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यूजीसी नेट 2026 जून परीक्षा के तीन पेपर रद्द, स्पेलिंग मिस्टेक और प्रश्नों की नकल पर एनटीए की बड़ी कार्रवाईपरीक्षा
17 अग॰ 2026, 9:02 am (1 दिन पहले)· 1

यूजीसी नेट 2026 जून परीक्षा के तीन पेपर रद्द, स्पेलिंग मिस्टेक और प्रश्नों की नकल पर एनटीए की बड़ी कार्रवाई

यूजीसी नेट 2026 जून सत्र के समाजशास्त्र, अंग्रेजी और कॉमर्स के पेपर में भारी गड़बड़ियों और पुराने प्रश्नों की नकल के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा रद्द कर दी है। इन तीनों विषयों के लिए 9 और 10 सितंबर 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा के तहत आयोजित तीन प्रमुख विषयों की परीक्षा को रद्द करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। यह निर्णय 22 अगस्त से 30 अगस्त 2026 के बीच आयोजित की गई देशव्यापी परीक्षा में सामने आईं गंभीर कमियों और शिकायतों के बाद लिया गया है। जिन तीन विषयों की परीक्षा रद्द की गई है, उनमें सोशियोलॉजी (समाजशास्त्र), इंग्लिश (अंग्रेजी साहित्य) और कॉमर्स (वाणिज्य) शामिल हैं। इन विषयों के प्रश्न पत्रों में वर्तनी की भयंकर गलतियों, प्रसिद्ध विचारकों के नाम में अजीबोगरीब बदलावों और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों से बिना किसी फेरबदल के अंधाधुंध नकल करने के आरोप लगे थे। परीक्षार्थियों और विभिन्न कोचिंग संस्थानों के संचालकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एजेंसी ने एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। इस विशेषज्ञ समिति की विस्तृत जांच रिपोर्ट में सभी आरोपों की पुष्टि होने के बाद परीक्षा को रद्द कर दोबारा कराने का आधिकारिक आदेश जारी किया गया। राहत की बात यह है कि यूजीसी नेट री-एग्जाम में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

री-एग्जाम की तारीखें और नया परीक्षा कार्यक्रम

गड़बड़ियों की आधिकारिक पुष्टि के तुरंत बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने प्रभावित तीनों विषयों के लिए नया री-एग्जाम शेड्यूल जारी कर दिया है। जारी किए गए आधिकारिक टाइमटेबल के अनुसार यह पुनर्परीक्षा सितंबर माह की 9 और 10 तारीख को आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थी अपनी विषयवार परीक्षा समय सारणी को नीचे दिए अनुसार समझ सकते हैं

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  • 9 सितंबर 2026 (सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक): प्रथम पाली में इंग्लिश (अंग्रेजी साहित्य) विषय की परीक्षा दोबारा ली जाएगी।
  • 9 सितंबर 2026 (दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक): द्वितीय पाली में कॉमर्स (वाणिज्य) विषय का प्रश्न पत्र आयोजित किया जाएगा।
  • 10 सितंबर 2026 (सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक): अगले दिन प्रथम पाली में सोशियोलॉजी (समाजशास्त्र) विषय का पेपर संपन्न होगा।

एनटीए द्वारा जल्द ही यूजीसी नेट की आधिकारिक वेबसाइट पर इन परीक्षाओं से संबंधित नए प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) और आवंटित परीक्षा केंद्रों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी भ्रामक सूचना से बचने के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही अपने नए एडमिट कार्ड डाउनलोड करें।

समाजशास्त्र के पेपर में विचारकों के बिगड़े नाम

समाजशास्त्र का प्रश्न पत्र देने वाले अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा हॉल का अनुभव बेहद निराशाजनक रहा। प्रश्न पत्र में दुनिया भर के जाने-माने समाजशास्त्रियों और विद्वानों के नाम इस तरह छापने में लापरवाही बरती गई कि सवाल का मूल अर्थ ही बदल गया। टाइपिंग और स्पेलिंग से जुड़ी ऐसी बचकानी त्रुटियां देखकर अभ्यर्थी चौंक गए थे। उदाहरण के तौर पर प्रसिद्ध समाजशास्त्री Ritzer (रिट्ज़र) का नाम बदलकर Putzer (पुट्ज़र) लिख दिया गया था। इसी प्रकार अन्य प्रसिद्ध विद्वान Ghurye (घुरये) को Ghunye (घुनये), Parsons (पार्सन्स) को Parsow (पार्सो) और प्रसिद्ध दार्शनिक Nussbaum (नसबाम) को Nusbaut (नुसबाउत) के रूप में छाप दिया गया था। राष्ट्रीय स्तर की इतनी बड़ी और प्रतिष्ठित पात्रता परीक्षा में इस प्रकार की अज्ञानता और गैर-जिम्मेदाराना गलतियों के कारण अभ्यर्थियों को सही उत्तर का चयन करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा।

