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2026 फीफा वर्ल्ड कप में VAR: तकनीक की कमी नहीं, बल्कि इसे समझने वाले इंसानों का सवालगैजेट्स
14 जुल॰ 2026, 2:52 am (17 दिन पहले)· 2

2026 फीफा वर्ल्ड कप में VAR: तकनीक की कमी नहीं, बल्कि इसे समझने वाले इंसानों का सवाल

2026 फीफा वर्ल्ड कप में VAR के विवादास्पद फैसलों पर बहस तेज हो गई है, जहाँ मिस्र की टीम ने रेफरी के निर्णयों पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि समस्या तकनीक में नहीं, बल्कि रेफरी के व्यक्तिगत नजरिए और अनुभव की कमी में है।

2026 फीफा वर्ल्ड कप के दौरान मिस्र की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। अर्जेंटीना के खिलाफ खेले गए मुकाबले में मिस्र को 3-2 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि एक समय वे दो गोल की बढ़त बनाए हुए थे। मिस्र फुटबॉल संघ का कहना है कि मैच के कई फैसलों में VAR का सही इस्तेमाल नहीं किया गया, जिसका सीधा असर परिणाम पर पड़ा। इस गंभीर आरोप के चलते, मिस्र के खेल अधिकारियों ने फीफा में एक औपचारिक विरोध दर्ज कराते हुए इन कथित विसंगतियों की जांच की मांग की है।

विवादों के घेरे में रेफरी के फैसले

मिस्र फुटबॉल संघ ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक आधिकारिक बयान जारी किया है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि अर्जेंटीना के खिलाफ हुए मैच में जो रेफरी निर्णय लिए गए, उन पर संस्था चुप नहीं बैठ सकती। इस मैच को लेकर न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और विश्लेषकों ने भी कई विवादित फैसलों की ओर इशारा किया है। ये घटनाएं 2026 फीफा वर्ल्ड कप जैसे बड़े आयोजन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के महत्व को रेखांकित करती हैं।

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केवल मिस्र ही नहीं, बल्कि इस पूरे वर्ल्ड कप के दौरान ऑफसाइड कॉल्स जैसे मामलों पर लगातार शिकायतें आ रही हैं। कई आलोचकों का मानना है कि तकनीक होने के बावजूद, कुछ चुनिंदा टीमों को फायदा पहुंचाने के इरादे से इन फैसलों को अलग नजरिए से देखा जा रहा है। अन्य लोगों का तर्क है कि VAR खेल की गति को बाधित करने के अलावा, रेफरी के फैसलों को बदलने का एक साधन बन गया है, जो खेल की ईमानदारी पर सवालिया निशान लगाता है।

क्या VAR न्याय सुनिश्चित करने में सक्षम है?

इन तमाम विवादों के बीच कुछ बुनियादी सवाल उठते हैं। क्या VAR तकनीक अपने दम पर निष्पक्ष फैसले सुनिश्चित कर सकती है? क्या विवाद सिस्टम की सीमाओं के कारण पैदा हो रहे हैं या फिर उनका गलत इस्तेमाल किया जा रहा है? साथ ही, क्या 2026 फीफा वर्ल्ड कप में शामिल सभी रेफरी इस सहायक तकनीक का उपयोग करने के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित हैं?

VAR का पहली बार इस्तेमाल 2018 के रूस वर्ल्ड कप में हुआ था। फीफा के अनुसार, इसे खेल के नियमों में 'ऑन-फील्ड रेफरी टीम के लिए एक सहायक उपकरण' के रूप में शामिल किया गया था। इसके बाद से, यह सिस्टम दुनिया भर की 100 से अधिक प्रतियोगिताओं का हिस्सा बन चुका है, जिसमें 2022 का कतर वर्ल्ड कप भी शामिल था।

तकनीकी ढांचा और VAR की कार्यप्रणाली

यह प्लेटफॉर्म 42 ब्रॉडकास्ट कैमरों का उपयोग करता है। इनमें से आठ कैमरे सुपर-स्लो-मोशन फुटेज प्रदान करते हैं, जबकि चार कैमरे अल्ट्रा-स्लो-मोशन फुटेज देने में सक्षम हैं। इसके अलावा, सिस्टम को उन कैमरों से भी फीड मिलती है जो ऑफसाइड का पता लगाने के लिए सेमी-ऑटोमेटेड तकनीक का उपयोग करते हैं, साथ ही फीफा होस्ट नेटवर्क के सभी कैमरे भी इसमें शामिल होते हैं।

यह सारी जानकारी एक वीडियो असिस्टेंट रेफरी और तीन सहायकों की टीम के पास पहुंचती है। वे अलग-अलग एंगल्स की समीक्षा करते हैं ताकि किसी विशिष्ट मामले में निर्णय लिया जा सके। अगर कोई विसंगति या नियम उल्लंघन दिखता है, तो वीडियो असिस्टेंट रेफरी मुख्य रेफरी को सूचित करता है, जो मैदान पर फुटेज देखकर अपना अंतिम फैसला लेते हैं।

