राजधानी दिल्ली के पीतमपुरा इलाके में एक लड़की को लेकर शुरू हुआ पुराना विवाद आखिरकार खूनी संघर्ष में बदल गया। रामलीला विसर्जन देखने पहुंचे दो दोस्तों पर कुछ बदमाशों ने चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अपने दोस्त आशू को बचाने की कोशिश कर रहे 16 वर्षीय अरुण की इस जानलेवा हमले में मौत हो गई, जबकि आशू की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज चल रहा है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है और परिजनों तथा स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
रामलीला मैदान में हुआ खूनी हमला
घटना दिल्ली के थाना मौर्य एन्क्लेव क्षेत्र के पीयू ब्लॉक पीतमपुरा स्थित रामलीला मैदान की है। यहां रामलीला विसर्जन का कार्यक्रम चल रहा था और भारी भीड़ जमा थी। इसी दौरान अरुण और उसका दोस्त आशू भी वहां पहुंचे थे। किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि वहां पहले से घात लगाकर बैठे लोग ऐसा खौफनाक कदम उठाएंगे। आरोप है कि करीब आधा दर्जन युवक अचानक वहां आए और उन्होंने आशू को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद आरोपियों ने उस पर चाकुओं से हमला शुरू कर दिया। जब 16 साल के अरुण ने अपने दोस्त को बचाने के लिए बीच-बचाव किया, तो हमलावरों ने उसे भी अपना निशाना बना लिया। दोनों पर ताबड़तोड़ कई वार किए गए, जिससे वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। इस अचानक हुए हमले से वहां भगदड़ मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अंबेडकर अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
इस भयानक हमले में अरुण और आशू दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तुरंत नजदीकी अंबेडकर अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने अरुण को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दूसरे घायल आशू की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। उसके शरीर और जांघ पर चाकू के कई गहरे घाव हैं। आशू की मां का कहना है कि उनके बेटे पर बेरहमी से वार किया गया और वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक साल पुराना विवाद बना हत्या की वजह
परिवार के सदस्यों के अनुसार, इस खूनी वारदात की जड़ में करीब एक साल पुराना विवाद है। घायल आशू की बुआ ने जानकारी दी कि लगभग एक साल पहले आशू का एक लड़की से संबंध था। इसी मामले को लेकर इंस्टाग्राम पर सोशल मीडिया के जरिए गाली-गलौज और विवाद हुआ था। मामला उस समय पुलिस थाने तक भी जा पहुंचा था। हालांकि, उस वक्त दोनों पक्षों ने आपस में बातचीत करके और माफी मांगकर मामला सुलझा लिया था और थाने में समझौता हो गया था। परिवार का आरोप है कि उसी लड़की से जुड़े दूसरे युवक ने इस समझौते के बाद भी आशू से पुरानी रंजिश जारी रखी। आरोप है कि इसी पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए मुख्य आरोपी अपने साथियों के साथ रामलीला विसर्जन स्थल पर पहुंचा था। परिजनों का दावा है कि हमलावरों का मुख्य निशाना आशू था, लेकिन बीच-बचाव करने आए अरुण की भी बेरहमी से जान ले ली गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है और असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
थाना मौर्य एन्क्लेव का घेराव और प्रदर्शन
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद स्थानीय लोगों और गुस्से से भरे परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना से नाराज लोगों ने थाना मौर्य एन्क्लेव का घेराव कर दिया और सड़क पर जाम लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस घटना में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने और शांत कराने का प्रयास किया है, साथ ही आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।



















