नथिंग के बजट-फ्रेंडली ऑडियो सब-ब्रांड सीएमएफ ने ओपन-ईयर ऑडियो सेगमेंट में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए नए क्लिप-ऑन ईयरबड्स सीएमएफ क्लिप प्रो पेश किए हैं। इन बड्स में कफ स्टाइल का ओपन-ईयर डिजाइन दिया गया है, जो काफी हद तक शोक्स ओपनडॉट्स 2 जैसे मॉडल्स से मिलता-जुलता दिखाई देता है। इसके बावजूद सीएमएफ ने इस मॉडल में कुछ अलग और अनूठे फीचर्स जोड़कर इसे खास बनाने का प्रयास किया है। इनमें हाई-रेजोल्यूशन ऑडियो स्ट्रीमिंग के लिए एलडीएसी कोडेक सपोर्ट, ऑडियो लीकेज को कम करने वाला विशेष फीचर और चार्जिंग केस पर लगा एक फिजिकल कंट्रोल डायल शामिल है, जो इसे बाजार में मौजूद अन्य विकल्पों से काफी अलग खड़ा करता है।
वर्कआउट और रनिंग के दौरान बेहतरीन ग्रिप
सीएमएफ क्लिप प्रो को फिटनेस और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज के लिए बेहद मुफीद माना जा सकता है। इनका क्लिप-ऑन मैकेनिज्म कानों पर बहुत हल्का और आरामदायक अहसास कराता है, साथ ही यह ग्रिप इतनी मजबूत रहती है कि बॉक्स जंप्स जैसी बेहद तेज और झटकेदार एक्सरसाइज के दौरान भी बड्स अपनी जगह से नहीं हिलते। पानी और पसीने से बचाव के लिए इन्हें आईपी54 रेटिंग दी गई है, जिसका मतलब है कि जिम में भारी पसीने या हल्की बारिश के दौरान इनका इस्तेमाल बिना किसी हिचकिचाहट के किया जा सकता है। वर्कआउट करते वक्त जब उंगलियां पसीने से भीगी हों और टच कंट्रोल्स काम न कर रहे हों, तब केस पर दिया गया रोटरी डायल काफी काम आता है, जिससे वॉल्यूम और अन्य सेटिंग्स को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। ओपन-ईयर बनावट का एक बड़ा लाभ यह है कि सड़क या पार्क में जॉगिंग करते समय आसपास के ट्रैफिक और माहौल की पूरी जानकारी बनी रहती है। हालांकि जिम में एक्सरसाइज करते समय ट्रेडमिल की खटखट या वहां बजने वाले लाउड म्यूजिक से यह डिजाइन कोई सुरक्षा नहीं दे पाता।
सफर और फ्लाइट्स में सीमाओं से भरा अनुभव
हल्के वजन और कॉम्पैक्ट डिजाइन के बावजूद सीएमएफ क्लिप प्रो को लंबी यात्राओं के लिए बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। ओपन डिजाइन होने की वजह से इनमें पैसिव या एक्टिव नॉइज कैंसलेशन बिल्कुल नहीं मिलता, जिससे बस, ट्रेन या फ्लाइट में साथ बैठे यात्रियों की बातचीत और खांसने की आवाजें साफ सुनाई देती हैं। इसके अलावा इनकी बैटरी लाइफ भी लगातार प्लेबैक पर लगभग छह घंटे से कुछ ही ज्यादा चलती है, जो अटलांटिक पार करने वाली लंबी उड़ानों के लिए नाकाफी साबित होती है। ज्यादा वॉल्यूम पर गाने सुनने के दौरान इनमें से काफी मात्रा में आवाज बाहर लीक होती है, जिससे आसपास बैठे सह-यात्रियों को परेशानी हो सकती है। हालांकि इसमें लीकेज रिडक्शन मोड दिया गया है, जो आवाज को बाहर जाने से रोकता है, लेकिन इसे ऑन करते ही साउंड का ट्रेबल हिस्सा काफी हद तक दब जाता है।
