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जेल से शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ट्रांसफर होंगे इमरान खान, ब्रुकलिन में रखी गई थी इस 550 बेड वाले मेडिकल सेंटर की नीवपाकिस्तान
19 अग॰ 2026, 8:52 pm (1 घंटे पहले)· 5

जेल से शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ट्रांसफर होंगे इमरान खान, ब्रुकलिन में रखी गई थी इस 550 बेड वाले मेडिकल सेंटर की नीव

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को इलाज के लिए इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल भेजने और मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया है। 1985 में अमेरिका में जन्मे विचार से शुरू हुआ यह अस्पताल आज 550 से ज्यादा बेड वाला प्रमुख केंद्र है।

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल से इलाज के लिए इस्लामाबाद स्थित शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य की गहन जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने का भी स्पष्ट आदेश जारी किया। अदालत द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार, इस उच्चस्तरीय मेडिकल बोर्ड में विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों के वरिष्ठ विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा, जिनमें फिजिशियन, सर्जन, इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ और कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) प्रमुख रूप से शामिल हैं। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब पूर्व प्रधानमंत्री की सेहत को लेकर कई तरह की चिंताएं व्यक्त की जा रही थीं, जिसके बाद अदालत ने उन्हें देश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल सेंटरों में से एक में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का कदम उठाया है।

इस्लामाबाद का प्रमुख चिकित्सा केंद्र और इसकी आधुनिक क्षमताएं

राजधानी इस्लामाबाद के सेक्टर एच-8/4 में स्थित शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल की गिनती पाकिस्तान के सबसे अग्रणी और अत्यधिक आधुनिक स्वास्थ्य संस्थानों में की जाती है। वर्तमान समय में इस विशाल अस्पताल परिसर में 550 से भी अधिक बेड की क्षमता उपलब्ध है, जहां मरीजों को चौबीसों घंटे उच्चस्तरीय देखभाल प्रदान की जाती है। संस्थान की चिकित्सीय दक्षता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां 300 से अधिक अनुभवी और योग्य डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में 45 से ज्यादा मेडिकल और सर्जिकल स्पेशलिटीज मौजूद हैं, जो विभिन्न जटिल बीमारियों का निदान और उपचार करने में सक्षम हैं।

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शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल की एक और सबसे बड़ी विशिष्टता इसका कॉर्पोरेट और वित्तीय ढांचा है। यह पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने वाला देश का एकमात्र अस्पताल है, जहां यह साल 1994 से ट्रेड कर रहा है। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीज सुरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए इसे अमेरिका के प्रतिष्ठित जॉइंट कमीशन इंटरनेशनल (JCI) द्वारा आधिकारिक मान्यता प्राप्त है। इस मान्यता के जरिए यह प्रमाणित होता है कि अस्पताल में मरीजों की देखभाल और सुरक्षा से जुड़े सभी वैश्विक प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाता है।

1985 में अमेरिका से शुरू हुआ शिफा अस्पताल का विचार

शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल की स्थापना और विकास की कहानी बेहद दिलचस्प है, जिसकी शुरुआत साल 1985 में पाकिस्तान में नहीं बल्कि संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में हुई थी। उस समय अमेरिका में कार्यरत कुछ दूरदर्शी पाकिस्तानी स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अपने गृह देश पाकिस्तान में एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय स्तर का आधुनिक अस्पताल बनाने की योजना तैयार की, जो देश के नागरिकों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कर सके। इस महत्वाकांक्षी पहल को गति देने में डॉ. जहीर अहमद ने मुख्य भूमिका निभाई थी।

डॉ. जहीर अहमद ने अपनी इंटरनल मेडिसिन रेजीडेंसी पूरी करने के तुरंत बाद इस विचार को हकीकत में बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने 20 और 21 जुलाई 1985 को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में स्वास्थ्य पेशेवरों की एक अहम बैठक आयोजित की। इस ऐतिहासिक बैठक में मौजूद 5 प्रमुख स्वास्थ्य पेशेवरों ने पाकिस्तान में एक अत्याधुनिक अस्पताल स्थापित करने के विचार पर अपनी सहमति दी और योजना को आगे बढ़ाने का फैसला किया।