नियमों का विस्तार और नई चुनौतियां

पिछले दो वर्ल्ड कप में, VAR मुख्य रूप से गोल, पेनल्टी किक, सीधे रेड कार्ड और गलत पहचान के मामलों में मदद करता था। इस बार फीफा ने समीक्षा के लिए नई स्थितियां जोड़ी हैं। अब VAR का उपयोग स्पष्ट रूप से गलत दूसरे पीले कार्ड को सही करने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा, यह फ्री किक या कॉर्नर किक लेने से पहले धक्का-मुक्की या ऑफसाइड जैसी घटनाओं का पता लगाने में भी मदद करता है।

मेक्सिको के पूर्व वर्ल्ड कप रेफरी अरमांडो आर्चुंडिया के अनुसार, 'प्रेस्टियानी-विनिसियस रूल' से संबंधित उल्लंघन पकड़ने के लिए भी इसे जोड़ा गया है। यह नियम उन खिलाड़ियों को सीधे रेड कार्ड देने की बात करता है जो किसी विवाद के दौरान अपना मुंह, हाथ, हाथ या जर्सी से ढंक लेते हैं। इसके साथ ही, कॉर्नर किक और गोल किक के बीच के भ्रम को दूर करने के लिए भी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

रेफरी के निर्णय और तकनीक का तालमेल

खेल विश्लेषक फर्नांडो गालवन बताते हैं कि अतीत में रेफरी का काम खेल की गति की तुलना में धीमा रहा है। उन्होंने बताया कि सालों पहले, रेफरी टीम में केवल एक केंद्र रेफरी और दो लाइंसमैन होते थे। बाद में चौथा अधिकारी आया, और फिर गोल के पीछे दो और रेफरी तैनात किए गए। गालवन के अनुसार, VAR का उद्देश्य रेफरी के निर्णय लेने की क्षमता में सुधार करना था, लेकिन शुरुआती वर्षों में रेफरी तकनीक पर हद से ज्यादा निर्भर हो गए।

गल्वन और आर्चुंडिया दोनों इस बात से सहमत हैं कि फुटबॉल एक व्यक्तिपरक खेल है। रेफरी के निर्णय पूरी तरह से तकनीक पर निर्भर नहीं होते, बल्कि रेफरी के अपने व्यक्तिगत अर्थ पर भी निर्भर करते हैं। आर्चुंडिया का स्पष्ट कहना है कि अंततः निर्णय रेफरी को ही लेना होता है, क्योंकि तकनीक केवल एक सहारा है।

तकनीकी अंतर और प्रशिक्षण का मुद्दा

सबसे बड़ी समस्या प्रशिक्षण और अनुभव की कमी है। आर्चुंडिया बताते हैं कि फीफा हर वर्ल्ड कप के बाद 100 संभावित रेफरी चुनता है, जिन्हें अगले चार साल तक प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके बावजूद, केवल 20 प्रतिशत देशों के रेफरी अपने घरेलू टूर्नामेंट में VAR का उपयोग करते हैं। इससे स्पष्ट है कि तकनीक तो मौजूद है, लेकिन उसे समझने और लागू करने की समझ में अंतर है।

भविष्य में एआई और रोबोटिक रेफरी की चर्चा भी हो रही है, लेकिन फिलहाल ये केवल अनुमान हैं। अंततः, फुटबॉल मानवीय भावनाओं और गलतियों का खेल है, जिसे चलाने वाले भी इंसान हैं। जैसा कि आर्चुंडिया कहते हैं, जब तक फुटबॉल का नाम नहीं बदलता, तब तक इसे खेलने और इसे नियंत्रित करने का जिम्मा इंसानों के पास ही रहेगा।

सवाल-जवाब

मिस्र फुटबॉल संघ ने क्या शिकायत की है?
मिस्र फुटबॉल संघ ने अर्जेंटीना के खिलाफ मैच में VAR के गलत इस्तेमाल और रेफरी के विवादास्पद निर्णयों के खिलाफ फीफा में औपचारिक विरोध दर्ज कराया है।
VAR 2026 वर्ल्ड कप में किन नए मामलों में हस्तक्षेप कर सकता है?
इस बार VAR का उपयोग गलत पीले कार्डों को ठीक करने और फ्री किक या कॉर्नर किक से पहले होने वाले धक्का-मुक्की या ऑफसाइड जैसे फाउल की जांच के लिए किया जा सकता है।
क्या VAR शत-प्रतिशत सटीक परिणाम देता है?
नहीं, विशेषज्ञ मानते हैं कि VAR एक सहायक उपकरण है जो बेहतर जानकारी प्रदान करता है, लेकिन अंतिम निर्णय रेफरी के व्यक्तिगत नजरिए और व्याख्या पर निर्भर करता है।
रेफरी के प्रशिक्षण में मुख्य समस्या क्या है?
मुख्य समस्या यह है कि विश्व कप में शामिल केवल 20 प्रतिशत देशों के रेफरी ही अपने घरेलू टूर्नामेंट में VAR का उपयोग करते हैं, जिससे अनुभव में बड़ा अंतर पैदा होता है।
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