रूस के शीर्ष सहयोगी ने यह स्पष्ट किया है कि मास्को अमेरिका और यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के वास्ते बातचीत की मेज पर लौटने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह बयान रूसी शहर सेंट पीटर्सबर्ग में व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बीच हुई लगभग तीन घंटे लंबी बैठक के तुरंत बाद सामने आया है। यूक्रेनी राजधानी कीव लंबे समय से फरवरी में स्थगित हुई त्रिपक्षीय वार्ताओं को तुरंत बहाल करने का दबाव बना रही थी, और अब इस दिशा में सकारात्मक संकेत मिले हैं।
फरवरी 2022 में व्लादिमीर संवेदनशीलता के साथ जब पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू हुआ था, तब से रूस, यूक्रेन और अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों ने युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से कई दौर की बैठकें की थीं। हालांकि, पिछले महीने रूस के खिलाफ हुए बड़े यूक्रेनी हमलों के बाद क्रेमलिन ने इन वार्ताओं को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया था, जिसके कारण कूटनीतिक प्रक्रिया बाधित हो गई थी। अब स्थिति में बदलाव आते दिख रहे हैं और राजनयिक स्तर पर नए सिरे से चर्चा की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
नई वार्ताओं की संभावित समयरेखा और शर्तें
सेंट पीटर्सबर्ग में हुई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए शीर्ष रूसी अधिकारी यूरी उताकोव ने सुझाव दिया कि वार्ताओं का आगामी नया दौर आगामी 10 नवंबर के आसपास आयोजित किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भविष्य की इन वार्ताओं का मुख्य एजेंडा संघर्ष की समाप्ति के पश्चात रूस और यूक्रेन के लिए एक मजबूत और सुरक्षित सुरक्षा प्रणाली का निर्माण करना होना चाहिए। मास्को का मानना है कि केवल तात्कालिक युद्धविराम से स्थायी शांति हासिल नहीं की जा सकती, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को नए सिरे से परिभाषित करना होगा।
अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति और अन्य नेताओं की भूमिका
स्टीव विटकॉफ ने रूस की अपनी यात्रा से पहले सोमवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ-साथ नॉर्वे और फिनलैंड के शीर्ष नेताओं के साथ भी महत्वपूर्ण बैठकें की थीं। हालांकि, इन वार्ताओं के संदर्भ में रूसी पक्ष ने यह स्पष्ट किया कि उन देशों के नेताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए विचार और सुझाव बहुत अधिक उपयोगी साबित नहीं हुए हैं। इसके बावजूद, अमेरिका की मध्यस्थता और रूस की सैद्धांतिक सहमति से यह संकेत मिलता है कि कूटनीतिक चैनलों को फिर से जीवित करने के प्रयास विभिन्न स्तरों पर जारी हैं।



