अंग्रेजी साहित्य में पुराने वर्षों के सवालों की सीधी नकल

अंग्रेजी साहित्य के प्रश्न पत्र में वर्तनी की गलतियों से भी बड़ा मामला कट-कॉपी-पेस्ट का सामने आया। अभ्यर्थियों और विषय विशेषज्ञों का स्पष्ट आरोप है कि दिसंबर 2024 और 2025 के नेट परीक्षा चक्रों से दर्जनों प्रश्नों को बिना किसी बदलाव के सीधे उठाकर रख दिया गया था। आश्चर्य की बात यह रही कि प्रश्नों के साथ-साथ उनके बहुविकल्पीय विकल्पों के क्रम को भी बदलने की जहमत नहीं उठाई गई। इकोक्रिटिसिज्म और फ्लैनर जैसे सैद्धांतिक अवधारणाओं पर आधारित प्रश्नों से लेकर विलियम शेक्सपियर के प्रसिद्ध नाटकों के कालानुक्रमिक क्रम से जुड़े सवालों तक, सब कुछ पुराने प्रश्न पत्रों से ज्यों का त्यों चिपका दिया गया था। इसके अलावा जैक्स डेरिडा, रोलैंड बार्थेस के सिद्धांतों, एच.जी. वेल्स के उपन्यास द टाइम मशीन, एल्डस हक्सले की रचना ब्रेव न्यू वर्ल्ड और राजा राव के उपन्यास कांथपुरा पर आधारित मिलान वाले प्रश्नों में भी एक भी शब्द या विकल्प में बदलाव नहीं किया गया था।

कॉमर्स के पेपर में टैक्स नियमों और आंकड़ों का पुराना डेटा

वाणिज्य यानी कॉमर्स विषय के प्रश्न पत्र में भी स्थिति वैसी ही बनी हुई थी। इस पेपर में कॉर्पोरेट टैक्स के लागू नियमों और अकाउंटिंग से जुड़े कई प्रश्नों को पुराने परीक्षा चक्रों से बिना किसी संशोधन के दोहरा दिया गया था। वर्तमान वित्तीय बदलावों की उपेक्षा करते हुए पुराने टैक्स स्लैब और नियमों पर आधारित सवाल पूछे गए। कैपिटल स्ट्रक्चर थ्योरी, जिसमें मोदिग्लियानी-मिलर हाइपोथीसिस शामिल है, और सर्विस मार्केटिंग के सात Ps से संबंधित प्रश्नों में विकल्पों का क्रम वही रखा गया था जो पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों में था। इसके अतिरिक्त आर्म्स लेंथ प्राइसिंग, टीडीएस धारा 194C और 194F तथा ब्रेक-ईवन एनालिसिस से जुड़े संख्यात्मक गणना वाले प्रश्नों में न्यूमेरिकल डेटा तक को बिना किसी बदलाव के पुरानी परीक्षाओं से कॉपी किया गया था।

सवाल-जवाब

यूजीसी नेट 2026 के कौन-कौन से पेपर रद्द किए गए हैं?
सोशियोलॉजी (समाजशास्त्र), इंग्लिश (अंग्रेजी साहित्य) और कॉमर्स (वाणिज्य) के प्रश्न पत्र रद्द किए गए हैं।
यूजीसी नेट री-एग्जाम की नई तारीखें क्या हैं?
री-एग्जाम 9 सितंबर 2026 को इंग्लिश व कॉमर्स तथा 10 सितंबर 2026 को सोशियोलॉजी विषय के लिए आयोजित किया जाएगा।
क्या री-एग्जाम के लिए अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन शुल्क देना होगा?
नहीं, दोबारा परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
सोशियोलॉजी के पेपर में क्या मुख्य गड़बड़ी पाई गई थी?
सोशियोलॉजी पेपर में रिट्ज़र, घुरये, पार्सन्स और नसबाम जैसे मशहूर विचारकों के नाम स्पेलिंग मिस्टेक के कारण बिगड़े हुए थे।
इंग्लिश और कॉमर्स के पेपर रद्द होने की मुख्य वजह क्या थी?
इन दोनों विषयों के पेपर में पिछले सत्रों (दिसंबर 2024 और 2025) के प्रश्नों, विकल्पों और संख्यात्मक डेटा को ज्यों का त्यों कॉपी-पेस्ट किया गया था।
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