नेपाल में मूसलाधार बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भयानक तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 359 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1300 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। संकट की इस घड़ी में भारत के 288 नागरिक भी बेपता बताए जा रहे हैं। इसी बीच गुजरात के वडोदरा और ओडिशा के खुर्दा जिले से संबंध रखने वाले दो प्रवासी भारतीय (एनआरआई) दंपतियों का नेपाल यात्रा के दौरान परिजनों से संपर्क टूट गया है। अचानक फोन बंद होने और कोई खोज न मिलने से भारत में रह रहे परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है।
न्यूजीलैंड से नेपाल आए वडोदरा के मिहिर और किन्नरी पटेल का संपर्क टूटा
गुजरात के वडोदरा से ताल्लुक रखने वाले मिहिर पटेल और उनकी पत्नी किन्नरी पटेल बीते कुछ समय से न्यूजीलैंड में स्थायी रूप से रह रहे थे। दोनों नेपाल भ्रमण के उद्देश्य से भारत आए थे और मुंबई की एक ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से काठमांडू पहुंचे थे। नेपाल पहुंचने के शुरुआती समय में उन्होंने परिजनों से बातचीत की थी, लेकिन बाढ़ का प्रकोप बढ़ते ही उनका संपर्क पूरी तरह कट गया। उनके अचानक गायब होने से वडोदरा और न्यूजीलैंड दोनों स्थानों पर मौजूद परिवार के सदस्य गहरे तनाव में हैं।
चिराग पटेल ने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से लगाई मदद की गुहार
लापता किन्नरी पटेल के भाई चिराग पटेल ने केंद्र सरकार और गुजरात राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने विदेश मंत्रालय तथा नेपाल स्थित भारतीय दूतावास से अनुरोध किया है कि वे नेपाल के स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर तलाश अभियान तेज करें। इसके अतिरिक्त, परिजन मुंबई की उस ट्रैवल एजेंसी से संपर्क कर दंपती की अंतिम लोकेशन, होटल बुकिंग का ब्योरा और टूर गाइड की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। परिवार लगातार दोनों की सकुशल वापसी के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे ओडिशा के संदीप और सिद्धार्थी का भी कोई अता-पता नहीं
नेपाल की इस त्रासदी में ओडिशा के खुर्दा जिले के निवासी संदीप महापात्र और उनकी पत्नी सिद्धार्थी साहू भी लापता हो गए हैं। यह दंपती वर्ष 2018 से ऑस्ट्रेलिया में निवास कर रहा था और छुट्टियों में नेपाल घूमने आया था। प्राप्त विवरण के अनुसार, संदीप और सिद्धार्थी 22 अगस्त 2026 को नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचे थे। काठमांडू आने के बाद बाढ़ के कहर के बीच उनके मोबाइल फोन अचानक बंद हो गए, जिसके बाद से स्वजन उनसे संपर्क स्थापित नहीं कर पा रहे हैं।
नेपाल में 288 भारतीयों की खोज जारी, आपदा प्रबंधन दल सक्रिय
नेपाल में आई इस विनाशकारी बाढ़ के कारण सड़कों का नेटवर्क और दूरसंचार सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इसके चलते बचाव दलों को दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लापता 288 भारतीय नागरिकों की तलाश के लिए विदेश मंत्रालय और दूतावास राहत एवं बचाव एजेंसियों के संपर्क में हैं। संकटग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने और लापता पर्यटकों का सुराग लगाने के लिए अभियान जारी है।





















