दीवाली पर्व नजदीक आते ही करौली के कपड़ा बाजारों में खरीदारी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। त्योहार के अवसर पर विशेष परिधानों की तलाश में जुटी महिलाएं साड़ी की दुकानों पर भारी संख्या में पहुंच रही हैं। इस त्योहारी सीजन में वस्त्र बाजार में कई आधुनिक डिजाइन और नई बुनावटें पेश की गई हैं, लेकिन इनमें सबसे ज्यादा ध्यान गुजरात के सूरत कपड़ा बाजार से आए एक नए फैब्रिक पैटर्न ने खींचा है। ‘फैंटी साटन’ नाम से पहचाने जाने वाले इस कपड़े की साड़ियां अपनी विशिष्ट चमक, सुरुचिपूर्ण रूप और जेब के अनुकूल दामों की बदौलत खरीदारों के बीच चर्चा का विषय बन चुकी हैं।
दीवाली और वैवाहिक सीजन को ध्यान में रखकर बाजार में एंट्री
वस्त्र व्यापार से जुड़े कारोबारी पंकज गुप्ता के अनुसार, सूरत के कपड़ा उद्योग ने फैंटी साटन कपड़े का यह नया प्रारूप पहली मर्तबा बाजार में उतारा है। आगामी दीवाली पर्व के साथ-साथ शुरू होने वाले शादी-ब्याह के मौसम की जरूरतों को ध्यान में रखकर इस खास सामग्री से तैयार साड़ियों को दुकानों में उपलब्ध कराया गया है। एकदम ताजा वैरायटी होने के चलते महिलाओं में इसके प्रति गहरा आकर्षण देखने को मिल रहा है। ग्राहक इसे केवल दीवाली पूजन या त्योहार तक सीमित न रखकर पारिवारिक पार्टियों और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में पहनने के उद्देश्य से भी प्राथमिकता से खरीद रही हैं।
शानदार चमक और विविधता भरा डिजाइन संग्रह
फैंटी साटन साड़ी की सबसे बड़ी पहचान इसका हल्का मगर चमकदार ताना-बाना है, जो इसे पारंपरिक साड़ियों के मुकाबले एक अलग और आधुनिक उभार देता है। परिधान के रूप में सजने पर यह साड़ी एक बेहतरीन पार्टी वियर का एहसास कराती है। बाजार में इस कपड़े के भीतर कई प्रकार की शैलियां प्रस्तुत की गई हैं। इनमें सादगी पसंद करने वाली महिलाओं के लिए प्लेन वर्क वाले विकल्प मौजूद हैं, तो वहीं उत्सव के माहौल के अनुकूल विभिन्न आकर्षक और नए पैटर्न वाली साड़ियां भी सजाई गई हैं। प्रत्येक साड़ी को एक खास अंदाज में तैयार किया गया है ताकि हर आयु वर्ग की महिला अपनी व्यक्तिगत पसंद के अनुसार चयन कर सके।
800 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक के बजट विकल्प
इस नए फैशन विकल्प की लोकप्रियता की एक प्रमुख वजह इसका मूल्य दायरा भी है। कपड़ा दुकानों पर फैंटी साटन की साड़ियां 800 रुपये की शुरुआती कीमत से लेकर 3000 रुपये तक के दायरे में बेची जा रही हैं। इस किफायती रेंज के कारण महिलाएं अपने तय घरेलू बजट के भीतर रहकर एक फैशनेबल साड़ी का चुनाव कर पा रही हैं। कम लागत में महंगे और भारी परिधान जैसा स्वरूप मिल जाने से बाजार में इसकी मांग तेजी से चढ़ रही है। त्योहारी दौर में पारंपरिक पहनावे के साथ आधुनिक फैशन के मेल का चलन बढ़ा है, जिसमें यह साड़ी सटीक बैठ रही है। स्थानीय कपड़ा कारोबारियों को भरोसा है कि ग्राहकों के इस सकारात्मक रुझान से मौजूदा कारोबारी सत्र में बिक्री के आंकड़े काफी मजबूत रहेंगे।



















