भारत निर्वाचन आयोग ने कर्नाटक राज्य में आधिकारिक तौर पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू कर दिया है। करीब दो दशकों यानी बीस साल के एक लंबे अंतराल के बाद राज्य में इस बड़े पैमाने के मतदाता सूची सत्यापन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। मतदाता सूची को पूरी तरह से पारदर्शी, त्रुटिहीन और अपडेटेड बनाने का यह महत्वपूर्ण अभियान देशव्यापी स्तर पर चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के फेज III का एक अहम हिस्सा है। इस व्यापक प्रक्रिया के जरिए चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सभी योग्य मतदाताओं की जानकारी बिल्कुल सटीक हो और सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या दोहरे नाम न रहें।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की पृष्ठभूमि और विस्तार
भारत निर्वाचन आयोग का यह महत्वाकांक्षी कार्यक्रम पूरे देश में एक व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। कर्नाटक में इस प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाने से पहले, निर्वाचन अधिकारियों ने साल 2025 में इस व्यापक कार्यक्रम के पहले और दूसरे चरण (फेज I और फेज II) को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया था। उन शुरुआती चरणों में देश के नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया गया था। अब, यह अभियान अपने तीसरे चरण यानी फेज III में प्रवेश कर चुका है, जिसके तहत कर्नाटक में मतदाताओं के सत्यापन का काम तेजी से किया जा रहा है। यह प्रक्रिया केवल कर्नाटक तक ही सीमित नहीं है, बल्कि फेज III के हिस्से के रूप में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, मेघालय, महाराष्ट्र और झारखंड में भी इसी समय घर-घर जाकर सत्यापन का काम किया जा रहा है।
मतदाता सत्यापन कार्यक्रम की महत्वपूर्ण तिथियां
निर्वाचन आयोग ने इस पूरी सत्यापन प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए एक सख्त समयसीमा तय की है। इसके तहत, बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का भौतिक सत्यापन करने की प्रक्रिया 30 जून से शुरू हो चुकी है। जमीनी स्तर पर चलने वाला सत्यापन का यह सघन कार्य 29 जुलाई तक जारी रहेगा। इस अवधि में सभी घरों में जाकर डेटा एकत्रित किया जाएगा। इसके बाद, आयोग एकत्रित किए गए आंकड़ों को संकलित करेगा और 5 अगस्त को मतदाता सूची का पहला प्रारूप (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) प्रकाशित करेगा। इस सूची के प्रकाशन के बाद नागरिकों को अपने विवरण की जांच करने और किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। अंततः, प्राप्त सभी संशोधनों और सुधारों को पूरा करने के बाद, अंतिम और पूर्ण रूप से संशोधित मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन 7 अक्टूबर को किया जाएगा।
ऑनलाइन माध्यम से प्रपत्र (एनुमरेशन फॉर्म) भरने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया
मतदाताओं की सुविधा के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने ऑनलाइन पोर्टल पर फॉर्म भरने की बेहद आसान व्यवस्था की है। यदि आप घर बैठे अपने विवरण को सत्यापित करना चाहते हैं, तो आप इन चरणों का पालन कर सकते हैं।
- पहला कदम: सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर इंटरनेट ब्राउज़र खोलें और आधिकारिक निर्वाचन वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाएं। वहां होमपेज पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 से जुड़े समर्पित सेक्शन को खोजें।
