मिठाइयों और पारंपरिक व्यंजनों के शौकीन लोग अक्सर नई और अनोखी रेसिपी की तलाश में रहते हैं। अगर आपने अब तक सिर्फ बेसन से बनी पकौड़ियों का ही स्वाद चखा है, तो एक बार इस अनोखी स्वीट डिश को जरूर आजमाएं। ग्रामीण इलाकों में बड़े चाव से बनाई जाने वाली इस पारंपरिक मिठाई को दूध बरिया के नाम से जाना जाता है। इसे बनाने में बहुत ज्यादा समय नहीं लगता और रसोई में मौजूद बेहद सामान्य सामग्री से ही यह आसानी से तैयार हो जाती है।
दूध बरिया बनाने की आसान सामग्री और शुरुआती तैयारी
इस पारंपरिक डिश को बनाने के लिए सबसे पहले एक कढ़ाही में थोड़ा सा घी गर्म करें और उसमें गेहूं का आटा डालकर अच्छी तरह भून लें। ध्यान रखें कि घी बहुत अधिक मात्रा में नहीं लेना है, बल्कि केवल इतना होना चाहिए कि आटा ठीक वैसे ही भुन सके जैसे पंजीरी बनाते समय भूना जाता है। आटे से जब एक सौंधी और भीनी-भीनी खुशबू आने लगे, तब कढ़ाही को आंच से नीचे उतारकर एक तरफ रख लें। यह पूरी प्रक्रिया धीमी आंच पर ही की जानी चाहिए और आटे को लगातार चलाते रहना चाहिए ताकि वह हल्का लाल होने तक समान रूप से भुन जाए।
आटे का घोल तैयार करने की सही विधि
भुने हुए आटे को आंच से उतारने के बाद उसमें धीरे-धीरे सामान्य तापमान का पानी मिलाना शुरू करें। पारंपरिक और ऑथेंटिक रेसिपी में जो गांव-देहात के पारंपरिक तरीकों से बनाई जाती है, उसमें सोडा नहीं डाला जाता है, हालांकि कुछ लोग पकौड़ियों को अधिक मुलायम बनाने के लिए इसी चरण में एक चुटकी सोडा मिला देते हैं। यह पूरी तरह से आपकी व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। पानी मिलाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि घोल एकदम चिकना बने और उसमें किसी भी प्रकार की गांठें यानी लम्प्स बिल्कुल न रहें।
दूध में पकौड़ियां पकाने का सही तरीका
अब एक अलग पतीले में दूध उबलने के लिए गैस पर चढ़ा दें और उसमें एक अच्छा उबाल आने दें। जब दूध उबलने लगे तो गैस की आंच धीमी कर दें और जो आटे का घोल आपने तैयार किया है, उसकी छोटी-छोटी पकौड़ियां जैसी बूंदें सीधे उबलते हुए दूध में ही डालना शुरू कर दें, बिल्कुल वैसे ही जैसे तेल में पकौड़ियां तली जाती हैं। चूंकि दूध गर्म होता है, इसलिए यह पूरा काम बहुत ही सावधानी के साथ करें ताकि आपके हाथ न जलें। इसके बाद इन आटे की गोलियों को दूध के अंदर ही पकने दें। करीब 5 से 7 मिनट के भीतर आटे की ये गोलियां अच्छी तरह पक जाती हैं।
चलाने के लिए सावधानी और सही बर्तन का चुनाव
इन पकौड़ियों को दूध में मिलाते या चलाते वक्त कलछी के उल्टी तरफ का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि वे आपस में चिपक न सकें और कच्ची अवस्था में होने पर टूटे भी नहीं। पतीले में दूध की मात्रा पर्याप्त होनी चाहिए ताकि गोलियां आसानी से तैर सकें और आपस में न जुड़ें। थोड़े ही समय में ये पककर तैयार हो जाती हैं। करीब 5 से 7 मिनट बीत जाने के बाद जब दूध बरिया अच्छी तरह पक जाए, तब इसमें अपनी आवश्यकतानुसार शक्कर मिलाएं और करछी से चलाएं। इसके बाद अपनी पसंद के अनुसार सूखे मेवे और इलायची पाउडर डालकर गैस को बंद कर दें और बर्तन को ढककर रख दें।
सर्व करने का सही तरीका और पुराना इतिहास
अगर आपके पास घर में सूखे मेवे उपलब्ध नहीं भी हैं, तब भी यह डिश खाने में उतनी ही स्वादिष्ट लगती है। इसे हल्का ठंडा होने पर परोसा जाता है, हालांकि इसे गर्मागर्म ही खाने का असली मजा है और इसे फ्रिज में रखकर ठंडा करने की जरूरत नहीं होती है। पुराने समय में लोग रात के खाने यानी डिनर में इस विशेष मिठाई को तब बनाते थे जब परिवार में कुछ हटकर और खास खाने की इच्छा होती थी। इस प्रकार मात्र 15 से 25 मिनट के भीतर, बहुत कम सामग्री और न्यूनतम मेहनत के साथ दूध की ये अनोखी पकौड़ियां बनकर तैयार हो जाती हैं।



















