गुजरात के वडोदरा शहर में पारिवारिक रिश्तों और भरोसे को शर्मसार करने वाली एक गंभीर चोरी की घटना सामने आई है। अपने प्रेमी के दैनिक खर्चों और व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के लिए एक युवती ने अपने ही ताऊजी के घर में लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गोरवा पुलिस स्टेशन की टीम ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और आरोपी युवती श्रेया सिंह के साथ उसके प्रेमी दीपक वसावा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी हुआ शत-प्रतिशत मुद्दामाल बरामद कर लिया गया है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख 15 हजार रुपये बताई जा रही है।
घर के भरोसे का उठाया अनुचित फायदा
पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार आरोपी युवती श्रेया सिंह अपने ताऊजी यानी बड़े पापा के घर पर ही निवास कर रही थी। परिवार के सदस्यों को अपनी भतीजी पर पूरा विश्वास था और उसे घर की अलमारियों और कमरों तक स्वतंत्र पहुंच हासिल थी। आरोप है कि युवती ने इसी भरोसे का फायदा उठाया और घर में रखे कीमती गहनों पर हाथ साफ करना शुरू कर दिया। यह चोरी किसी एक दिन में नहीं हुई, बल्कि 16 जून से लेकर 26 अगस्त के बीच की अवधि में धीरे-धीरे अंजाम दी गई। अलमारी में स्थित तिजोरी में रखे सोने और चांदी के आभूषण एक-एक करके गायब होते रहे और लंबे समय तक परिवार को इसकी भनक तक नहीं लगी।
प्रेमी के साथ रची गई थी चोरी की साजिश
मामले की गहन छानबीन के दौरान यह तथ्य उजागर हुआ कि श्रेया सिंह ने अपने प्रेमी दीपक वसावा के साथ मिलकर इस पूरी वारदात की विस्तृत साजिश रची थी। दोनों आरोपियों को अपने व्यक्तिगत खर्चों और आवश्यकताओं के लिए बड़ी रकम की दरकार थी। इसी वजह से उन्होंने घर के गहनों को चुराने का रास्ता चुना। जांच में यह बात भी सामने आई कि चोरी किए गए सोने के कुछ आभूषणों को आरोपियों ने वित्तीय जरूरतों के लिए गिरवी भी रख दिया था। गिरवी रखकर प्राप्त की गई राशि का उपयोग उन्होंने अपनी रोजमर्रा की जरूरतों और जीवनशैली पर किया।
तकनीकी जांच और ह्यूम इंटेलिजेंस से सुलझी गुत्थी
जब परिवार को अलमारी की तिजोरी से बहुमूल्य आभूषण गायब होने का पता चला, तो घर में रह रही युवती की संदिग्ध गतिविधियों पर परिवारजनों को गहरा संदेह हुआ। इसके बाद परिजनों ने बिना किसी देरी के गोरवा पुलिस स्टेशन में घटना की सूचना दी और शिकायत दर्ज कराई। गोरवा पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस टीम ने आधुनिक तकनीकी जांच यानी टेक्निकल सर्विलांस और ह्यूम इंटेलिजेंस (मानवी सूचना तंत्र) की मदद ली। पुलिस ने कॉल डिटेल्स और स्थानीय गुप्त जानकारियों के आधार पर साक्ष्य जुटाए, जिससे श्रेया सिंह और दीपक वसावा की संलिप्तता पूरी तरह स्पष्ट हो गई।
शत-प्रतिशत माल बरामद और पुलिस की अग्रिम कार्रवाई
गोरवा पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर दोनों आरोपियों श्रेया सिंह और दीपक वसावा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए 100 प्रतिशत सामान की सफलतापूर्वक बरामदगी की। जब्त किए गए कुल 5.15 लाख रुपये के मुद्दामाल में लगभग 101 ग्राम वजन के सोने के आभूषण और 20 ग्राम वजन की चांदी की पायल शामिल हैं। बरामद सोने के सामान में सोने की ईंटें, हार, ब्रेसलेट, झुमके और अंगूठियां शामिल हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिश्तों की आड़ में हुई इस घटना ने स्थानीय इलाके में काफी चर्चा पैदा कर दी है।



















