दक्षिण मध्य रेलवे में कवच 4.0 की शुरुआत, रेल पटरियों पर सुरक्षा का नया सुरक्षा कवच तैयारचंडीगढ़ में नाइटलाइफ पर कड़े नियम लागू करने की तैयारी, 12 बजे के बाद क्लबों में नहीं मिलेगी एंट्रीआजमगढ़ में आक्रामक कुत्तों पर लगेगी लगाम, नगर पालिका ने एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर के लिए मांगा 1 करोड़ का फंडलाहौल-स्पीति में घेपन ग्लेशियल झील का मुआयना करने 14 किमी पैदल पहुंचीं डीसी, सैलाब के खतरे पर अलर्टहंगेरियन फ़ोरिंट पर मिलाजुला रुख़, एशियाई बाज़ार में डॉलर की मज़बूती और ट्रंप-शी शिखर वार्ता पर नज़रपाकिस्तान में पीटीआई के 27 सितंबर मार्च से पहले किले में तब्दील हुआ इस्लामाबाद, अटक और हाईवे सीलदक्षिण दिल्ली के सार्वजनिक पार्क में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के बाद सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा, तीनों संलिप्त युवक पकड़े गएकर्ज चुकाने की दिशा में पीसी ज्वैलर का बड़ा कदम, 98% बैंक देनदारी निपटते ही शेयरों में उछालपुष्य नक्षत्र में मंगल के प्रवेश से 4 राशियों को 24 दिन तक मिलेंगे बड़े लाभअयोध्या के अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में 7D तकनीक से जीवंत होगी प्रभु श्रीराम की गाथा
चंडीगढ़ में नाइटलाइफ पर कड़े नियम लागू करने की तैयारी, 12 बजे के बाद क्लबों में नहीं मिलेगी एंट्रीहरियाणा
23 सित॰ 2026, 3:54 pm (47 मिनट पहले)· 1

चंडीगढ़ में नाइटलाइफ पर कड़े नियम लागू करने की तैयारी, 12 बजे के बाद क्लबों में नहीं मिलेगी एंट्री

चंडीगढ़ प्रशासन देर रात तक चलने वाले पब और डिस्कोथेक पर लगाम लगाने के लिए नया नियम लाने जा रहा है, जिसके तहत रात एक बजे तक सभी क्लब बंद करने होंगे.

पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शहर में देर रात तक संचालित होने वाले क्लबों और पब्स के कामकाज के समय को सीमित करने का स्पष्ट संकेत दे दिया है। शहर में नशीले पदार्थों के गैरकानूनी इस्तेमाल को रोकने और देर रात कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मकसद से संचालन अवधि घटाने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया गया है। वर्तमान समय में कई स्थानों पर पार्टियां सुबह 3 से 4 बजे तक बेरोक-टोक चलती हैं, लेकिन नए नियमों के प्रभावी होने के बाद आधी रात के तुरंत बाद इन पर रोक लग जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर मुख्य प्राथमिकता क्लब परिसरों को मादक पदार्थों के ठिकाने में तब्दील होने से बचाना और देर रात की आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाना है।

देर रात तक चलने वाले पब्स पर पाबंदी लगाने का फैसला क्यों

शहर के कई क्षेत्रों में सुबह 4 बजे तक खुले रहने वाले डिस्कोथेक और क्लब सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुके हैं। प्रशासन को ऐसी लगातार सूचनाएं मिल रही थीं कि देर रात तक चलने वाले इन आयोजनों की आड़ में प्रतिबंधित नशा परोसा जा रहा है और हुड़दंग की घटनाएं बढ़ रही हैं। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने जानकारी दी है कि इस समस्या की जमीनी हकीकत समझने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम लंबे समय से काम कर रही थी। जमीनी समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकला कि ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए क्लबों के संचालन का समय कड़ाई से तय किया जाना बेहद आवश्यक है।

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प्रवेश और शटडाउन के नए समय नियम

प्रशासन द्वारा तैयार किए जा रहे आधिकारिक मसौदे में ग्राहकों के प्रवेश और प्रतिष्ठान बंद करने को लेकर स्पष्ट सीमाएं निर्धारित की जा रही हैं। नए नियमों के अनुसार क्लबों के भीतर ग्राहकों को प्रवेश केवल रात 12 बजे तक ही दिया जाएगा। ठीक 12 बजे के बाद किसी भी व्यक्ति को क्लब के भीतर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके बाद क्लब प्रबंधन को अपनी दैनिक बिलिंग पूरी करने और परिसर का कामकाज समेटने के लिए एक घंटे का समय मिलेगा। रात के ठीक 1 बजते ही सभी क्लबों का संचालन पूरी तरह से बंद करना अनिवार्य कर दिया जाएगा।

क्लब परिसरों की सख्त निगरानी और आगामी कदम

प्रशासन का दायरा केवल समय घटाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्लबों के भीतरी माहौल पर भी निरंतर नजर रखी जाएगी। निरीक्षण टीमों के जरिए यह पुख्ता किया जाएगा कि डांस फ्लोर या लाउंज एरिया का इस्तेमाल मादक पदार्थों की आपूर्ति या अवैध गतिविधियों के लिए न हो सके। आगामी कुछ दिनों के भीतर इस मसौदे को औपचारिक स्वीकृति मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद इसे पूरे केंद्र शासित प्रदेश में एक साथ सख्ती से लागू कर दिया जाएगा।

सवाल-जवाब

चंडीगढ़ में क्लबों में प्रवेश का अंतिम समय क्या तय किया गया है?
नए प्रस्ताव के अनुसार क्लबों में ग्राहकों की एंट्री रात 12 बजे तक ही संभव होगी, जिसके बाद प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा।
क्लबों को पूरी तरह किस समय तक बंद करना अनिवार्य होगा?
सभी पब्स और क्लबों को रात ठीक 1 बजे तक अपना पूरा कामकाज समेटकर शटडाउन करना होगा।
वर्तमान में शहर में क्लब किस समय तक संचालित होते हैं?
वर्तमान व्यवस्था के तहत शहर के कई क्लबों में तड़के 3 से 4 बजे तक पार्टियां संचालित होती रही हैं।
इस नए नियम को लाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य क्लबों में मादक पदार्थों की सप्लाई रोकना और देर रात होने वाले अपराधों पर लगाम लगाना है।
क्या प्रशासन क्लबों के अंदरूनी हिस्सों की भी जांच करेगा?
हां, प्रशासन केवल समय तय करने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि डांस फ्लोर और लाउंज में नशा विरोधी जांच भी करेगा।
यह नया नियम कब तक लागू होने की संभावना है?
आगामी कुछ दिनों में इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगने के बाद इसे पूरे शहर में लागू कर दिया जाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·21 मिनट पहले

सुबह चार बजे तक पार्टियां चलाने की छूट भला कौन देता है? वैसे भी आधी रात के बाद बाहर निकलने पर वैसे ही डर लगा रहता है, प्रशासन का यह कदम ठीक है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·21 मिनट पहले

रोहन जी, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछली बार जब मैं सेक्टर 26 के एक क्लब के बाहर था, तब रात के तीन बजे भी बाहर बेहिसाब हुड़दंग और नशे में धुत लोगों को देखकर सचमुच डर लग गया था।

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