से 1.13 (मध्य 1.12) के बीच है और कीमत निचले बैंड के नीचे चल रही है। ADX(14) 48 पर एक मजबूत ट्रेंडिंग स्थिति दर्शाता है, जबकि स्टोकेस्टिक में फास्ट लाइन 12 और सिग्नल लाइन 48 पर है। 14-दिवसीय ATR 0.01 पर है, जो दैनिक उतार-चढ़ाव को दर्शाता है। 20-दिवसीय सपोर्ट लगभग 1.11 और रेजिस्टेंस लगभग 1.14 पर स्थित है, जिसमें पिवट 1.11, रेजिस्टेंस R1 1.11, R2 1.11 और सपोर्ट S1 1.11, S2 1.11 के स्तर पर बने हुए हैं।

















