हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के मंगलेरा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसमें एक सरकारी स्कूल के शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने का आरोप लगाया गया। वीडियो वायरल होते ही शिक्षा विभाग सक्रिय हुआ और पूरे मामले की जांच करवाई गई। हालांकि अब तक की पड़ताल में शिक्षक के नशे में स्कूल आने की बात साबित नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों का कहना था कि यह शिक्षक कई बार नशे की हालत में स्कूल पहुंचता है। यही शिकायत मीडिया तक पहुंचाई गई। इसके बाद मीडिया कर्मी स्कूल पहुंचे और शिक्षक से इस पूरे मसले पर बात करने की कोशिश की। बातचीत के दौरान शिक्षक और मीडिया कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इसी बीच शिक्षक अपना चेहरा हाथ से ढकता हुआ भी नजर आया।
पूछताछ में क्या बोला शिक्षक
जब शिक्षक से कहा गया कि उनके मुंह से शराब की गंध आ रही है, तो उन्होंने इसे "रात की" बताया और स्कूल में नशे की हालत में आने से साफ इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि जैसे ही बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू हुई, शिक्षक विद्यालय में छुट्टी का आवेदन छोड़कर वहां से निकल गए।
जांच के आदेश और जांच अधिकारी की नियुक्ति
मामला सामने आने पर उपनिदेशक उच्च शिक्षा ने जांच के आदेश दिए और पास के ही एक विद्यालय के प्रधानाचार्य को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। जांच के दौरान विद्यार्थियों और दूसरे शिक्षकों के बयान दर्ज किए गए। जांच अधिकारी के मुताबिक छात्रों और स्टाफ ने इस बात से इनकार किया कि संबंधित शिक्षक नशे में स्कूल आते हैं।
शिक्षक के अचानक स्कूल छोड़कर चले जाने पर भी सवाल खड़े हुए। इस पर जांच अधिकारी ने बताया कि शिक्षक ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अवकाश आवेदन दिया और फिर विद्यालय से चले गए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक के चले जाने की वजह से उस समय उनका मेडिकल परीक्षण नहीं हो पाया।
आगे क्या होगा
जांच अधिकारी ने साफ किया कि फिलहाल जांच में नशे में स्कूल आने की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर आगे इस तरह की कोई शिकायत या घटना सामने आती है तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले को लेकर इलाके में खूब चर्चा है और लोग शिक्षा विभाग से निष्पक्ष जांच और जरूरी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।













