त्योहारों के आते ही हर घर में पारंपरिक मिठाइयों की महक फैलने लगती है। दिवाली जैसे बड़े पर्व पर बाजार की मिलावटी मिठाइयों से बचने के लिए कई लोग रसोई में खुद ही कुछ खास पकाना पसंद करते हैं। ऐसे में अगर आप बिना मावा या खोया का झंझट पाले एकदम हलवाई जैसी बनावट वाली बर्फी बनाना चाहते हैं, तो यह खास तरीका बेहद काम आएगा। सूजी और ठंडे दूध के छोटे से नुस्खे की मदद से बेसन में वह खास दानेदार बनावट लाई जा सकती है, जो मुंह में जाते ही घुल जाती है और जिसकी मिठास हर उम्र के लोगों को पसंद आती है।
तैयारी के लिए जरूरी सामग्री और मात्रा
इस पारंपरिक मिष्ठान को तैयार करने से पहले सभी आवश्यक चीजों को सही माप में इकट्ठा कर लें, ताकि बनाते समय अनुपात न बिगड़े।
- देसी घी: कुल नौ बड़े चम्मच, जिसमें से पहले हिस्से में 5 बड़े चम्मच और दूसरे हिस्से में 4 बड़े चम्मच का इस्तेमाल होगा।
- सूजी: 1 कप बारीक पिसी हुई, जो मिश्रण को सही कुरकुरापन और आधार देती है।
- बेसन: 1 कप अच्छी गुणवत्ता का छना हुआ बेसन।
- मिल्क पाउडर: 2 बड़े चम्मच, जिससे मावे जैसा समृद्ध स्वाद मिल सके।
- दूध: 2 बड़े चम्मच एकदम ठंडा दूध, जो बेसन में दाना उभारने के काम आता है।
- मीठे के लिए: 1.5 कप चीनी और चाशनी पकाने के लिए ¾ कप पानी।
- सुगंध और सजावट: कुछ धागे केसर, आधा छोटा चम्मच कुटी इलायची का पाउडर, 1 चुटकी नमक तथा बारीक कटे बादाम और पिस्ता।
सूजी और बेसन की सिकाई का पहला चरण
सबसे पहले गैस चूल्हा जलाकर उस पर भारी तले की एक कड़ाही चढ़ाएं। जब बर्तन अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब उसमें 5 बड़े चम्मच देसी घी डालें। घी पिघलते ही उसमें एक कप बारीक सूजी पलट दें। धीमी और मध्यम आंच पर कलछी चलाते हुए सूजी को तब तक भूनते रहें, जब तक उसका रंग हल्का लाल या बादामी न दिखने लगे। पूरी तरह भुन जाने पर सूजी को एक अलग थाली में निकाल कर रख लें।
इसके बाद खाली कड़ाही में पुनः 4 बड़े चम्मच देसी घी डालें और उसे हल्का गर्म करें। अब कड़ाही में एक कप बेसन डालें और आंच धीमी कर दें। बेसन को लगातार चलाते रहें ताकि वह तले पर चिपके नहीं। जब बेसन में से सौंधी और मनमोहक खुशबू उठने लगे तथा उसका रंग सुनहरा होने लगे, तब समझें कि बेसन सही तरीके से सिक चुका है।
दूध के छींटे और दानेदार बनावट तैयार करना
जब भुने हुए बेसन का रंग हल्का सुनहरा हो जाए, तभी उसमें दो बड़े चम्मच ठंडा दूध धीरे-धीरे डालें। दूध पड़ते ही बेसन में तेज झाग उठेगा और उसमें बारीक-बारीक दाने उभर आएंगे। इस अवस्था में चम्मच तेजी से चलाएं ताकि पूरा मिश्रण एक समान दानेदार रूप ले ले। तुरंत बाद इसमें पहले से भूनकर रखी गई सूजी मिला दें। साथ ही दो बड़े चम्मच मिल्क पाउडर भी डाल दें। इन तीनों चीजों को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए लगभग 2 मिनट तक और पकाएं, जिससे सभी सामग्रियां आपस में घुलमिल जाएं।
एक तार की चाशनी और मिश्रण को पकाना
एक अलग गहरे बर्तन में चीनी, पानी और केसर के धागों को एक साथ मिलाकर मध्यम आंच पर पकने के लिए रख दें। जब चीनी पूरी तरह घुल जाए और उसमें उबाल आने लगे, तब उसे तब तक पकाएं जब तक कि चाशनी एक तार की न खिंचने लगे। तार की जांच करने के लिए उंगलियों के बीच हल्की सी बूंद दबाकर देख लें। जब एक स्पष्ट तार बनने लगे, तब चाशनी में आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर और स्वाद को उभारने के लिए एक चुटकी नमक मिला दें।
अब इस खौलती हुई एक तार की चाशनी को भुने हुए बेसन और सूजी वाले मिश्रण में धीरे-धीरे उंडेलें और बिना रुके कलछी चलाते रहें। गैस को बिल्कुल हल्की आंच पर रखें। मिश्रण को तब तक लगातार घोटते रहें जब तक कि वह कड़ाही के किनारे न छोड़ने लगे और एक गाढ़े, जमने योग्य रूप में न आ जाए।
बर्फी जमाना, मेवों से सजावट और परोसना
जब घोल पूरी तरह गाढ़ा होकर जमने की सही स्थिति में पहुंच जाए, तब गैस बंद कर दें। पहले से घी लगी एक चिकनी ट्रे या चौड़ी थाली में इस गर्म मिश्रण को एकसमान मोटाई में अच्छी तरह फैला दें। ऊपर से कटे हुए पिस्ता और बादाम की कतरन चारों तरफ छिड़कें और चम्मच के पिछले हिस्से से हल्का सा दबा दें ताकि मेवे बर्फी की सतह पर चिपक जाएं।
इस थाली को सामान्य तापमान पर लगभग 30 मिनट के लिए जमने हेतु छोड़ दें। जब बर्फी पूरी तरह ठंडी और ठोस हो जाए, तब चाकू की मदद से मनचाहे चौकोर या डायमंड आकार के टुकड़ों में काट लें। तैयार है बिना किसी मावा के बनी शुद्ध, दानेदार और स्वादिष्ट बेसन बर्फी, जिसे किसी भी मांगलिक अवसर पर परोसा जा सकता है।


















