गुजरात के भुज स्थित जिला एवं सत्र अदालत (सेशंस कोर्ट) परिसर में उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब पुरानी दुश्मनी के चलते एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया गया। हमलावर ने परिसर के भीतर सार्वजनिक रूप से युवक के पेट में चाकू घोंप दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। घटना के दौरान अदालत परिसर में पश्चिम कच्छ पुलिस के डिप्टी एसपी (DySP) और पुलिस इंस्पेक्टर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी व पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिस की मौजूदगी में घटी इस खौफनाक वारदात ने अदालत की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बंदोबस्त पर गंभीर प्रश्न चिह्न लगा दिए हैं।
अदालत परिसर में दिन-दहाड़े घोंपा चाकू, अस्पताल में भर्ती
प्राप्त विवरण के अनुसार, पीड़ित युवक की पहचान मयूरगर गुसाई के रूप में हुई है। वह किसी कार्यवश भुज सेशंस कोर्ट परिसर में आया हुआ था। इसी दौरान आरोपी राहुल मारवाड़ा वहां पहुंचा और दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि राहुल मारवाड़ा ने अचानक एक तेजधार चाकू निकाला और मयूरगर गुसाई के पेट के निचले हिस्से में वार कर दिया। चाकू लगते ही मयूरगर गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही गिर पड़ा।
वारदात के बाद कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया और वकीलों व फरियादियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में घायल मयूरगर गुसाई को उपचार के लिए भुज के जी. के. जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। इस संघर्ष में हमलावर राहुल मारवाड़ा को भी चोटें आई हैं, जिसे भी पुलिस हिरासत में इलाज के लिए उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में वारदात, DySP ने दबोचा
इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि हमला उस समय हुआ जब अदालत परिसर में पश्चिम कच्छ पुलिस के डिप्टी एसपी (DySP) एम.जे. क्रिश्चियन और पुलिस इंस्पेक्टर जैसे उच्च अधिकारी सुरक्षा ड्यूटी और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए मौजूद थे। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के घेरे के बावजूद हमलावर ने बेखौफ होकर हथियार का इस्तेमाल किया।
हालांकि, घटना घटते ही मौके पर मौजूद पश्चिम कच्छ पुलिस के DySP एम.जे. क्रिश्चियन ने तुरंत मुस्तैदी दिखाई और हमलावर राहुल मारवाड़ा को मौके पर ही दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हमले में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है। यदि पुलिस अधिकारी तुरंत कार्रवाई न करते, तो स्थिति और भी चिंताजनक हो सकती थी।
सुरक्षा चूक पर उठे सवाल, पुलिस जांच में जुटी
अदालत परिसर जैसे अति-सुरक्षित क्षेत्र में हथियार लेकर प्रवेश करने की घटना सामने आने के बाद भुज कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। आम जनता और कानूनी बिरादरी यह सवाल उठा रही है कि चाक-चौबंद सुरक्षा घेरे और पुलिस चेकिंग के बावजूद हमलावर धारदार चाकू लेकर अदालत परिसर के अंदर दाखिल कैसे हो गया।
प्रारंभिक जांच में घटना का मुख्य कारण पुरानी रंजिश और आपसी वैमनस्य बताया जा रहा है। पश्चिम कच्छ पुलिस ने मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पूरी घटना के घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है। इसके साथ ही, अदालत परिसर के प्रवेश द्वारों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और चेकिंग पॉइंट की भूमिका की भी जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी सुरक्षा चूक दोबारा न हो।



















