बिना झंझट मिनटों में तैयार करें स्वादिष्ट बेसन कढ़ी, चावल के साथ परोसने की सरल विधिचक्रवात अर्नब का कहर: आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी तबाही पर राहुल गांधी ने जताई गहरी चिंतासूरत में मासूम बच्ची से दरिंदगी करने वाला पकड़ा गया, पुलिस ने इलाके में कराया सीन रीक्रिएशनमणिपुर में चुनावी हलचल: ज़ेडआरओ प्रमुख के बेटे डॉ. थांखनखुप गुइते लड़ेंगे 2027 का विधानसभा चुनावहॉर्नबिल महोत्सव से पहले नगालैंड ने केंद्र से प्रोटेक्टेड एरिया परमिट पूरी तरह हटाने की उठाई मांगमातृभाषा में शुरुआती पढ़ाई से आदिवासी बच्चों की सीखने की क्षमता में हुआ बड़ा सुधारमेघालय के दक्षिण गारो हिल्स में नेशनल हाईवे-62 के निर्माण में देरी से आक्रोश, प्रशासन ने लगाया प्रदर्शन पर प्रतिबंधपश्चिम बंगाल में घुसपैठियों को होल्डिंग स्टेशन में रखकर वापस भेजा जाएगा, शुभेंदु अधिकारी का कड़ा रुखबेंगलुरु में अपहरण केस में नाटकीय मोड़, मुक्त कराए गए दोनों टेक कर्मी और साजिशकर्ता महिला समेत 13 लोग हिरासत मेंचावल और गुड़ से घर पर बनाएं झारखंड का पारंपरिक पकवान देहरी, जानिए आसान विधि
जमशेदपुर के सोनारी में 47 साल पुराना अनोखा नाश्ता: सिर्फ आलू चाप और रोटी, न चटनी न सब्जी, फिर भी रोज़ सुबह लग जाती है भीड़खानपान
13 जून 2026, 8:46 am (139 दिन पहले)· 1

जमशेदपुर के सोनारी में 47 साल पुराना अनोखा नाश्ता: सिर्फ आलू चाप और रोटी, न चटनी न सब्जी, फिर भी रोज़ सुबह लग जाती है भीड़

जमशेदपुर के सोनारी इलाके के भरत होटल में बीते 47 वर्षों से आलू चाप और रोटी का बेमिसाल कॉम्बिनेशन परोसा जा रहा है, जिसे चखने सुबह से ही लोग पहुंचने लगते हैं।

खाने-पीने के शौकीनों के लिए जमशेदपुर किसी खज़ाने से कम नहीं। इस शहर में जितनी विविधता उद्योगों में है, उतनी ही उसके स्वाद में भी। यहां की गलियों में ऐसे-ऐसे व्यंजन मिलते हैं जो बाहर से आने वालों को भी अपना दीवाना बना देते हैं। ऐसा ही एक नाम है सोनारी का भरत होटल, जहां का नाश्ता सुनकर पहली बार में हर कोई चौंक जाता है — आलू चाप के साथ रोटी।

एक ऐसा कॉम्बिनेशन जो कहीं और नहीं मिलता

आम तौर पर लोग आलू चाप को चटनी या किसी चटपटी सब्जी के साथ खाते हैं, लेकिन यहां की कहानी अलग है। भरत होटल में मसालेदार आलू चाप को गर्मागर्म रोटी के साथ परोसा जाता है — और यही इसकी पहचान बन गई है। बीते 47 वर्षों से यह अनोखा नाश्ता लोगों की थाली में सजता आ रहा है, और इसकी दीवानगी आज भी पहले जैसी ही बरकरार है। लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं।

ये भी पढ़ें

साधारण शुरुआत से बनी इलाके की पहचान

करीब 47 साल पहले संचालक भरत ने बेहद मामूली ढंग से इस होटल की नींव रखी थी। उन्होंने लोगों को आलू चाप और रोटी खिलाना शुरू किया, और देखते ही देखते यह स्वाद लोगों की ज़ुबान पर चढ़ गया। धीरे-धीरे यह नाश्ता पूरे सोनारी इलाके की पहचान बन गया। आलम यह है कि भोर होते ही यहां ग्राहकों का तांता लगना शुरू हो जाता है। कई लोग तो ऐसे हैं जो वर्षों से लगातार यहां आते हैं और होटल के नियमित ग्राहक बन चुके हैं।

न चटनी, न मटर, फिर भी लाजवाब

हैरानी की बात यह है कि यहां आलू चाप के साथ न कोई चटनी दी जाती है, न मटर और न ही कोई दूसरी सब्जी। बस गरम रोटी और मसालेदार आलू चाप — और इतने भर से ही लोग खिंचे चले आते हैं। देखने में यह कॉम्बिनेशन भले ही बहुत साधारण लगे, पर स्वाद के मामले में यह इतना खास है कि शहर के दूर-दूर के इलाकों से लोग सिर्फ इसी को खाने के लिए सोनारी पहुंचते हैं।

25 पैसे से 15 रुपये तक का सफर

संचालक भरत बताते हैं कि शुरुआती दौर में सिर्फ 25 पैसे में दो पीस आलू चाप और दो रोटी मिल जाया करती थी। वक्त बीता, महंगाई बढ़ी और कीमतें भी बदलती गईं। आज एक आलू चाप 10 रुपये और एक रोटी 5 रुपये में मिलती है। लेकिन खास बात यह है कि दाम बढ़ने के बाद भी ग्राहकों की संख्या में रत्ती भर कमी नहीं आई। लोग आज भी उसी जोश और उत्साह के साथ यहां नाश्ता करने आते हैं।

ग्राहक क्या कहते हैं

यहां नाश्ता करने पहुंचे ग्राहक रोहित बताते हैं कि उन्होंने कई जगह तरह-तरह के व्यंजन खाए हैं, लेकिन आलू चाप और रोटी जैसा कॉम्बिनेशन उन्हें कहीं और देखने को नहीं मिला। उनका कहना है कि इस होटल का स्वाद सालों से एक जैसा बना हुआ है, और शायद यही वजह है कि लोग बार-बार यहां लौटकर आते हैं। कई ग्राहक तो अपने बच्चों और परिवार के दूसरे सदस्यों को भी यहां का स्वाद चखाने साथ लेकर आते हैं।

स्टील सिटी की एक और पहचान

जमशेदपुर को सिर्फ उद्योगों और स्टील सिटी के नाते ही नहीं जाना जाता, बल्कि यहां के निराले खान-पान ने भी इसे अलग मुकाम दिया है। सोनारी का भरत होटल इसकी एक बेहतरीन मिसाल है, जहां 47 साल से एक मामूली-सा दिखने वाला आलू चाप-रोटी का जोड़ लोगों के दिलों पर राज कर रहा है। बदलते दौर में भी यह स्वाद और परंपरा जस की तस कायम है, और यही इसे शहर की एक खास पहचान बनाती है।

संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp