गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 165 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया। 372 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान श्रीलंकाई टीम पांचवें दिन अपनी दूसरी पारी में 206 रनों पर सिमट गई। हालांकि इस हार के बावजूद श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने एक बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल की। दूसरी पारी में 59 रनों की अर्धशतकीय पारी के साथ धनंजय डिसिल्वा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के इतिहास में श्रीलंका की तरफ से सबसे ज्यादा बार 50 या उससे अधिक रनों की पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
डब्ल्यूटीसी में धनंजय डिसिल्वा का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
भारतीय टीम के खिलाफ इस मुकाबले की पहली पारी में धनंजय डिसिल्वा का बल्ला खास कमाल नहीं कर सका था और वह केवल 21 रन बनाकर आउट हो गए थे। लेकिन दूसरी पारी में जब टीम पर हार का संकट मंडरा रहा था, तब उन्होंने 59 रनों की जुझारू पारी खेली। भले ही वह अपनी टीम को जीत तक नहीं ले जा सके, लेकिन यह WTC इतिहास में उनके बल्ले से निकली 23वीं 50 से अधिक रनों की पारी साबित हुई। अपने WTC करियर में उन्होंने अब तक 9 शतक और 14 अर्धशतक लगाए हैं।
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के संपूर्ण आंकड़ों को देखें तो धनंजय डिसिल्वा ने अब तक 38 टेस्ट मैचों की 68 पारियों में बल्लेबाजी की है। इस दौरान उन्होंने 44.77 के बेहतरीन बल्लेबाजी औसत से कुल 2776 रन बनाए हैं। इस निरंतर प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने खुद को श्रीलंकाई टेस्ट टीम के सबसे मजबूत स्तंभों के रूप में स्थापित किया है।
दिनेश चांदिमल और दिमुथ करुणारत्ने को पीछे छोड़ा
गॉल टेस्ट की दूसरी पारी में बनाए गए अर्धशतक की बदौलत धनंजय डिसिल्वा ने श्रीलंकाई दिग्गज बल्लेबाज दिनेश चांदिमल और दिमुथ करुणारत्ने का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस मैच से पहले यह तीनों ही खिलाड़ी 22-22 बार 50 से अधिक रनों की पारी खेलकर बराबरी पर थे, लेकिन धनंजय अब 23 पारियों के साथ तालिका में शीर्ष पर पहुंच गए हैं।
श्रीलंका के लिए WTC इतिहास में सबसे ज्यादा 50+ रनों की पारी खेलने वाले प्रमुख बल्लेबाजों की सूची इस प्रकार है
- धनंजय डिसिल्वा: 23 बार (9 शतक, 14 अर्धशतक)
- दिनेश चांदिमल: 22 बार
- दिमुथ करुणारत्ने: 22 बार
- एंजेलो मैथ्यूज: 15 बार
- कुसल मेंडिस: 14 बार
गॉल टेस्ट की दूसरी पारी और मुकाबले का हाल
मैच में भारतीय टीम ने श्रीलंका के सामने 372 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। पांचवें दिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों को भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने काफी संघर्ष करना पड़ा। श्रीलंकाई टीम की ओर से सोनल दिनुशा ने सबसे ज्यादा 84 रन बनाए और कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने 59 रनों का योगदान दिया। लेकिन भारतीय गेंदबाजों के दबाव के आगे निचले क्रम के बल्लेबाज टिक नहीं सके और पूरी टीम 206 रनों पर सिमट गई, जिससे भारत ने मुकाबला 165 रनों से जीत लिया।
हार के कारणों पर कप्तान धनंजय डिसिल्वा का बयान
मुकाबले के बाद श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने हार के मुख्य कारणों पर अपनी राय रखी। उन्होंने भारतीय टीम की पहली पारी में केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल की बेहतरीन बल्लेबाजी को निर्णायक मोड़ बताया, जिसकी बदौलत भारत बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा।
धनंजय डिसिल्वा ने कहा कि केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल को जो ठोस शुरुआत मिली, उसे उन्होंने बड़ी पारियों में तब्दील किया और इसी वजह से श्रीलंकाई टीम पर भारी दबाव बन गया। उन्होंने यह भी माना कि मैच में टॉस काफी अहम साबित हुआ क्योंकि पहली पारी में जल्दी विकेट गंवाने के कारण उनकी टीम शुरुआत में ही पिछड़ गई थी। इसके अतिरिक्त गॉल की पिच पर चौथी पारी में बल्लेबाजी करना काफी मुश्किल काम था।


