- दूसरा कदम: वेबसाइट पर पहुंचने के बाद, आपको मुख्य पृष्ठ पर ही "फिल एनुमरेशन फॉर्म" (Fill Enumeration Form) का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
- तीसरा कदम: इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा। यहां आपको अपने मोबाइल नंबर का उपयोग करके साइन अप या लॉग इन करना होगा। अपना मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद, आपके फोन पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा। इस OTP को दर्ज करके अपना वेरिफिकेशन पूरा करें।
- चौथा कदम: लॉग इन करने के बाद स्क्रीन पर एक फॉर्म खुलेगा। इसमें अपनी सभी आवश्यक व्यक्तिगत जानकारी जैसे कि आपके वोटर आईडी कार्ड के अनुसार आपका पूरा नाम, यदि उपलब्ध हो तो आपका EPIC नंबर, जन्म तिथि, लिंग, सक्रिय मोबाइल नंबर, वर्तमान आवासीय पता और अपनी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की पूरी जानकारी दर्ज करें।
- पांचवां कदम: सभी विवरण दर्ज करने के बाद, अपनी जानकारी की तुलना पुरानी मतदाता सूची के रिकॉर्ड से अवश्य करें। यदि आपको अपने नाम की स्पेलिंग, पते या किसी अन्य विवरण में कोई गलती दिखाई देती है, तो उसे तुरंत वहीं पर सुधार लें।
- छठा कदम: अंत में, सभी विवरणों को अच्छी तरह जांचने के बाद फॉर्म को सबमिट कर दें। सबमिशन पूरा होने के बाद आपको स्क्रीन पर एक पावती (एक्नॉलेजमेंट) दिखाई देगी। भविष्य के संदर्भ के लिए इसे इमेज या पीडीएफ फाइल के रूप में अपने डिवाइस में डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें।
बूथ लेवल अधिकारियों के जरिए ऑफलाइन सत्यापन की प्रक्रिया
जो लोग इंटरनेट का उपयोग करने में असहज हैं या ऑनलाइन प्रक्रिया से बचकर पारंपरिक तरीके को चुनना चाहते हैं, उनके लिए भी निर्वाचन आयोग ने सरल ऑफलाइन व्यवस्था की है। इसके तहत, 30 जून से 29 जुलाई के बीच कर्नाटक के सभी विधानसभा क्षेत्रों में नियुक्त बूथ लेवल अधिकारी (BLO) व्यक्तिगत रूप से हर घर का दौरा कर रहे हैं। ये अधिकारी आपके घर आकर आपको एक भौतिक प्रपत्र (एनुमरेशन फॉर्म) प्रदान करेंगे। यदि अधिकारी के दौरे के समय आप अपने घर पर मौजूद हैं, तो आप उस फॉर्म को तुरंत भरकर और अपने जरूरी दस्तावेजों को संलग्न करके सीधे BLO को सौंप सकते हैं। जब आप ऑफलाइन माध्यम से BLO को फॉर्म सौंपते हैं, तो वे फॉर्म की एक प्रति अपने रिकॉर्ड के लिए अपने पास रख लेते हैं और दूसरी प्रति पर अपने आधिकारिक हस्ताक्षर करके पावती के रूप में आपको वापस दे देते हैं। भविष्य में किसी भी दावे के लिए इस हस्ताक्षरित रसीद को सुरक्षित रखना अनिवार्य है।
नए और युवा मतदाताओं के लिए विशेष नियम और निर्देश
इस अभियान के दौरान नए और युवा मतदाताओं के लिए कुछ विशेष नियम भी तय किए गए हैं। ऐसे युवा नागरिक जो साल 2026 में ही 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं और जिन्होंने मतदाता पंजीकरण की मुख्य समयसीमा समाप्त होने के बाद अपना नया पंजीकरण कराया है, उन्हें वर्तमान पुनरीक्षण अभियान के तहत सीधे एनुमरेशन फॉर्म जारी नहीं किया जाएगा। इसका मुख्य कारण यह है कि वर्तमान SIR अभियान मुख्य रूप से केवल उन्हीं नागरिकों को कवर कर रहा है जिनके नाम साल 2025 की मतदाता सूची में पहले से ही दर्ज हैं। ऐसी स्थिति में, नए पात्र मतदाताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है। इस पुनरीक्षण अभियान के पूरा होने के बाद, निर्वाचन आयोग द्वारा जल्द ही दावों और आपत्तियों के निस्तारण के लिए एक अलग से विशेष खिड़की खोली जाएगी। उस अवधि के दौरान नए मतदाता Form 6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए नए सिरे से आवेदन कर सकेंगे।