इस शुरुआती सफलता के कुछ ही महीनों बाद, 17 दिसंबर 1985 को डॉ. जहीर अहमद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे और अस्पताल परियोजना के व्यावहारिक क्रियान्वयन पर काम शुरू कर दिया। इस नए अस्पताल का नाम शिफा रखा गया। यह नाम केवल चिकित्सीय इलाज का प्रतीक नहीं था, बल्कि इसे सांस्कृतिक पहचान, अटूट विश्वास और मानवीय मूल्यों के साथ गहराई से जोड़ा गया था, ताकि यह संस्थान केवल व्यवसाय न रहकर जनसेवा का केंद्र बन सके।

निजी कंपनी से पब्लिक लिस्टिंग और निर्माण की पूरी समयरेखा

अस्पताल की योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए संस्थापकों ने चरणबद्ध तरीके से कानूनी और बुनियादी ढांचे का निर्माण किया। 20 सितंबर 1987 को शिफा इंटरनेशनल को एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में पंजीकृत किया गया। इसके बाद, अस्पताल परिसर के विस्तार और सार्वजनिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 12 अक्टूबर 1989 को इसे एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी में परिवर्तित कर दिया गया।

अस्पताल निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण साल 1987 में ही पूरा कर लिया गया था, जब इस्लामाबाद में 11 एकड़ से अधिक की विशाल भूमि हासिल की गई। इसके तुरंत बाद, 1988 की शुरुआत में अस्पताल के विशाल परिसर का निर्माण कार्य आधिकारिक रूप से शुरू हुआ। 6 अक्टूबर 1989 को एक भव्य समारोह के दौरान अस्पताल की आधारशिला रखी गई।

सालों की कड़ी मेहनत और निर्माण कार्य के बाद, आखिरकार साल 1993 में अस्पताल ने आंशिक रूप से अपना संचालन शुरू किया। अपने शुरुआती दिनों में, शिफा केवल 8 ओपीडी क्लीनिक और 36 बेड के साथ संचालित होता था। अस्पताल के इतिहास में 26 जून 1993 को पहला ओपीडी मरीज परामर्श के लिए पहुंचा, जबकि 25 सितंबर 1993 को पहला मरीज औपचारिक रूप से भर्ती किया गया। साल 1994 में इसे पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कराया गया, जिससे इसके वित्तीय आधार को और मजबूती मिली।

अंग प्रत्यारोपण और जटिल सर्जरी के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां

संचालन शुरू होने के बाद से शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ने पाकिस्तान में कई अत्याधुनिक और जटिल चिकित्सीय प्रक्रियाओं की शुरुआत की। विशेष रूप से अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में इस अस्पताल ने देश भर में अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान कायम की है। अस्पताल के इतिहास में 30 अप्रैल 2012 का दिन मील का पत्थर साबित हुआ, जब यहां पहला लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। अस्पताल प्रबंधन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2021 तक इस संस्थान में 1,000 से भी अधिक सफल लिवर ट्रांसप्लांट किए जा चुके थे।

लिवर ट्रांसप्लांट के अलावा, शिफा इंटरनेशनल में किडनी ट्रांसप्लांट, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और कॉर्नियल ट्रांसप्लांट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाती हैं। जटिल कार्डियोलॉजी और वैस्कुलर सर्जरी के मामलों में भी इस अस्पताल को देश का सबसे भरोसेमंद केंद्र माना जाता है।

प्रसिद्ध हस्तियों का इलाज और टीएवीआर जैसी आधुनिक तकनीक

अपने उच्चस्तरीय चिकित्सीय मानकों के कारण शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में समय-समय पर देश की कई जाने-माने राजनेताओं, खिलाड़ियों और कलाकारों का इलाज होता रहा है। इसका एक प्रमुख उदाहरण पाकिस्तानी फिल्म उद्योग के मशहूर अभिनेता शाहिद हमीद हैं। शाहिद हमीद गंभीर कैल्सीफिक एओर्टिक स्टेनोसिस नामक दिल की जटिल बीमारी से पीड़ित थे, जिसके इलाज के लिए उन्हें शिफा अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया था।

