लेनोवो ने प्रोजेक्ट एयरोब्लेड नाम से एक नया कॉन्सेप्ट लैपटॉप पेश किया है, जिसे फ्रोर सिस्टम्स की नई एक्टिव कूलिंग टेक्नोलॉजी पर तैयार किया गया है। पारंपरिक पंखों, बड़े हीटसिंक और वेंट की जगह यह मशीन हवा के दबाव का इस्तेमाल करके प्रोसेसर की गर्मी बाहर निकालती है। इस तकनीक की वजह से लैपटॉप को बहुत पतला बनाया जा सकता है, यह पूरी तरह शांत रहता है और अंदर बची जगह का इस्तेमाल बड़ी बैटरी लगाने के लिए किया जा सकता है। लेनोवो का मानना है कि यह तकनीक भविष्य के हाई-परफॉर्मेंस लैपटॉप के डिज़ाइन को पूरी तरह बदल सकती है।
बिना पंखे वाली एयरजेट तकनीक कैसे करती है कूलिंग
फ्रोर सिस्टम्स की एयरजेट मिनी फैनलेस एयर-कूलिंग तकनीक का इस्तेमाल करने वाला लेनोवो पहला कंप्यूटर निर्माता बन गया है। फ्रोर कंपनी डेटा सेंटर्स के लिए अपनी लिक्विड-कूलिंग तकनीक के लिए जानी जाती है, लेकिन एयरजेट को खास तौर पर कंज्यूमर कंप्यूटरों के लिए तैयार किया गया है। लेनोवो ने इस कूलिंग सिस्टम को एक्टिव फ्लो थर्मल सॉल्यूशन नाम दिया है।
यह सिस्टम लैपटॉप के अंदर मौजूद हवा को खींचकर 2,000 पास्कल का बैक प्रेशर बनाता है, जिससे हवा लगभग 124 मील प्रति घंटे की रफ्तार से बहती है। इस तेज हवा को एयरजेट मॉड्यूल में मौजूद बेहद छोटे जेट्स के जरिए तांबे की लेयर पर फैलाया जाता है। यह प्रक्रिया उस बाउंड्री लेयर को तोड़ देती है जो गर्मी को जमा करके प्रोसेसर को धीमा यानी थ्रॉटल करती है। बाउंड्री लेयर खत्म होते ही सीपीयू की गर्मी पीछे के रास्ते बाहर निकल जाती है। इस लैपटॉप के मदरबोर्ड सैंपल में ऊपर की तरफ चार एयरजेट मॉड्यूल लगे दिखाए गए हैं।
ऊर्जा की बचत और मजबूती में आगे
फ्रोर सिस्टम्स के मुताबिक, प्रत्येक एयरजेट मॉड्यूल एक सामान्य लैपटॉप फैन की तुलना में 10 गुना ज्यादा बैक प्रेशर पैदा कर सकता है और इसे ज्यादा वेंट की जरूरत भी नहीं होती। लेनोवो का दावा है कि यह एक्टिव फ्लो थर्मल सॉल्यूशन पारंपरिक पंखे जितनी ही बिजली खपत करता है, लेकिन यह पानी और धूल-मिट्टी से पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
हालांकि लेनोवो एयरजेट तकनीक वाला लैपटॉप दिखाने वाली पहली कंपनी है, लेकिन फ्रोर के साथ इसकी कोई एक्सक्लूसिव डील नहीं है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में अन्य लैपटॉप निर्माता भी इस तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मैग्नीशियम-एल्युमिनियम बॉडी और शानदार हार्डवेयर
प्रोजेक्ट एयरोब्लेड देखने में एक साधारण और सुंदर लैपटॉप जैसा लगता है। लेकिन इसकी मोटाई केवल 10 मिमी है और वजन सिर्फ 1.8 पाउंड (लगभग 816 ग्राम) है। मैग्नीशियम-एल्युमिनियम अलॉय बॉडी से बना यह लैपटॉप इतना हल्का है कि इसके सामने आसूस ज़ेनबुक A14 और मैकबुक एयर जैसे हल्के लैपटॉप भी भारी महसूस होते हैं।
प्रदर्शन के दौरान दिखाया गया यह मॉडल बेहद फिनिश्ड और मजबूत नजर आता है। इस कॉन्सेप्ट लैपटॉप में एक OLED स्क्रीन दी गई है और यह थंडरबोल्ट 4 सपोर्ट वाले USB-C पोर्ट्स के साथ आता है।
प्रोसेसर सपोर्ट, TDP क्षमता और भविष्य की योजनाएं
इस लैपटॉप में इंटेल लूनर लेक प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है, जो दिखाता है कि यह कूलिंग तकनीक हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर को संभाल सकती है। यह सिस्टम 20 वाट्स तक के थर्मल डिज़ाइन पावर (TDP) को सपोर्ट करता है। भारी काम या गेमिंग के लिए फ्रोर कंपनी के पास एयरजेट प्रो नाम का अधिक शक्तिशाली मॉड्यूल भी मौजूद है।
लेनोवो ने अभी इसकी कीमत, बैटरी लाइफ या लॉन्च की तारीख का खुलासा नहीं किया है। कंपनी का कहना है कि अगर यह मॉडल प्रोडक्शन में जाता है, तो इसमें अलग प्रोसेसर दिया जा सकता है या इस तकनीक को कंपनी के मौजूदा लैपटॉप और मिनी पीसी में भी शामिल किया जा सकता है।
प्रोजेक्ट स्वान: बटन दबाते ही चौड़ी होने वाली स्क्रीन
प्रोजेक्ट एयरोब्लेड के साथ लेनोवो ने प्रोजेक्ट स्वान नाम का एक और अनोखा कॉन्सेप्ट लैपटॉप भी दिखाया। CES 2026 में पेश किए गए रोलेबल गेमिंग लैपटॉप की तर्ज पर बनाया गया प्रोजेक्ट स्वान एक बटन दबाते ही 14 इंच से फैलकर 17 इंच की स्क्रीन में बदल जाता है।
मजबूत मोटराइज्ड सिस्टम के साथ आने वाले इस लैपटॉप का वजन 3.5 पाउंड है। यह दिखाता है कि कैसे एक छोटा लैपटॉप जरूरत पड़ने पर बड़ी स्क्रीन का अनुभव दे सकता है।



















