सिनेमा प्रेमियों के बीच अपनी खास पहचान बना चुका शाहरुख खान का प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज एंटरटेनमेंट थिएटरों के अलावा डिजिटल स्ट्रीमिंग स्पेस में भी लगातार बेहतरीन कहानियां पेश कर रहा है। बड़े बजट की मसाला फिल्मों से अलग, इस बैनर ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर गहरे सस्पेंस, धारदार व्यंग्य और असल जिंदगी के गंभीर मुद्दों को उठाने वाली फिल्मों को मजबूती से सहारा दिया है। अगर आप अपने फुर्सत के पलों में कुछ अलग और रोमांचक देखना चाहते हैं, तो अलग-अलग स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद इन पांच चुनिंदा फिल्मों को अपनी सूची में शामिल कर सकते हैं।
डार्लिंग्स: घरेलू हिंसा पर तीखा वार करती डार्क कॉमेडी
जसमीत के. रीन के निर्देशन में तैयार हुई फिल्म डार्लिंग्स गंभीर विषय पर बनी एक अनोखी डार्क कॉमेडी थ्रिलर है। इस फिल्म में मुख्य भूमिकाएं आलिया भट्ट, विजय वर्मा, शेफाली शाह और रोशन मैथ्यू ने निभाई हैं। कहानी एक आम शादीशुदा महिला बदरू के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने शराबी और हिंसक पति हमजा के अत्याचारों को लंबे समय तक चुपचाप बर्दाश्त करती है। जब बर्दाश्त की हद पार हो जाती है, तो वह अपनी मां के साथ मिलकर उसी घर में अपने पति से बदला लेने का फैसला करती है। घरेलू हिंसा और शोषण जैसे संवेदनशील विषय को बहुत ही अनोखे हास्य और तनाव के साथ पेश किया गया है। बेहतरीन अभिनय और कसी हुई पटकथा वाली यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है।
बदला: दिमाग की कसरत कराने वाली कोर्टरूम और मर्डर मिस्ट्री
अगर आपको हर मोड़ पर चौंकाने वाली मिस्ट्री फिल्में पसंद हैं, तो सुजॉय घोष के निर्देशन में बनी फिल्म बदला एक मुकम्मल विकल्प है। इस सस्पेंस और क्राइम थ्रिलर में अमिताभ बच्चन, तापसी पन्नू और अमृता सिंह मुख्य किरदारों में नजर आते हैं। कहानी नैना सेठी नाम की एक मशहूर और कामयाब कारोबारी महिला की है, जिस पर अपने ही प्रेमी की हत्या का गंभीर आरोप लगता है। खुद को कानूनी शिकंजे से बचाने के लिए वह एक अत्यंत अनुभवी और कभी कोई केस न हारने वाले वकील को नियुक्त करती है। वकील और आरोपी महिला के बीच बंद कमरे में होने वाली बातचीत के दौरान धीरे-धीरे कई परतें और हैरान करने वाले सच सामने आते हैं। जबरदस्त क्लाइमेक्स वाली यह थ्रिलर नेटफ्लिक्स पर देखी जा सकती है।
कामयाब: सिनेमा के चरित्र कलाकारों के संघर्ष का संवेदनशील दस्तावेज
निर्देशक हार्दिक मेहता की फिल्म कामयाब हिंदी सिनेमा के उन साइड एक्टर्स और चरित्र अभिनेताओं को एक भावुक श्रद्धांजलि देती है, जिनका चेहरा तो सबको याद रहता है लेकिन नाम अक्सर अनसुना रह जाता है। इस फिल्म में मंझे हुए अभिनेता संजय मिश्रा और दीपक डोबरियाल ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। कहानी सुधीर नाम के एक उम्रदराज और रिटायर्ड साइड एक्टर की जिंदगी को दिखाती है, जिसे पता चलता है कि उसने अपने करियर में 499 फिल्मों में काम किया है। इसके बाद वह किसी भी तरह एक आखिरी यानी अपनी 500वीं फिल्म में काम करके एक अनोखा रिकॉर्ड पूरा करने की कोशिश में जुट जाता है। संजय मिश्रा का दिल को छू लेने वाला अभिनय इस सादगी भरी फिल्म की सबसे बड़ी खूबी है, जिसे आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं।
लव हॉस्टल: ऑनर किलिंग और नफरत के साए में पनपता खौफनाक थ्रिलर
शंकर रमन द्वारा निर्देशित लव हॉस्टल एक बेहद आक्रामक, डार्क और रोंगटे खड़े कर देने वाली क्राइम ड्रामा फिल्म है। इसमें विक्रांत मैसी, सान्या मल्होत्रा और बॉबी देओल ने मुख्य भूमिकाएं अदा की हैं। हरियाणा की ग्रामीण पृष्ठभूमि पर आधारित यह कहानी दो ऐसे प्यार करने वालों की है, जो रूढ़िवादी सामाजिक नियमों और अपने परिवारों के कड़े विरोध के बावजूद भागकर शादी कर लेते हैं। दोनों को अपनी जान बचाने के लिए एक सरकारी सेफ हाउस में शरण लेनी पड़ती है, लेकिन उनका पीछा डागर नाम का एक बेरहम और खूंखार कॉन्ट्रैक्ट किलर करता है। बॉबी देओल ने इस फिल्म में एक खामोश और क्रूर हत्यारे का किरदार निभाकर सबको चौंका दिया था। यह रोंगटे खड़े करने वाली थ्रिलर जी5 पर स्ट्रीम हो रही है।
भक्षक: व्यवस्था को झकझोरने वाले एक घिनौने सच का पर्दाफाश
पुलकित के निर्देशन में बनी फिल्म भक्षक एक सच्ची घटना से प्रेरित सामाजिक क्राइम थ्रिलर है, जो सीधे दर्शक के अंतर्मन को झकझोर कर रख देती है। इसमें भूमि पेडनेकर के साथ संजय मिश्रा, आदित्य श्रीवास्तव और सई ताम्हणकर ने दमदार भूमिकाएं निभाई हैं। यह कहानी बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका शेल्टर होम में अनाथ बच्चियों के साथ हुए अमानवीय यौन उत्पीड़न कांड पर आधारित है। फिल्म में एक छोटे शहर की निडर महिला पत्रकार वैशाली सिंह सत्ता, बाहुबल और सिस्टम की उदासीनता के खिलाफ अकेली खड़ी होकर इस काले सच को बेनकाब करने का जोखिम उठाती है। गंभीर विषय को जिम्मेदारी से दिखाती यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर मौजूद है।



















