आयकर रिटर्न यानी ITR फाइल करने का आधिकारिक सीजन अब शुरू हो गया है। इस समय करदाता अपने जरूरी दस्तावेजों को जुटाने, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs) से सलाह लेने और अपनी रिटर्न डिटेल्स को तैयार करने में व्यस्त हैं। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान एक महत्वपूर्ण कदम को छोड़ना करदाताओं पर भारी पड़ सकता है। यह अनिवार्य है कि करदाता अपना एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) फाइलिंग से पहले जरूर देखें। आयकर विभाग के पोर्टल के अनुसार, AIS एक करदाता के वित्तीय लेनदेन का व्यापक विवरण होता है।
AIS क्यों जरूरी है?
AIS का मुख्य उद्देश्य करदाताओं को रिटर्न दाखिल करने से पहले उनके वित्तीय लेनदेन का पूरा ब्योरा दिखाना है। यह स्टेटमेंट स्वेच्छा से अनुपालन को बढ़ावा देता है और रिटर्न को पहले से भरने यानी प्री-फिलिंग की सुविधा को आसान बनाता है। साथ ही, यह करदाताओं को किसी भी प्रकार की गैर-अनुपालन स्थिति से बचाने में मदद करता है।
AIS की संरचना
AIS को मुख्य रूप से दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। पहला हिस्सा सामान्य जानकारी का होता है, जिसमें पैन, मास्क किया हुआ आधार नंबर, करदाता का नाम, जन्मतिथि या गठन की तारीख, मोबाइल नंबर, ईमेल पता और करदाता का पता जैसी बुनियादी जानकारियां शामिल होती हैं। वहीं, दूसरा हिस्सा TDS और TCS की जानकारी, SFT डेटा, कर भुगतान, बकाया मांग और रिफंड जैसी महत्वपूर्ण वित्तीय सूचनाओं से बना होता है।
AIS देखने की प्रक्रिया
ITR फाइल करने से पहले अपने AIS को देखने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करें
- सबसे पहले आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.incometax.gov.in पर जाएं।
- अपने क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके लॉग इन करें।
- डैशबोर्ड पर दिए गए एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) मेन्यू पर क्लिक करें।
- अब प्रोसीड यानी आगे बढ़ें बटन दबाएं।
- आप AIS पोर्टल पर रीडायरेक्ट हो जाएंगे, वहां AIS टाइटल पर क्लिक करके अपना विवरण देखें।
एक अन्य वैकल्पिक तरीका भी है: आप पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद ई-फाइल मेन्यू को चुनें, फिर इनकम टैक्स रिटर्न में जाकर व्यू AIS पर क्लिक करें और प्रोसीड बटन दबाएं।
एक्टिविटी हिस्ट्री कैसे चेक करें
करदाता अपने AIS के होमपेज पर मौजूद एक्टिविटी हिस्ट्री बटन पर क्लिक करके अपने पिछले लेनदेन या गतिविधियों का इतिहास भी देख सकते हैं। इससे कंप्लायंस पोर्टल पर की गई गतिविधियों का सारांश मिल जाता है। हर गतिविधि के लिए सिस्टम एक यूनिक आईडी (एक्टिविटी आईडी) बनाता है। इस टैब के भीतर आपको गतिविधि की तारीख, विवरण और अन्य जरूरी जानकारी आसानी से मिल जाएगी।











