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सिंटा विवाद पर आया पहला बयान, पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे के खिलाफ लगे आरोपों पर CINTAA ने तोड़ी चुप्पीमनोरंजन
10 अग॰ 2026, 5:36 pm (11 घंटे पहले)· 1

सिंटा विवाद पर आया पहला बयान, पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे के खिलाफ लगे आरोपों पर CINTAA ने तोड़ी चुप्पी

सिंटा (CINTAA) की एग्जीक्यूटिव कमेटी के भंग होने की खबरों को एसोसिएशन ने खारिज कर दिया है। संगठन ने कहा है कि कुछ असंतुष्ट सदस्यों द्वारा जानबूझकर भ्रम फैलाया जा रहा है।

सोमवार के दिन सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन यानी सिंटा के भीतर काफी उथल-पुथल देखने को मिली थी। इस दौरान एसोसिएशन के 8 सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए कमेटी को भंग किए जाने का दावा किया था। इस पूरे घटनाक्रम में कमेटी की जनरल सेक्रेटरी और लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री उपासना सिंह ने सामने आकर सिंटा की अध्यक्ष पूनम ढिल्लों और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे पर गंभीर सवाल उठाए थे और जमकर हमला बोला था। अब इस पूरे विवाद पर संगठन की तरफ से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आ चुकी है।

दावों को किया गया खारिज

कलाकारों की सबसे पुरानी और प्रमुख प्रतिनिधि संस्थाओं में शुमार सिंटा पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए गए थे। इन तमाम दावों के सामने आने के बाद एसोसिएशन ने अपना पहला आधिकारिक बयान जारी किया और सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। संगठन ने इस बात का भी खंडन किया कि एग्जीक्यूटिव कमेटी को किसी भी तरह से भंग कर दिया गया है या उसका अस्तित्व समाप्त हो गया है।

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नियमों का दिया गया हवाला

कमेटी के भंग होने की बात को पूरी तरह से नकारते हुए CINTAA की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई कि किसी भी कमेटी को भंग करने के लिए उसके 50 प्रतिशत से अधिक चुने हुए सदस्यों का इस्तीफा देना अनिवार्य होता है। वर्तमान स्थिति में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है, इसलिए एग्जीक्यूटिव कमेटी पूरी तरह से सक्रिय है और अपने नियमित कामकाज का संचालन कर रही है।

कानूनी पक्ष और बाहरी दखल पर बात

एग्जीक्यूटिव कमेटी यानी EC के भंग किए जाने को लेकर फैल रही अफवाहों पर CINTAA के लीगल काउंसल एडवोकेट सुविज्ञ विद्यार्थी ने अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कमेटी के भंग होने की बातें पूरी तरह निराधार हैं। ऐसा केवल तभी संभव है जब आधे से ज्यादा यानी 50 प्रतिशत चुने हुए सदस्य अपना इस्तीफा सौंप दें, जो कि अभी तक नहीं हुआ है। इसके साथ ही इस पूरे मामले में FWICE की एंट्री पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि FWICE ने इस मामले में दखल देने की कोशिश की है, जो कि सिंटा के संविधान के दायरे में नहीं आता है। कुछ असंतुष्ट सदस्यों के दबाव में आकर ही ऐसा कदम उठाया गया है, जबकि CINTAA एक पूरी तरह से स्वतंत्र बॉडी है जिसमें किसी भी बाहरी संस्था को दखल देने का अधिकार नहीं है।

भ्रम फैलाने का लगाया आरोप

लीगल काउंसल ने आगे यह भी कहा कि कुछ नाराज सदस्य अपने गलत उद्देश्यों को पूरा करने के लिए जानबूझकर भ्रम का माहौल तैयार कर रहे हैं। संगठन के भीतर मतभेद होना, सदस्यों का इस्तीफा देना या कोई बदलाव होना इस बात का प्रमाण नहीं है कि उसके संविधान और उसकी वैधता को ही समाप्त मान लिया जाए। एसोसिएशन ने यह भी दोहराया कि कलाकारों के कल्याण के लिए यह संस्था पिछले 68 सालों से लगातार काम करती आ रही है और आगे भी उसी प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करती रहेगी।

उपासना सिंह द्वारा लगाए गए आरोप

इससे पहले CINTAA की जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह ने मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे अपने उच्च पदों का गलत इस्तेमाल कर रही हैं। उनके अनुसार संगठन के पैसों का उपयोग व्यक्तिगत पब्लिसिटी के लिए किया जा रहा है, निजी ईमेल आईडी से मेल भेजे जा रहे हैं और एसोसिएशन के कार्यों के दौरान प्राइवेट वकीलों को साथ रखा जाता है। इन्हीं सब वजहों से 8 सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।

सवाल-जवाब

CINTAA का पूरा नाम क्या है?
CINTAA का पूरा नाम सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (Cine and Television Artists Association) है।
क्या सिंटा की एग्जीक्यूटिव कमेटी भंग कर दी गई है?
नहीं, CINTAA ने कमेटी के भंग होने के दावों को सिरे से खारिज किया है और स्पष्ट किया है कि कमेटी पूरी तरह से काम कर रही है।
कमेटी को भंग करने के लिए क्या नियम है?
CINTAA के नियमों के अनुसार, कमेटी को भंग करने के लिए कम से कम 50 प्रतिशत से अधिक चुने हुए सदस्यों का इस्तीफा देना जरूरी होता है।
पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर किसने आरोप लगाए?
CINTAA की जनरल सेक्रेटरी और अभिनेत्री उपासना सिंह ने पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर अपने पद के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया था।
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