दलेर मेहंदी के उत्तराखंड में हुए एक लाइव शो का मामला इन दिनों काफी चर्चा में बना हुआ है। कार्यक्रम के दौरान राज्य के मंत्री सुबोध उनियाल की तरफ से आपत्ति जताए जाने के बाद से यह पूरा घटनाक्रम सुर्खियों में आ गया है। अब इस पूरे विवाद पर जाने-माने गायक मीका सिंह ने भी अपनी बात सामने रखी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कॉन्सर्ट में मौजूद आम दर्शक तो पूरी तरह से परफॉर्मेंस का मजा ले रहे थे, लेकिन मंत्री साहब की नाराजगी अलग ही नजर आ रही थी।
उत्तराखंड के उस कार्यक्रम के दौरान मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी पर गंभीर सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि गायक शराब के नशे में हैं, ठीक से बोल भी नहीं पा रहे हैं और मंच पर केवल लिप-सिंक करके जनता को मूर्ख बना रहे हैं। इस बयान के सामने आने के बाद मामला काफी तूल पकड़ गया था। इस मुश्किल वक्त में दलेर मेहंदी के पक्ष में फिल्म और संगीत जगत से कई नाम सामने आए थे। पलाश सेन, कपिल शर्मा, इला अरुण, अनुपम खेर और सुदेश लहरी जैसे तमाम बड़े कलाकारों ने खुलकर दलेर मेहंदी का समर्थन किया था। अब इस कड़ी में मीका सिंह ने भी अपनी राय रखते हुए कहा कि यदि किसी को गाना पसंद न आए, तो दर्शक खुद अपनी बात कह देते हैं।
अपने लाइव कॉन्सर्ट्स का अनुभव साझा करते हुए मीका सिंह ने बताया कि यदि किसी कलाकार की प्रस्तुति लोगों को भाती नहीं है, तो वे तुरंत अपनी नाखुशी जाहिर कर देते हैं। कई बार हालात ऐसे होते हैं कि दर्शक सीधे तौर पर गाना बदलने की मांग तक कर बैठते हैं। उनके अपने संगीत सफर में भी ऐसा कई बार हुआ है, जब उन्होंने कोई ऐसा गीत गाया जो उस वक्त श्रोताओं को पसंद नहीं आया, तो लोगों ने तुरंत टोक दिया। गायक का कहना था कि आज के दौर में यदि दर्शकों को कोई परफॉर्मेंस रास नहीं आती है, तो वे साफ कह देते हैं कि उन्हें मजा नहीं आ रहा है और वे वहां से उठकर जाने लगते हैं। यानी लाइव मंच पर दर्शकों का रिएक्शन ही यह तय करता है कि कलाकार का काम उन्हें पसंद आ रहा है या नहीं।
दलेर मेहंदी के कार्यक्रम की चर्चा करते हुए मीका सिंह ने दावा किया कि वहां मौजूद भीड़ शो का पूरा आनंद उठा रही थी। श्रोता गानों पर झूम रहे थे, नाच रहे थे और उन्हें यह प्रस्तुति काफी अच्छी लग रही थी। इसके बावजूद मंत्री सुबोध उनियाल का गुस्सा होना समझ से परे था। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस इवेंट के वीडियो खुद देखें। उनका कहना था कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो क्लिप्स और वहां की प्रतिक्रियाओं को देखकर आसानी से समझा जा सकता है कि उस दौरान कॉन्सर्ट का माहौल कैसा था और जनता ने किस तरह रिएक्ट किया था।
यह पूरा विवाद उत्तराखंड में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान हुए दलेर मेहंदी के लाइव शो से जुड़ा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, मंत्री सुबोध उनियाल ने कार्यक्रम के समापन से पहले ही शो को बीच में ही रुकवा दिया था। ऐसा बताया गया कि नवरात्र के पवित्र दिनों के दौरान इस धार्मिक आयोजन में दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस को लेकर मंत्री ने आपत्ति जताई थी। उन पर शराब के नशे में होने और केवल लिप-सिंकिंग करने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, ये सभी बातें इस विवाद का हिस्सा भर हैं और इन्हें किसी भी तरह से अदालत द्वारा सिद्ध किया गया तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।





















