गुजरात के राजकोट जिले में एक परिवार के भीतर की कड़वाहट इतनी गहरी निकली कि माता-पिता ने अपने ही 22 साल के बेटे की जान ले ली और फिर उसे खुदकुशी का रंग देकर बात दबाने की कोशिश की। गोंडल तालुका के गुंडाला गांव में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है, क्योंकि हत्या की गुत्थी आखिरकार मृतक की अपनी पत्नी की शिकायत से सुलझी।
बेरोजगार बेटे की संदिग्ध मौत
मृतक की पहचान राम बंभाव के रूप में हुई है, जो बेरोजगार था। उसका शव संदिग्ध हालात में मिला था। घटना सामने आने के बाद राम के माता-पिता रोते हुए यह बताते नजर आए कि उनके बेटे ने खुद अपनी जान दी है, गांव में शुरुआत में लोग भी इसे आत्महत्या का ही मामला मान बैठे थे। लेकिन जब फॉरेंसिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तो पूरी कहानी पलट गई, यह साफ हुआ कि राम ने खुदकुशी नहीं की थी, बल्कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई थी।
बहू की शिकायत पर मां-बाप गिरफ्तार
जब पुलिस ने जांच शुरू की तो सामने आई जानकारी ने सबको चौंका दिया, कोई भी इस पर आसानी से यकीन करने को तैयार नहीं था। पुलिस के अनुसार राम बंभाव की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके अपने माता-पिता ने ही मिलकर की थी। राम की 20 वर्षीय पत्नी बंसी ने अपनी 45 वर्षीय सास मोटी बंभाव, जिसे मनीषा के नाम से भी जाना जाता है, और 47 वर्षीय ससुर अतुल बंभाव उर्फ बाबू के खिलाफ हत्या की शिकायत दर्ज कराई। बंसी की इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पांच महीने पहले हुई थी शादी, हर रात होता था झगड़ा
थाने में दर्ज कराई गई तहरीर में बंसी ने बताया कि उसकी शादी राम बंभाव से करीब पांच महीने पहले हुई थी। उसका पति शराब का आदी था और हर रात नशे में घर लौटता था, जिसके बाद वह अपने पिता से झगड़ा करता था। 29 जून को भी राम और उसके माता-पिता के बीच जमकर कहासुनी हुई, इसके बाद अतुल बंभाव ने अपने बेटे को घर ले जाने के लिए बंसी के पिता को फोन करके बुलाया था। लेकिन इसके अगले ही दिन बंसी को अपने पति की मौत की खबर मिली। उस वक्त परिवार वालों ने बंसी से यही कहा कि राम ने एसिड पीकर अपनी जान दे दी है। लेकिन बाद में परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले को पलट कर रख दिया।
पोस्टमार्टम में मिले गला घोंटने के निशान
पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर गला घोंटने के स्पष्ट निशान मिले, जिससे यह साफ हो गया कि राम की मौत एसिड पीकर खुदकुशी करने से नहीं बल्कि दम घोंटकर की गई हत्या से हुई थी। पत्नी बंसी के बयान ने भी पुलिस की जांच को और मजबूत किया। जांच में यह बात सामने आई कि झगड़े के दौरान मां ने कथित तौर पर राम को जबरन एसिड पिलाया, जबकि पिता ने उसे पकड़कर उसका गला दबा दिया। इस वारदात के बाद परिवार ने पूरी घटना को खुदकुशी का रूप देकर मामला दबाने की कोशिश की।
एसिड की बोतल और खून सना बिस्तर बरामद
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हुई एसिड की बोतल, खून से सना बिस्तर और वारदात में इस्तेमाल हुआ अन्य सामान जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों मोटी बंभाव और अतुल बंभाव को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे की वजह भी सामने आई है, राम बंभाव शादीशुदा होने के बावजूद बेरोजगार था, जबकि उसके पिता चाय की एक दुकान चलाते थे। राम हर रोज शराब पीने के लिए अपने माता-पिता से पैसे मांगता था और पैसे न मिलने पर उन्हें प्रताड़ित करता था। यही रोज-रोज की कलह आखिरकार इस खौफनाक वारदात की वजह बनी।













