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शिव साधना का पावन पर्व सावन इस दिन से होगा शुरू, नोट करें सोमवारी व्रत की तिथियां और पूजन की संपूर्ण विधित्योहार
25 जुल॰ 2026, 12:33 pm (25 दिन पहले)· 0

शिव साधना का पावन पर्व सावन इस दिन से होगा शुरू, नोट करें सोमवारी व्रत की तिथियां और पूजन की संपूर्ण विधि

वर्ष 2026 में सावन का पावन महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा, जिसमें भक्तों को महादेव की आराधना के लिए कुल 4 सोमवार मिलेंगे।

हिंदू पंचांग के अनुसार, भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित सावन का महीना शिव भक्तों के लिए विशेष स्थान रखता है। इस पवित्र महीने के दौरान महादेव की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से भक्तों के जीवन के सभी कष्ट और परेशानियां समाप्त हो जाती हैं। ऐसा माना जाता है कि यदि किसी श्रद्धालु की कोई अधूरी मनोकामना हो, तो महादेव की कृपा से वह भी पूरी हो जाती है। भगवान शिव को अत्यंत दयालु और भोले स्वभाव का माना जाता है, जो मात्र एक लोटा जल और कुछ बेलपत्र अर्पित करने से ही अपने भक्तों से प्रसन्न हो जाते हैं। यदि आप भी अपनी किसी विशेष इच्छा को पूरा करना चाहते हैं, तो इस पावन मास में आने वाले सोमवार के दिन उपवास रखने का संकल्प ले सकते हैं। इसी पावन अवधि में आस्था से भरपूर कांवड़ यात्रा भी आयोजित की जाती है, जिसमें लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर शिवधाम की ओर प्रस्थान करते हैं। वर्ष 2026 में शिवजी का यह प्रिय महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है, जो 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन पर्व के साथ संपन्न होगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस साल सावन के महीने में कितने सोमवार व्रत पड़ेंगे और सोमवारी व्रत के दिन पूजा की सही विधि क्या है।

सावन 2026 में कब-कब रखे जाएंगे सोमवारी व्रत?

हिंदू सनातन धर्म में सावन मास को अत्यधिक कल्याणकारी और पवित्र माना गया है। इस पूरे महीने में चारों ओर शिव भक्ति की बयार बहती है और हर शिव मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है। सावन के महीने में सोमवार के दिन का विशेष धार्मिक महत्व होता है, जिसे सोमवारी व्रत के रूप में जाना जाता है। इस विशेष दिन पर श्रद्धालु पूरे दिन व्रत का पालन करते हैं और भगवान शिव व माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसी मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत रखने से भक्तों की हर मनोकामना बहुत जल्द पूरी हो जाती है। साल 2026 के सावन महीने में कुल 4 सोमवार पड़ रहे हैं, जिनकी महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं

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  • पहला सावन सोमवार: इस साल सावन का पहला सोमवार व्रत 3 अगस्त 2026 को रखा जाएगा।
  • दूसरा सावन सोमवार: सावन का दूसरा सोमवार व्रत 10 अगस्त 2026 को पड़ेगा।
  • तीसरा सावन सोमवार: सावन का तीसरा सोमवार व्रत 17 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा।
  • चौथा सावन सोमवार: सावन का चौथा और अंतिम सोमवार व्रत 24 अगस्त 2026 को होगा।

सावन सोमवार की प्रामाणिक पूजा विधि

सावन सोमवार के व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि दैनिक कार्यों से निवृत्त होना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इस दिन पूजा के दौरान विशेष रूप से हरे, केसरिया या सफेद रंग के वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ और उत्तम माना जाता है। वस्त्र धारण करने के पश्चात अपने घर के मंदिर में अथवा किसी नजदीकी शिव मंदिर में जाकर व्रत रखने का संकल्प लें।

पूजा की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल अर्पित करें। इसके बाद शिवलिंग का जलाभिषेक करने के लिए कच्चा दूध, चीनी, शहद, घी और दही का उपयोग करें। इन पंचामृत सामग्रियों को अर्पित करने के बाद एक बार फिर से शुद्ध जल या पवित्र गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करें।

अभिषेक पूर्ण होने के बाद शिवलिंग पर चंदन का तिलक लगाएं। इसके पश्चात भगवान शिव को प्रिय बेलपत्र अर्पित करें, ध्यान रहे कि बेलपत्र कहीं से भी कटे-फटे नहीं होने चाहिए। इसके साथ ही शिवलिंग पर सफेद रंग के पुष्प, भांग और धतूरा श्रद्धापूर्वक चढ़ाएं।

यह सब करने के बाद शिवलिंग के समीप एक शुद्ध घी का दीया और सुगंधित धूपबत्ती जलाएं। इसके बाद शांत मन से 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। मंत्र जाप के उपरांत शिव चालीसा का पाठ करें और अंत में कपूर या दीये से भगवान शिव की प्रेमपूर्वक आरती उतारें। आरती संपन्न होने के बाद महादेव को ताजे फलों का भोग लगाएं और पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा याचना करें।

सवाल-जवाब

सावन 2026 कब से शुरू हो रहा है?
साल 2026 में सावन का पावन महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है।
सावन 2026 का समापन कब होगा?
इस वर्ष सावन महीने का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन होगा।
इस साल सावन में कुल कितने सोमवार पड़ेंगे?
साल 2026 के सावन महीने में कुल 4 सोमवार पड़ेंगे।
सावन का पहला सोमवार व्रत किस तारीख को है?
सावन का पहला सोमवार व्रत 3 अगस्त 2026 को रखा जाएगा।
सावन सोमवार की पूजा में किस रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है?
सावन सोमवार के दिन पूजा करते समय हरे, केसरिया या सफेद रंग के कपड़े पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है।
शिवलिंग का अभिषेक किन सामग्रियों से करना चाहिए?
शिवलिंग का अभिषेक कच्चे दूध, चीनी, शहद, घी, दही और अंत में गंगाजल या शुद्ध जल से करना चाहिए।
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