अभिनेता का इलाज अस्पताल के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. असाद अकबर खान और उनकी विशेषज्ञ टीम की देखरेख में हुआ। डॉक्टर की टीम ने बिना ओपन-हार्ट सर्जरी किए ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट यानी TAVR / TAVI की अत्याधुनिक तकनीक के जरिए उनका वाल्व सफलतापूर्वक रिप्लेस किया। अस्पताल द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस जटिल प्रक्रिया के बाद अभिनेता के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार देखा गया और उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया।

शिफा फाउंडेशन: समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए मुफ्त इलाज की पहल

शिफा इंटरनेशनल केवल एक बड़े, व्यावसायिक और महंगे मेडिकल सेंटर के रूप में ही काम नहीं करता, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए यह कमजोर वर्गों की मदद भी करता है। अस्पताल प्रबंधन से जुड़ी शिफा फाउंडेशन जरूरतमंद और गरीब मरीजों को मुफ्त या रियायती दरों पर इलाज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

शिफा फाउंडेशन की स्थापना साल 1991 में की गई थी। यह गैर-लाभकारी संगठन केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के प्रसार और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में भी सक्रिय रूप से योगदान देता है।

इस तरह, साल 1985 में अमेरिका के ब्रुकलिन में 5 डॉक्टरों द्वारा देखे गए एक छोटे से सपने ने आज पाकिस्तान के सबसे बड़े, अत्याधुनिक और बहुआयामी स्वास्थ्य संस्थान का रूप ले लिया है। 1993 में महज 36 बेड और 8 ओपीडी क्लीनिक से अपनी यात्रा शुरू करने वाला यह अस्पताल आज 550 से ज्यादा बेड, 300 से अधिक डॉक्टरों और दर्जनों स्पेशलिटीज के साथ लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बना रहा है।

सवाल-जवाब

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल क्यों भेजा जा रहा है?
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने जेल से इलाज के लिए उन्हें शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल स्थानांतरित करने और उनकी जांच के लिए एक बहु-विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया है।
इमरान खान के इलाज के लिए गठित मेडिकल बोर्ड में कौन-कौन से डॉक्टर शामिल हैं?
उच्चस्तरीय मेडिकल बोर्ड में फिजिशियन, सर्जन, इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ और कार्डियोलॉजिस्ट को शामिल करने का निर्देश दिया गया है।
शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल की शुरुआत कब और कहां से हुई थी?
अस्पताल का विचार 1985 में अमेरिका के ब्रुकलिन में डॉ. जहीर अहमद और पाकिस्तानी स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया था, जिसका निर्माण 1988 में शुरू हुआ और संचालन 1993 में आरंभ हुआ।
इस्लामाबाद में शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल की वर्तमान क्षमता कितनी है?
इस्लामाबाद के सेक्टर एच-8/4 में स्थित इस अस्पताल में 550 से अधिक बेड, 300 से ज्यादा डॉक्टर और 45 से अधिक मेडिकल और सर्जिकल स्पेशलिटीज उपलब्ध हैं।
क्या शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल शेयर बाजार में लिस्टेड है?
हां, यह 1994 से पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने वाला देश का एकमात्र अस्पताल है और इसे अमेरिका के JCI से अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है।
शिफा इंटरनेशनल ने लिवर ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में क्या उपलब्धि हासिल की है?
अस्पताल में 30 अप्रैल 2012 को पहला लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट किया गया था और 2021 तक यहां 1,000 से ज्यादा सफल लिवर ट्रांसप्लांट किए जा चुके थे।
शिफा फाउंडेशन की स्थापना कब हुई थी और यह क्या काम करती है?
शिफा फाउंडेशन की स्थापना 1991 में हुई थी, जो जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त या रियायती इलाज देने के साथ-साथ शिक्षा और आपदा राहत के क्षेत्र में कार्य करती है।
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