गुजरात के भावनगर जिले के गारजिया गांव में एक शेरनी एक शख्स के ऊपर बैठी नजर आई, और इसका वीडियो सामने आते ही वन विभाग ने शेरनी को पकड़ने के लिए बड़ा तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सोमवार सुबह हुई इस घटना में गांव के एक निवासी को शेरनी ने घायल कर दिया।
वायरल वीडियो में क्या दिखा
सोशल मीडिया पर तेजी से फैले इस वीडियो में शेरनी सीधे एक व्यक्ति के ऊपर बैठी दिख रही है, जबकि आसपास खड़े गांव वाले डर के मारे चीख-पुकार करते नजर आ रहे हैं। इलाके में बड़ी बिल्लियों और लोगों के बीच टकराव की यह ताजा घटना बताई जा रही है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में डर का माहौल है, हालांकि वन विभाग हालात पर काबू पाने का दावा कर रहा है।
घायल शख्स अस्पताल में भर्ती
घायल व्यक्ति की पहचान गारजिया गांव के निवासी कालूभाई गमारा के रूप में हुई है। हमले के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि उनकी मौजूदा हालत को लेकर फिलहाल और जानकारी सामने नहीं आई है।
वन विभाग ने बताई पूरी घटना
पालीताणा वाइल्डलाइफ रेंज कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि यह शेरनी 5 जुलाई को सोनपरी गांव के धरवाला इलाके में शिकार कर रही थी। वहां से यह शेरनी गारजिया गांव के राजस्व क्षेत्र में पहुंच गई, जो इसके नियमित आवागमन के रास्ते का ही हिस्सा बताया जा रहा है।
बयान के मुताबिक 6 जुलाई की सुबह जैसे ही गांव वालों की रोजमर्रा की आवाजाही शुरू हुई, शेरनी को देखकर वे चिल्लाने लगे। इससे घबराकर शेरनी वहां से भागने की कोशिश करने लगी, और इसी दौरान एक व्यक्ति घायल हो गया।
वन अधिकारियों की अपील, छेड़छाड़ न करें
घटना के बाद वन अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे जंगली जानवरों को देखकर उन्हें छेड़ने या परेशान करने की कोशिश न करें। अधिकारियों ने कहा कि शेर की मौजूदगी दिखते ही तुरंत वन विभाग को सूचित किया जाए, न कि खुद उसे भगाने की कोशिश की जाए।
सौराष्ट्र में बढ़ते हमलों का सिलसिला
गुजरात का सौराष्ट्र इलाका एशियाई शेरों का इकलौता प्राकृतिक बसेरा है, और पिछले कुछ महीनों में यहां शेरों के हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। यह इलाके में हाल के समय की पांचवीं ऐसी घटना है, जिसमें किसी व्यक्ति की शेर के हमले में जान गई हो या वह घायल हुआ हो।
पिछले हमले के बाद मंत्री का बयान
पिछले महीने गुजरात के वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया अमरेली जिले में एक शेरनी के हमले में मारे गए पांच साल के बच्चे के परिवार से मिलने पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने कहा था कि सरकार इंसान और जानवरों के बीच टकराव की ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दीर्घकालीन और अल्पकालीन, दोनों तरह के कदम उठाएगी।