दफ्तर और प्रोफेशनल कॉलिंग में मिला-जुला प्रदर्शन
पारंपरिक ऑफिस वर्कस्पेस के लिहाज से भी यह ईयरबड्स हर किसी की पसंद नहीं बन सकते। ओपन-ईयर फॉर्म फैक्टर के चलते ऑफिस में कुर्सियों के खिसकने या वॉटर कूलर के पास चल रही गपशप सीधे कानों तक पहुंचती है। हालांकि अगर आप ऐसा काम करते हैं जहां कलीग्स की आवाज पर तुरंत ध्यान देना जरूरी हो, तो यह खूबी आपके लिए फायदेमंद भी साबित हो सकती है। तेज आवाज में ऑडियो लीक होने की समस्या ऑफिस के शांत माहौल में साथियों का ध्यान भटका सकती है। आराम के मामले में ये बड्स पूरे दिन कानों पर बिना कोई दबाव बनाए पहने जा सकते हैं। जहां तक इन-बिल्ट माइक्रोफोन की बात है, तो यह बहुत छोटी और सामान्य बातचीत के लिए तो काम चला देता है, लेकिन आवाज कुछ अजीब और दूरी से आती हुई प्रतीत होती है, इसलिए लंबी क्लाइंट मीटिंग्स या वर्चुअल प्रेजेंटेशन के लिए यह सही विकल्प नहीं है।
गेमिंग और ऑडियो क्वालिटी का विश्लेषण
सीएमएफ क्लिप प्रो वायरलेस गेमिंग के लिए बिल्कुल उपयुक्त नहीं हैं। कम लेटेंसी के लिए दिए गए लो लैग मोड को चालू करने के बाद भी इनमें ऑडियो डिले इतना अधिक रहता है कि प्रतिस्पर्धी शूटिंग गेम्स खेलना संभव नहीं है, हालांकि टर्न-बेस्ड रोल-प्लेइंग गेम्स जैसे धीमे टाइटल्स में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा इनमें कोई वायर्ड कनेक्टिविटी का विकल्प मौजूद नहीं है, इसलिए तार के जरिए इस्तेमाल करने की उम्मीद नहीं रखी जा सकती। ऑडियो परफॉर्मेंस की बात करें तो इनका साउंड प्रोफाइल काफी ब्राइट है। बेस रिस्पॉन्स लगभग न के बराबर मिलता है क्योंकि ओपन डिजाइन के कारण लो-एंड फ्रीक्वेंसीज कानों में टिक नहीं पातीं। इसके विपरीत ट्रेबल रेंज काफी ज्यादा उभरी हुई और तीखी सुनाई देती है। लेफ्ट और राइट ड्राइवर्स के बीच स्टीरियो मैचिंग काफी सटीक पाई गई है, जिससे एक संतुलित स्टीरियो साउंड स्टेज तैयार होता है। कानों पर क्लिप लगाने की अलग-अलग जगह और कान की शारीरिक बनावट के आधार पर भी साउंड में थोड़ा-बहुत अंतर देखने को मिल सकता है।
माइक्रोफोन और नॉइज आइसोलेशन
बिल्ट-इन माइक्रोफोन का प्रदर्शन इस प्राइस रेंज में निराश करता है। सामान्य कॉल्स पर बात समझ तो आ जाती है, लेकिन आवाज में डिस्टॉर्शन और खोखलापन साफ महसूस होता है। बैकग्राउंड में चलने वाले निरंतर हल्के शोर को तो यह फिल्टर कर लेता है, लेकिन इस प्रक्रिया में आवाज की क्वालिटी और अधिक बिगड़ जाती है। वहीं मेट्रो ट्रेन गुजरने जैसी अचानक होने वाली तेज आवाजों के सामने माइक्रोफोन पूरी तरह म्यूट हो जाता है या आवाज कटने लगती है। कुल मिलाकर, सीएमएफ क्लिप प्रो उन फिटनेस प्रेमियों के लिए एक मजबूत विकल्प है जो सुरक्षित ओपन-ईयर ग्रिप और केस-माउंटेड डायल चाहते हैं, लेकिन बेस, प्राइवेसी और कॉलिंग के मामले में यह समझौता कराते हैं।



















