बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू की आने वाली फिल्म गांधारी सिनेमाघरों में आने से पहले ही बड़े कानूनी विवाद में उलझती नजर आ रही है। इस फिल्म की पटकथा और विषय वस्तु को लेकर उठे सवालों ने इंडस्ट्री में हलचल पैदा कर दी है। कल्याण बांदी नामक एक लेखक ने दावा किया है कि इस फिल्म की मूल कहानी उनकी साल 2019 में रचित और विधिवत रजिस्टर कराई गई पटकथा से मेल खाती है। दूसरी तरफ, फिल्म की लेखिका और निर्माता कनिका ढिल्लों के प्रोडक्शन हाउस ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार और असत्य बताया है।
निर्माताओं का पक्ष है कि यह सिनेमाई कृति किसी भी अन्य लेखक की रचना की नकल नहीं है, बल्कि एक पूरी तरह से मौलिक और स्वतंत्र पटकथा है। रिलीज से पहले इस तरह के कॉपीराइट संबंधी विवाद सामने आने के कारण तापसी पन्नू की यह फिल्म लगातार सुर्खियों का केंद्र बनी हुई है और दर्शक तथा समीक्षक इस पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
फिल्म की कहानी और विवाद का मुख्य बिंदु
तापसी पन्नू इस बहुप्रतीक्षित फिल्म में एक ऐसी मां का किरदार निभा रही हैं जिसकी संतान का अपहरण हो जाता है। अपनी बेटी को सकुशल वापस पाने के लिए वह हर संभव प्रयास करती है और न्याय की खातिर समाज की तय की गई सारी सीमाओं को लांघ जाती है। इस भावनात्मक और एक्शन से भरपूर कथानक को लेकर ही लेखक कल्याण बांदी ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि उन्होंने साल 2019 में इसी नाम यानी गांधारी से एक कहानी लिखी थी जिसे उन्होंने कानूनी रूप से रजिस्टर भी करवाया था। उनकी लिखी उस पटकथा में भी एक मां के भयंकर संघर्ष को दिखाया गया था जो चाइल्ड ट्रैफिकिंग रैकेट के चंगुल में फंसने के बाद एक आक्रामक और उग्र रूप धारण कर लेती है।
इंडस्ट्री के बड़े लोगों के साथ कहानी साझा करने का दावा
कल्याण बांदी वर्तमान में केंद्रीय जीएसटी और कस्टम विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका यह कहना है कि उन्होंने अपनी इस कहानी को काफी समय पहले फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई प्रभावशाली लोगों के सामने प्रस्तुत किया था। एक मीडिया साक्षात्कार में उन्होंने इस बात का खुलासा किया कि उन्होंने साल 2019 में यह पटकथा मोनिका शेरगिल को सुनाई थी, जो वर्तमान समय में नेटफ्लिक्स में वाइस प्रेसिडेंट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपनी आठ पन्नों की मूल कथा और गांधारी शीर्षक पर आधारित दो पन्नों का सारांश भी संबंधित लोगों के साथ साझा किया था।
कानूनी नोटिस और प्रोडक्शन हाउस का स्पष्टीकरण
लेखक ने आगे यह भी बताया कि उस समय उन्हें यह सूचना दी गई थी कि उनकी यह कहानी अस्वीकार कर दी गई है। इसके बाद उन्होंने अपनी इस कहानी और समरी को स्क्रिप्ट राइटर्स यूनियन के पास भी सुरक्षित रूप से रजिस्टर करवा दिया था। लेकिन जब साल 2025 में स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर गांधारी फिल्म के निर्माण और रिलीज की आधिकारिक घोषणा हुई, तो वे हैरान रह गए कि यह सब कैसे हो गया। उनका मानना है कि फिल्म का पूरा प्रोजेक्ट उनकी रची गई कहानी के बेहद करीब और समान है। इसी समानता को आधार बनाते हुए उन्होंने सितंबर 2025 में फिल्म के प्रोडक्शन हाउस से संपर्क करके आर्थिक मुआवजे की मांग की थी और फिल्म में बतौर लेखक क्रेडिट दिए जाने की बात कहते हुए एक लीगल नोटिस भी भेजा था। हालांकि, कनिका ढिल्लों के प्रोडक्शन हाउस ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए दोहराया है कि यह किसी भी प्रकार की चोरी या नकल नहीं है।



















